Search Engine क्या है और कैसे काम करता है

Search Engine , सर्च इंजन

अगर आप यह जानना चाहते हैं, कि Search Engin क्या होता है , what is search engine in hindi ? तो आप बिलकुल सही जगह पर आये हैं। क्योंकि आज मैं आपको internet के एक सबसे जरुरी software system के बारे में बताने जा रहा हूँ। जिसके जरिये अभी आप यह आर्टिकल पढ़ रहे हैं और internet पर अपने पसंद की हर चीज को search कर पा रहे हैं। और वह है सर्च इंजन ( search engine )। आज अगर हमें किसी सवाल का जवाब ढूँढना होता है तो हम सीधा internet पर जाकर search करते हैं। और आपके सवालो के एक नहीं बल्कि कई जवाब मिल जायेगें और जिस भी भाषा में आप जानना चाहेंगे उसी भाषा में मिल जायेगा। चाहे आपको text article देखना हो या video या image । मगर यह कैसे संभव हो पाता है और search engine का इसमें कितना बड़ा योगदान है। आइये जानते हम सबसे पहले इसी को जानते है कि search engine क्या होता है ?

Search Engine क्या है –


Search Engine एक ऐसा software program है। जो internet पर उपलब्ध सभी websites की जानकारी को आप तक पहुंचता है। यह आपके द्वारा search किये गए शब्दों या keywords के आधार पर internet की सारी websites को एक सेकंड से भी कम समय में Crawl करता है या कह सकते हैं कि छान मारता है। और जो भी page उसको आपके keywords से सबसे ज्यादा मिलता जुलता मिलेगा वह उन web pages को आपके सामने प्रस्तुत कर देता है। और इन pages को हम SERPs ( Search Engine Result Page) कहते हैं। यहा पर मैं आपको एक बात clear कर देता हूँ कि internet पर हम जिन शब्दों को search करते हैं। उनको हम इन्टरनेट की भाषा में keywords कहते हैं। और आपके द्वारा search किये  गए किसी भी keywords के results को search engine मुख्यतः तीन steps में आपके सामने प्रस्तुत करता है। और वे 3 steps हैं।

  1. Crawling 1.25
  2. Indexing 
  3. Ranking and Retrieval 

हालाँकि इन तीनो processes से अंदर भी कई अलग अलग नियम यानी algorithm apply की जाती हैं। जिस से search करने वाले व्यक्ति के सामने एकदम सटीक जानकारी प्रस्तुत की जा सके।

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आज की तरीख में Google सबसे ज्यादा popular search engine है। दुनिया के 91.25%  internet user (1.30 Billion) किसी भी जानकारी को ढूँढने के लये Google search engine ही यूज करते हैं। क्योंकि Google search engine 200 से भी ज्यादा algorithm का स्तेमाल करके आपके सामने सटीक जानकारी पहुंचता है। जो बाकी के search engine जैसे yahoo, bing, duck duck go उतने अच्छे से नहीं कर पाते। तो चलिए अब जानते है कि search engine कैसे काम करता है ?

सर्च इंजन कैसे काम करता है –


जैसे ही आप किसी keywords को या किसी सवाल को search करते हैं तो search engine के  bots, spiders,crawlers आपके keywords से मिलते जुलते web pages पर जाते हैं । और उनमें heading, content, keywords, url, link, back link, ये सब चैक करते हैं । उसके बाद उनको जितने भी सबसे बेहतर web pages मिलते हैं उनको Quality के हिसाब से ranking करते हैं और आपके सामने best result को दिखा देते हैं। मगर ये bots, spider, crawlar इस पूरी छानबीन की process को 1 seconds से भी कम समय में पलक झपकते ही कर सकते हैं । और फिर आप को जो भी title अच्छा लगे आप उस पर click करके पूरी जानकारी पढ़ सकते हैं। चलिए अब जरा search engine  के उन 3 steps के बारे में भी जान लेते हैं।

