Cloud computing क्‍या है | What is Cloud computing ?

Cloud Computing क्‍या है | What is Cloud Computing ?

Cloud computing  एक ऐसी तकनीक है जिसमे आप अपना डाटा Internet पर Save करते हैं, और फिर उसको आप अपने Computer, laptop, Mobile, Tablet किसी भी डिवाइस से कभी भी कहीं से भी access कर सकते हो बस जिस device से आप अपनी Save की हुई file को access करना चाहते हो उसमें Internet उपलब्ध होना चाहिए। अगर मैं सरल शब्दों में आपको बताऊँ तो जैसे आप अपने कंप्यूटर पर कोई फाइल सेव करते हो और बाद में उसको कभी भी access कर सकते हो उसी तरह से हम अपनी किसी भी फाइल को internet server  पर save  करते हैं और कभी भी Access कर सकते हैं। बस फर्क इतना होता है कि कंप्यूटर पर फाइल सेव करने के लिए आपको Storage की जरुरत पड़ती है और और आप उस फाइल को अपने मोबाइल या किसी और डिवाइस  में एक्सेस नहीं कर सकते, जबकि Cloud Computing के जरिये आप इंटरनेट पर File Save करके दूसरे अन्य डिवाइस में भी एक्सेस कर सकते हो और आपको स्टोरेज की जरुरत भी  नहीं पड़ती।

Cloud computing कैसे काम करता है ?

क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए बहुत सारी कंपनियां Service provide करती हैं। लेकिन सभी कंपनियों का जो Working Structure होता है वह एक जैसा ही होता है जिनको दो भागों में बांटा जा सकता है।

Front End – फ्रंट एन्ड में वह सारी चीजें होती हैं जिनको कस्टमर देख सकता है, और उनको हैंडल कर सकता है।

Back End – बैक एन्ड में वह चीजे होती हैं जिनको कस्टमर नहीं देखता जैसे Servers, होते हैं, कंपनी का ऑफिस होता है, Software और Website developers होते हैं, वह पूरी टीम होती है जो आपके डाटा को सुरक्षित और मेन्टेन रखती है। जैसे उदहारण के लिए आप फेसबुक चलाते हैं, तो like, share, upload, status, comment ये सब तो आपको दिखते हैं लेकिन इसके पीछे फेसबुक को मैनटेन करने के लिए कितने सारे employee काम करते हैं वो आप नहीं देखते।  इसी को कहते हैं Back end. तो अब आप यह जान गए होंगे कि क्लाउड कम्प्युटिंग कैसे काम करता है तो अब जानते हैं  Cloud Computing के तीन प्रकारों के बारे में –

1- Infrastructure-as-a-service (IaaS):

यह सर्वीस ऑन डिमांड आईटी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर का एक्‍सेस देती हैं| इसमे स्‍टोरेज, नेटवर्क और कंप्‍यूटर शामिल है जो आपके वर्कलोड को रन करते है| एक बिज़नेसमन यूजर के रूप मे आप आईटी सर्वीसेस के लिए अनुरोध कर सकते हैं, और केवल वहीं सर्वीस का भुगतान करें जिन्‍हे आप यूज कर रहे हैं|

2 Platform-as-a-service (PaaS):

Platform-as-a-service (PaaS) यह एक क्‍लाउड बेस एनवायरमेंट है, जिसे आप आपके एप्‍लीकेशन को डेवलप, टेस्‍ट, रन और मैनेज करने के लिए इस्‍तेमाल करते हैं| इस सर्वीस में वेब सर्वर, देव टूल, एक्सिक्यूशन रनटाइम और ऑनलाइन डेटाबेस शामिल हैं| इसका दृष्टिकोण बुनियादी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को खरीदने, निर्माण करने या उसे मैनेज करने में होनी वाली जटीलता के बिना, आपकी जरूरत के अनुसार डेवलपमेंट एनवायरमेंट देना हैं| फलस्वरूप, आप फास्‍ट काम कर सकते हैं और एप्‍लीकेशन को जल्‍दी रिलीज कर सकते हैं|

उदाहरण के लिए, आपने अपनी खुद की ई-कॉमर्स वेबसाइट डेवलप की हैं, लेकिन शॉपींग कार्ट, चेकआउट और पेमेंट मेकेनिज़म यह सभी मर्चन्ट के सर्वर पर रन हो रहे हैं|

