GPS क्या है | what is GPS

GPS क्या है | what is gps

GPS क्या है, दोस्तों अपने बहुत बार जीपीएस का नाम सुना होगा और शायद आप जीपीएस के बारे में जानते भी होंगे और अगर नहीं जानते तो कोई बात नहीं मैं आपको बताता हूँ। कि GPS  क्या होता है तो चलिए अब जानते हैं ।

GPS क्या है | what is GPS ?

GPS क्या है | what is gps

GPS का पूरा नाम Global Positioning System होता है जो एक ऐसा सिस्टम है जिसकी मदद से हम अपने मोबाइल, लैपटॉप, टेबलेट्स या किसी अन्य नेविगेशन गैजेट की मदद से अपनी लोकेशन का आसानी से पता लगा सकते  हैं । ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) 20,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले लगभग 30 उपग्रहों का एक नेटवर्क है । जिनसे आपका जीपीएस रिसीवर treelimentation नाम की एक टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके हर सेकंड सिगलन  प्राप्त करता है और आपको आपकी सही लोकेशन बता है ।

GPS की शुरुवात


gps की शुरवात 1959 में US नौसेना ने पहली वास्तविक उपग्रह नेविगेशन प्रणाली का निर्माण किया, जिसे ट्रांजिट कहा जाता है। जिनको पनडुब्बियो का पता लगाने के लिए बनाया गया था  लेकिन ट्रांसिस्ट में समस्या यह थी कि इस से सिग्नल पाने के लिए उनको घंटो इन्तेजार करना पड़ता था । 1963 में  अमेरिका की Aerospace Corporation नामक संस्था ने अमेरिकी सेना के लिए एक शोध किया । जिसमे उन्होंने कई तरह की Research की और और अंततः एक ऐसी तकनीक को खोज निकाला, जो लगातार धरती पर सिग्नल भेज सके और धरती की सतह और हवा में चलने वाले विमानों का आसानी से तुरंत पता लगा सके । और इसी तकनीक का नाम था GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) ।

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पिछेल 10 बार सालो से रिसर्च और शोध करते हुए आखिरकार अमेरिकी एयरफोर्स ने अपने नेविगेशन परपस के लिए कुछ satellite  लांच किये  । जो हमको exact location का पता तो नहीं बताती थी लेकिन एक अंदाजन लोकेशन हमें तुरंत बता देती थी । उसके बाद धीरे धीरे satellite में सुधार होता गया । और इसको फ़ास्ट और सतीक बनाने के लिए लगातार काम किया गया । लेकिन 1983 में जब एक सिविलियन एयरक्राफ्टरूस गलती से रूस के एयर स्पेस में घुस गया था। तो रूस ने उस जहाज  को मार गिराया इसलिए US गवर्नमेंट ने यह फैसला किया की GPS को आम पब्लिक के लिये भी उपलब्ध कर दिया जाना चाहिये, और साथ ही साथ उनको जहाजो में भी उनकी सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए उपयोग किया जाएगा।

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और 10 – 12  साल की कड़ी मेहनत के बाद फिर 1993 में GPS को  आम पब्लिक के लिए भी उपलब्ध करवाया गया । 1993 से लेकर और 2005 तक US scientist इसको सुधारने के लिए लगातार मेहनत और research करते रहे, और उन्होंने यह काम पूरा भी किया और आज इसी का नतीजा है कि US 2005 से लेकर 2015 के बीच में करीब 50 से ज्यादा satellite लांच कर चुका है । जो हमको हमारी exact location का पता बता देती हैं । और आज GPS system इतना सटीक हो हो चूका है की आप जहा खड़े हैं आपकी location का पता तो बताता ही है। साथ ही अगर आप जैसे जैसे आगे बढ़ते हैं, आपके मोबाइल में आपको नेविगेट करने वाला errow📍….भी आपके साथ ही चलता है और आपको हर सेकंड यह जानकारी देता है, कि आप किस दिशा में बढ़ रहे हैं।