Crawling –


crawling किसी भी web pages को search करने का सबसे पहला चरण होता है। जिसमें किसी भी सर्च इंजन के spiders, bots, या crawlers सर्च इंजन में Submit की गयी सभी वेबसाइट पर जाते हैं। और वहाँ से वह उन pages को collect करते हैं जिनसे user द्वारा सर्च किये गए keywords मिलते जुलत हों । crawling में search engine उसके पास मौजूद सारे डाटा को collect कर लेता है जिनमे user का keywords आता हो उसके बाद होती है। indexing आइये जानते indexing के बारे में।

Indexing 


दरअसल indexing में हर सर्च इंजन crawl किये गए सारे web pages को अपने database में place करता है और web pages की हर छोटी मोटी जानकारी को ध्यान में रखकर उसकी listing करता है। और इसी listing को हम indexing कहते हैं एक बहुत अच्छा उदहारण है –

कि मानो हमारे पास 2011  से लेकर और 2018 साल के हर एक महीने का question paper है। और अगर कोई हमें कहेगा कि मुझे अगस्त 2015 का question paper चाहिए, और अगर वह सारा एक साथ होगा तो हमें वह paper ढूँढते ढूँढते बहुत टाइम लग जायेगा, लेकिन अगर हम सारे question paper के लिए rack बना दें, जैसे 2011 और उसके महीनो के लिए अलग rack,  2012 और उसके हर महीनो के लिए अलग rack,  2013 और उसके हर महीनो के लिए अलग rack और इसी तरह से बाकी के सालो और उनके महीनो के लिए भी अलग से rack बना होगा तो हमारे लिए कोई भी डाटा ढूँढना बहुत ही आसान हो जायेगा।

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क्योंकि हम सीधे सबसे पहले 2015 वाले rack में जायेंगे और उसके बाद अगस्त वाले rack में जयेगे तो हमें उस व्यक्ति द्वारा माँगा गया paper तुरंत मिल जायेगा। और इस तरह हमारा घंटो का काम मिनटों में हो जायेगा और यही काम गूगल भी करता है। जिसको हम indexing कहते हैं मगर उसके bots और web software ये काम सेकंड से भी कम समय में कर लेते हैं। और फिर उसके बाद आखिर चरण आता है ranking and Retrieval.

Ranking and Retrieval –


लोग उसी search engine को सबसे ज्यादा स्तेमाल करेंगे जो exact वही जानकारी ढून्ढ के लाये जो user को चाहिए और वह आज की तारीख में गूगल से बेहतर और कोई नहीं है Ranking and Retrieval किसी भी search engine का सबसे अंतिम लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चरण है क्योंकि यही पर वह किसी page को बहुत सारे factors को ध्यान में रखकर rank करते हैं जिसमें वह web pages के को तो देखते ही हैं, साथ में यह भी देखते हैं कि यह वेबसाइट कितनी popular है कितनी पुराणी है, content कितन अच्छा है। और बहुत सारी algorithm होती हैं, जो page को सही जगह पर rank करवाती है। और फिर जब आप कोई भी जानकरी को search करते हैं तो आपको एक नहीं बल्कि हजारो results मिल जाते हैं। और search engine को जो आपके लिए सबसे best लगता है, वह उस result को सबसे टॉप पर दिखता है फिर दूसरा तीसरा चौथा और फिर नीचे तो और भी हजारो result होते हैं। मगर अपको अपना जवाब पहले या दुसरे में ही मिल जाता है। ranking and retrieval में हर search engine के अपने अपने अलग algorithm होती है।

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सर्च इंजन की सारी algorithm को समझना अब हमारे लिए नामुमकिन है। क्योंकि पहले Google सिर्फ दो ही चीजो से किसी वेबसाइट को rank करवा एक था back link जिसमें वह यह देखते थे, कि इस वेबसाइट का link बाकि कितनी और वेबसाइट पर है। और जिस websites के सबसे ज्यादा Back link रहते थे, उसको वह टॉप पर रखता था। और दूसरी algorithm थी article की keyword density मतलब किसी user द्वारा जो keyword search किये गए हैं। वो उस बहुत सारी back link वाली वेबसाइट के पोस्ट में कितनी बारी repeat हो रहा है।