3- Software-as-a-service (SaaS):

SaaS छोटे व्यवसायों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाला सबसे आम रूप है, और इसमे रिमोट सर्वर पर होस्ट सॉफ्टवेयर का उपयोग शामिल है। यह आपके वेब ब्राउज़र के माध्यम से एप्‍लीकेशन रन करता हैं और आपके बिज़नेस के बाहर स्‍टोर फाइलों को सेव, रिट्रीव या शेयर करता हैं|

वेब आधारित ईमेल, ऑफिस सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन गेम्स, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट सिस्‍टम और कम्युनिकेशन टूल यह सभी SaaS के उदाहरण हैं|

Advantages of Cloud Computing in Hindi –

  • यहॉ 5 GB से लेकर 25 GB तक का Data Online Store किया जा सकता हैा
  • files को एक साथ Mobile, computer, laptop, tablet में access किया जा सकता है।
  • files को एक साथ कई स्‍थान पर Share किया जा सकता है।
  • सभी files का online व offline backup रहता है ।
  • computer खराब होने की दशा में किसी भी new Computer में files को easily से backup लिया जा सकता है।
  • इस facility का लाभ आप free ले सकते हैं।
  • कोई Additional hardware नहीं लगाना पड्ता है।
  • files को किसी भी स्‍थान पर open करके काम किया जा सकता है।
  • files को online भी edit किया जा सकता है।
  • use करना बहुत ही आसान है यह एक Computer / Windows Explorer की तरह ही दिखाई देता है।
  • कहीं भी घूमने समय अपनी Document को use किया जा सकता है।
  • यहॉ सबसे बडा फायदा यह है कि किसी भी size की file को online Share कराया जा सकता है, कोई File Size Limit नहीं होती है, जैसा कि आपको पता होगा कि email के करने के दौरान File attachment 10 MB से ज्‍यादा का मान्‍य नहीं होता है, किन्‍तु इसमें आप किसी भी size की file को online Share करा सकते हो।

Disadvantages of Cloud Computing –

जब आप अपनी File को किसी दूसरी कंपनी को दे रहे हैं तो वो निश्चित ही उसके पास पूरा कण्ट्रोल होता है कि वो आपके डाटा को देख सकते हैं उसको डिलीट कर सकते हैं।  हालाँकि ऐसा होता नहीं है क्योंकि कम्पनियो की भी कुछ Term & condition होती है जो की नियमो के अनुसार कंपनी को Follow करनी होती है।  जैसे Facebook, Instagram चाहे तो आपकी फोटो के साथ कुछ भी कर सकता है आपकी प्रोफाइल का misuse कर सकता है लेकिन वह ऐसा नहीं करता क्योंकि कम्पनी भी नियमो के अनुसार चलती है।  पर फिर भी अगर  ज्यादा ही जरुरत पड़े तो ऐसे में कंपनी के पास पूरा एक्सेस होता है।

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जैसे कि मैंने पहले ही बताया कि इसपर आप अपना डाटा इंटरनेट सर्वर पर Save करते हैं, और आइए में अगर आपके पास Internet connectivity नहीं होगी तो आप अपनी फाइल को एक्सेस नहीं कर सकते, इसलिए इंटरनेट का होना भी जरुरी है।

क्लाउड कंप्यूटिंग सर्वीस यूजर को कंट्रोल करती हैं। यह न केवल आप इस सेवा का उपयोग करने के लिए कितना भुगतान करगे यह तय करते हैं, लेकिन इसके साथ इसमे आप कौनसी इनफॉर्मेशन स्‍टोर कर सकते हैं और कहां से आप इसे एक्‍सेस कर सकते हैं यह भी तय करते हैं|

क्या क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए कोई Feesलगती है ?

वैसे तो सभी कंपनियां आपको 1 से 5 GB फ्री में उपलब्ध करवा देती है, लेकिन अगर उस से ज्यादा आपको उपयोग करना है तो उसके लिए आपको कंपनी को fees  देनी पड़ेगी। कंपनियों का रेट अलग अलग हो सकता है।

तो दोस्तों आशा है आपको Cloud computing क्‍या है | What is Cloud computing ? पता चल गया होगा और अगर कोई सवाल है तो कमेंट में पूछ सकते हैं।

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