ब्लैक होल क्या है | What is black hole in hindi

हम्रारा ब्रह्माण्ड इतने सारे रहस्यों से भरपूर है की हम अपनी सोच और  कल्पना को भी वहां तक नहीं पहुंचा सकते। नजाने कितने सालो पहले बना और कब तक रहेगा इसकी कोई कल्पना नहीं की जा सकती मगर जब से जीव जन्तुओ और मनवो का जीवन संभव हुआ है, तब से इंसान  ब्रह्माण्ड के बारे में थोड़ी बहुत (ब्रह्माण्ड के हिसाब से) जानकारी हासिल कर चुका है ।ब्रह्माण्ड गतिमान है, और रहेगा, हर चीज गतिशील और अस्थिर है लेकिन इनमे से कुछ चीजे ऐसी हैं, जो ब्रह्माण्ड को संजो कर रखती हैं तो कुछ ऐसी भी हैं जो हर चीज को नष्ट कर देती हैं।इनमे से एक होती है Black Hole (काला छिद्र) और आज हम इसी के बारे में कुछ तथ्य और रहस्य आपको बताना चाहते हैं तो चलिए जानते हैं ।

ब्लैक होल क्या है | What is black hole

नाभिकीय संलयन (nuclear fusion) से निकली हुयी प्रचंड ऊष्मा के कारण ही तारा गुरुत्वाकर्ष संतुलन में रहता है,इसलिए जब तारो में मौजूद हाइड्रोजन(Hydrogen) ख़त्म हो जाती है तो वह तारा धीरे धीरे ठंडा होने लग जाता है फिर अपने ही इंधन को समाप्त कर चुके सौर्य द्रव्यमान से 1.4 गुना द्रव्यमान (mass) वाले तारे जो अपने ही गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध खुद को नहीं संभाल पाते, तो ऐसी स्थिति में इन तारों के अन्दर एक विष्फोट (explosion) होता है जिसको हम सुपरनोवा,महानोवा या supernova कहते हैं कहते हैं ।इस विस्फोट के बाद यदि उस तारे का कोई घनत्व वाला अवशेष बचता है तो वह बहुत भयंकर घनत्व युक्त न्यूट्रॉन तारा (neutron star) बन जाता है।और ऐसे तारों में अपार गुरुत्वीय खिंचाव होने के कारण तारा संकुचित(Compress) होने लगता है और वह संकुचित होते होते अंत में एक निश्चित क्रांतिक सीमा(critical limit) तक संकुचित हो जाता है और इस अपार असाधारण संकुचन के कारण उसका space और Time भी विकृत(deform) हो जाता है और अपने में ही space और टाइम का अस्तित्व मिट जाने के कारण वह अदृश्य हो जाता और यही वह अद्रश्य पिंड होते हैं जिनको हम ब्लैक होल(black hole) कहते हैं ।

ब्लैक होल के बारे में दुनिया के सामने सबसे पहले अपने विचार professor John Michell ने 1783 में प्रकट किये थे जो cambridge university में एक अध्यापक थे ।उनके बाद 1796 में  France के एक scientist Pierre  simon ने अपनी किताब  The system of World में में black hole के बारे में बिस्तार से ज़िक्र किया ।यूँ तो michel ने अपना विचार दुनिया के सामने 1783 में रख दिया था मगर वैज्ञानिक प्रत्यक्षीकरण के साथ दुनिया के सामने आना वाला सबसे पहला black hole Cygnus X1  इस back holeकी प्रत्यक्ष पुष्टि 1972 में की गयी। का एक ऐसा पिंड है जिसका ग्रुत्वाकर्षण इतना तेज होता है की उसके पार रौशनी भी नहीं जा पाती और अंतरिक्ष में उसके आस पास या उसके गुरुत्वीय घेरे में आने वाली हर चीज को ब्लैक होल निगल जाता है सिर्फ यही नहीं black hole के जितने नजदीक जाते हैं उतना समय का प्रभाव भी कम होने लगता है और उसके अंदर समय का तो कोई अस्तित्व ही नहीं है ।