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जिस भी web page पर वह keyword सबसे ज्यादा बार repeat किया गया हो, तो गूगल उसको सबसे पहले number पर रखता था। मगर वक़्त के साथ-साथ नयी नयी algorithm आती गयी और आज गूगल 200 से भी ज्यादा algorithm का स्तेमाल करता है। तब जाकर किसी web page को rank करवाता है। आज वह  backlink और keyword density से ज्यादा quality content पर ध्यान देता है। और उसी जानकारी को टॉप पर लेकर आता है जो सही में usefull है और आपके काम की है।

Google की कुछ महत्वपूर्ण  algorithm list –


  • Google Hummingbird
  • Google Pigeon
  • Google Panda
  • Google Penguin
  • Google Mobile Friendly
  • Google Payday 
  • Google Pirate 
  • Google Top Heavy
  • Google EMD (Exact Match Domain)

कैसे हुई सर्च इंजन की शुरुवात –


दुनिया का सबसे पहला search engine Archie था जिसको 10 september 1990 को launch कीया गया था। इसको McGill University, Montreal, क्यूबेक (कनाडा) के कंप्यूटर साइंस के एक छात्र  Alan Emtage ने बनाया था। जिसको यह एक Pre-Web Internet Search Engine था। जिसमें public File Transfer Protocol (FTP) archives को index किया गया था। उसके बाद 1994 में तो search engine का दौर ही चल पड़ा।

search engine of 1994 –

  • Infoseek
  • Galaxy
  • ALIWEB
  • Yahoo! Search
  • WebCrawler
  • Lycos

search engine of 1995 –

  • LookSmart
  • Excite
  • AltaVista
  • AOL buys WebCrawler

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search engine of 1996 –

  • BackRub (become Google in September 15, 1998)
  • Inktomi: HotBot
  • AskJeeves/Ask.com

search engine of 1998 –

  • MSN Search
  • Google
  • Overture

इसके बाद google के सामने कोई और search engine नहीं टिक पाया और गूगल लगातार नयी उंचाइयो को छूता चला गया। लेकिन September 25, 2008 में duck duck go और 2009 में Bing भी launch हुआ bing आज  google के बाद दुसरे number का सबसे बड़ा सर्च इंजन है और तीसरे पर है yahoo ।

दुनिया के सबसे Popular search engine –


दोस्तों 1994 से लेकर अब तक सर्च इंजन तो बहुत launch हुए लेकिन google के सामने मार्किट में कोई नहीं टिक पाया, और अगर बात की जाए आज की तो gs.statcounter.com के अनुसार गूगल सबसे उपर है ।

  1. Google – 91.25%
  2. Bing –      3.08%
  3. Yahoo! – 2.13%
  4. Baidu –  1.48%
  5. YANDEX RU –     0.25%
  6. DuckDuckGo –   0.25%
Search Engine , सर्च इंजन
search engine popularity in march 2018

Google की टक्कर में आज कोई भी search engine नहीं है । टक्कर तो छोडिये गूगल के आस पास भी नहीं है कोई क्योंकि गूगल ने अपने translate tool, language searching tool, google map android, जैसे 50 से भी ज्यादा बहुत ही usefull product लोगो को दिए हैं। और वे जो भी product लोगो को देते हैं वो लोगो की नज़र में एकदम खरा उतरता है और मैं भी दिल से कह सकता हूँ कि मैं भी गूगल का fan हूँ ।

Google को बनाने वाले larry page के बारे में पढ़ें – larry page का जीवन परिचय 

अंतिम लेख –


तो दोस्तों आशा है, कि Search Engine क्या है ? और कैसे काम करता है ? आपको पता चल गया होगा और कुछ usefull जानकारी अपने उस लेख से हासिल की होगी। वैसे तो मैंने वो सारी बाते यहाँ लिखी हैं, जो एक search engine के बारे में बताई जानी चाहिए। फिर भी यदि आपके मन में कोई सवाल या सुझाव तो आप नीचे comment में मुझे पूछ सकते हैं। और अगर आपको ऐसी ही technology के बारे में जानना अच्छा लगता है, तो आप मेरे ब्लॉग को subscribe कर सकते हैं। पढ़ते रहिये hindish.com ।

अपना ख्याल रखे शुक्रिया

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