GPS कैसे काम करता है 


तो दोस्तों जैसे मैंने आपको बताया की अमेरिका अपने 50 से भी ज्यादा GPS satellite अंतरिक्ष में भेज चूका है जो लगातार हमारी धरती का  चक्कर लगा रहे हैं। तो ये जितने भी जीपीएस सेटेलाइट्स हैं उन सब मे एक Atomic clock लगी हुई है और ये क्लॉक करोडो साल तक भी हमारी धरती की घड़ियों के साथ एक दम सटीक बनी होती हैं । एक सेकंड का भी फर्क नहीं होता यानि जो टाइम हमरी घडियो में होता है वही टाइम उनमे भी सेट होता है । और यह करोडो साल तक भी एक दम हमारे टाइम के अनुसार चलता रहेगा ।

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इस से होता क्या है कि, जितने भी GPS satellite  हैं वो सब हर सेकंड में धरती पर Signal छोड़ती रहती हैं, और और सिगनल के साथ साथ जब वो सिग्नल छोड़ा गया था उसका टाइम भी साथ में छोडती रहती हैं । हर सेटेलाइट्स  करीब 20 bytes/minute की स्पीड से सिग्नल छोड़ता है जो कि बहुत ही स्लो स्पीड है । कोई भी गैजेट जिसमे GPS eciever लगा होता है वो अगर तीन satellite से Link  बनाने में कामयाब हो जाता है तो वह आपको आपकी सटीक लोकेशन आसानी से बता देता है।  क्योंकि GPS eciever को पता होता है कि उसको last time सिग्नल कब  भेजा गया था और उसने कब उस सिग्नल को प्राप्त किया था । और फिर उसके हिसाब से वह अपनी अभी के टाइम के अनुसार पिछले टाइम को माइनस करके सेटेलाइट से अपनी सटीक दूरी का पता लगा देता है। यदि जीपीएस रिसीवर तीन satellites से connect होता है,  तो वहअपनी सही लोकेशन बता सकता है । और अगर उसको चार satellite मिलते हैं तो आपकी लोकेशन की समुद्र तल से ऊंचाई भी बता देता हैं ।

GPS Live location और movement 


दोस्त आप जब अभी कही एक जगह से दूसरी जगह का सफ़र  कर रहे होते हैं, चाहे आप पैदल चल रहे हो या किसी vehicle में हो अगर आपने GPS ON किया हुआ और आप अपनी location देखते हैं और उसको navigate करते हैं, तो जहा से जहाँ तक आपको जाना है उसका map तो जीपीएस आपको बताता ही है साथ में आप जिस देशा में जितनी तेज चल रहे है वह location इंडिकेटर भी उतनी ही स्पीड से उस दिशा में चल रहा होता है ।

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तो जैसे की मैने आपको बताया की   चाहे आपके पास mobile, laptop, या कोई अन्य dadget है जो जीपीएस सपोर्ट करता है तो वह satellite से मिल रहे हर एक सेकंड को प्राप्त करता है, और फिर आपके device को हर सेकंड रिफ्रेश करता रहता है। तो जैसे जैसे हर सेकंड आप आगे बढ़ते हैं वह भी सेटेलाइट्स से सिग्नल प्राप्त कर रहा होता है । और लगातार Device refresh होता रहता है इसी लिए GPS on रखने पर मोबाइल की ज्यादा बैटरी खर्च होती है।

About kailash

मेरा नाम कैलाश रावत है और मैं hindish.com का एडमिन व लेखक हूँ और इस ब्लॉग पर निरंतर हिन्दी में ,टेक,टिप्स,जीवनियाँ,रहस्य,व अन्य जानकारी वाली पोस्ट share करता रहता हूँ, मेरा मकसद यह है की जैसे बाकि भाषाए इन्टरनेट पर अपनी एक अलग पह्चान बना रही हैं तो फिर हम भी अपनी मात्र भाषा की इन्टरनेट की दुनियां में अलग पहचान बनाये न की hinglish में ।

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