ब्लैक होल से जुडी अन्य जानकारियां 

किसी  ब्लैक होल का सम्पूर्ण द्रव्यमान एक छोटे से बिंदु में केन्द्रित रहता है जिसको जिसे central singularity point कहते हैं ।इस बिंदु के आस पास की गोलाकार सीमा या क्षितिज को event horizon कहा जाता है ।इस event horizon के बाहर प्रकाश या कोई और वस्तु नहीं जा सकती और ना ही वहां समय का कोई अस्तित्व है ।

Einstein के special theory of relativity के अनुसार इस ब्लैक हो की क्षितिज से कुछ दूर  एक निश्चित सीमा पर खड़े  प्रेक्षक की घडी बहुत slow हो जाएगी ,और वहां का Time बहुत slow चलेगा । याद रहे की समय निरपेक्ष है और समय का बहाव ब्रह्माण्ड की विभिन जगहों पर अलग अलग गति में है यानी की धरती पर जो टाइम चल रहा है ब्रह्माण्ड में कही दूर टाइम इस से Fast या slow टाइम चल रहा होगा । इसको time delusion कहते हैं ।माने या न माने पर यह एक भौतिकीय रोचक हकीकत है ।ब्लैक होल की क्षितिज के अन्दर आने वाली किसी भी चीज के अणु बिखर जायेंगे और वह धीरे धीरे अदृष्य हो जाएगी और ब्लैक होल के धनत्व में किसी अज्ञात (unknown) जगह पर चली जाएगी ।

South Union Laboratory के scientist ने अभी तक खोजा गया सबसे बड़े ब्लैक होल का पता लगाया है, इस ब्लैक होल ने अपनी मेजबान galaxy ADC का 1277 का 14% द्रव्यमान (mass)अपने अन्दर ले रखा है ।

ब्लैक होल के प्रकार | Types of Black hole 

हमारे ब्रह्माण्ड में कई तरह के black hole हो सकते हैं लेकिन अभी तक scientist मुख्य रूप से तीन तरह के ही ब्लैक होल्स का पता लगा सके हैं-

 

  1. stellar mass black hole-

    ऐसा तारा जिसका द्रव्यमान हमारा सूर्य से कुछ गुना अधिक होता है और गुरुत्वीय संकुचन के कारण वह अंततः ब्लैक होल बना जाता है उसे stellar mass black hole कहा जाता है

  2. supermassive black hole-

    ऐसे ब्लैक होल जिसका निर्माण आकाश गंगा(galeaxy) के केंद्र में होता है और जिसका घनत्व बहुत ही अपार होता है और विशाल होते हैं उनको supermassive black hole कहा जाता है ।ऐसे back hole का द्रव्यमान हमरे सूर्य से लाखो गुना अधिक होता है हमारी गैलेक्सी के बीच में भी एक supermassive black hole है जिसका घनत्व हमारे सूर्य से लगभग एक करोड़ गुना ज्यादा है ।

  3.  primordial black hole-

    कुछ ऐसे भी ब्लैक होल होते हैं जिनका द्रव्यमान (mass) हमारे सूर्य से कम होता है और जिनका निर्माण गुरुत्वीय संकुचन के कारण नहीं बल्कि अपने केंद्रता पदार्थ और ताप  के संपीडित होने के कारण हुआ है उसे हम primordial black hole ब्लैक होल कहते हैं ।इनके बारे में scientist का मानना है की इन छोटे ब्लैक होल का निर्माण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के कारण हुआ होगा ।भौतिक बैज्ञानिक stephen hawking  के अनुसार हम ऐसे ब्लैक होल का अध्यंक करके बहुत कुछ जान सकते हैं ।

scientist black hole का पता कैसे लगाते हैं 

John Michell के अनुसार ब्लैक होल अदृश्य होने के बावजूद भी अपने आस पास निकटतम स्थित आकाशीय पिंडो पर अपना गुरुत्वीय प्रभाव डालते है ऐसे में बीच में अँधेरा होता है लेकिन आस पास की चीजे उस अँधेरे की तरफ  खिच रही दिखाई देते हैं जिस से वह पर ब्लैक  होल होने की स्थिति का पता चलता है ।

कभी कभी ब्रह्माण्ड में दो तारे या दो गृह एक दुसरे की परिक्रमा करते नजर आते है और उनके बीच में एक बहुत बड़ा काल धब्बा दिखाई देता दिया  इस तरह वह पर balck hole होने की स्थिति पता चलती है ।

कभी कभी ब्लैक होल galexy के सभी तारो,पिंडो,ग्रहों को अपनी तरफ खीचकर निगलता हुआ नज़र आता है जिस से ब्लैक होल का होना  स्पस्ट हो जाता है ।

क्या पृथ्वी ब्लैक होल में समां सकती है 

अभी तक ऐसा कोई भी ब्लैक होल नहीं है जिसकी gravity इतनी तेज हो जो पृथ्वी को अपने अन्दर निगल  सके यदि कोई ब्लैक होल सूर्य के बराबर बड़ा भी हो जाये तो भी हमारी पृथ्वी उसके orbit (कक्ष) में होगी जैसे अभी सूर्य के कक्ष में है ।और कोई भी ब्लैक होल अपने गुरुत्वीय घेरे में आने वाली चीजो को ही निगल सकता है उस से बहार ही नहीं ।

तो आशा करता हूँ की आपको ब्लैक होल (black hole) के बारे में जानकारी मिल गयी होगी यदि आपका अभी भी कोई  सवाल रहता है तो आप हमें comment बॉक्स में लिख सकते हैं

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36 thoughts on “ब्लैक होल क्या है | What is black hole in hindi”

    1. nahi pahle yah ek tara hota hai jo bujhkar black hole ban jaata hai fir apne as pass ki sabhi cheejo ko apni tarf khench leta hai

    1. Bhai agr vho black hole mha chla jya tho Uske body kha choota choota particle ho jaygjee. That’s theory says there is no proof

  1. Sir you did a good job but what is your source of information?
    Is it you knowledge. …..
    Or any other sources. ……
    I want to know
    If you not have any problem ..
    Plz

    1. main book padhta hun, NASA article padhta hun or wikipedia padhta hu but bahut saare bhai bahan aise hani jinko hindi men iski jankari chahiye hoti hai isliye main sab jaagh se padhkr or apne shabdo men unko apni website pr post karta hun…

    1. iske baare men pahle mujhe study karni padegi tabhi jakar aisi post banaunga jisse kam se kam shabdo men main jada se jada baat samjha paun…taki mere visitor ka time bach jaye….jab tak study nahi ki tab tak galat janakri nahi daal sakta

  2. Blak hol time ko deform karti hai correct hai bcoz gravity responsible hai lekin kis theory per plz tell me detail…………………………………………..

      1. Nhi sir hum black hole se time travel kr skte h..Pr hme asa antriksh viman chahiye jo ki pure sury ki power ko apne aap me absorb kr skte

        1. rahul ji …
          kya apko lagta hai ki insaan aisa yaan bana payega jo suya ki pawer ko bhi obsorb kar paaye..mujhe lagta hai asambhav hai
          or black hole men to light ke photon bhi mud jaate hian jiski wajah se light paaar nahi ho paati to fir yaan to uske samne kuch bhi nahi,,,,

    1. kabhi nahi sambhav hi nahi hai wo itna bada or itna fast hai ki jahan hamare bhauntik ke saare niyam waha nistenaboot ho jaate hain or bina science ke kuch kar pana or bhi jada asambhav hai

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