बुलेट ट्रेन से भी तेज है आने वाली हाइपरलूप ट्रेन

hyperloop transportation india

इंसान अब इतना विकसित हो चुका है कि अपनी सुख सुविधाओ के लिए वह ऐसी ऐसी technology को develop कर रहा है जिस से इन्सान की ज़िन्दगी को सरल और सुगम और असान बनया जा सके। और वैज्ञानिक और खोजकर्ता लगातार ऐसी तकनीकी का निर्माण कर रहे हैं जिसको आम इंसान सोच भी नहीं सकता है। और उसी में से है Hyperloop train । जो आने वाले समय की टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खोजो में से एक होगी  hyperloop train इंसानों के transportation में एक अहम भूमिका निभाएगी जो धरती पर यात्रा करने के नक़्शे को ही बदल कर रख देगा।

hyperloop transportation india
hyperloop transportation

आपने अभी तक इंसान के ट्रांसपोर्टेशन के 4 तरीको के बारे में ही सुना होगा ।

  1. बस, ट्रेन।
  2. शिप (पानी की जहाज )।
  3. ऐरोप्लेन ।
  4. स्पेस सटल ।

और जिस स्पीड से धरती पर जनसँख्या बढ़ रही है उस हिसाब से ये सभी सुविधाए बोझ के मारे दब रही हैं। भारत की  ट्रेन में जनरल डिब्बे में यात्रियों का सफ़र कैसा होता है AC कोच या flight से जाना  सभी नागरिक  afford  नहीं कर सकते। इन सभी बातों को मध्य नज़र रखते हुए अब बिज्ञान अब 5वी  transportation सुवधा को विकसित करने जा रही है जिसका नाम है “fifth mode of transport”। जो सबके लिए super fast ही न नहीं बल्कि सभी नागरिको के लिए affordable भी होगा और environment friendly भी होगा जिस से हमारी धरती प्रदुषण मुक्त रहेगी तो चलिए लिए अब जानते हैं इसके बारे में की hyperloop transportation क्या है।

Hyperloop Transportation technology 


hyperloop transportation technology में एक पारदर्शी ट्यूब (transparent tube ) के अंदर एक कैप्सूल की तरह दिखने वाला स्ट्रक्चर होता है और इस स्ट्रक्चर के अंदर passenger के बैठें के लिए सीट और सामन रखने के लिए जगह  होती है। और यही कैप्सूल उस transparent tube के अन्दर एक जगह से दूसरी जगह 900 से 1200 km/hr की रफ़्तार से आसानी से दौड़ सकतता है। और इसमें घर्षण (friction) भी बिल्कुल नहीं होगा क्योंकि low Pressure  होगा और ये पूरा का पूरा कैप्सूल उस  tube के अंदर हवा में ही रहेगा ।अब आप सोच रहे होंगे की हवा में की चलेगा तो मैं आपको बता दूँ की उसको हवा में रखने के लिए दो प्रकार की technology का उपयोग किया जाता है  ।

जानिए हिग्स बोसॉन क्या है 

एक तो जो टेक्नोलॉजी Maglev train  में यूज़ होती है। वह टेक्नोलॉजी और दूसरी Air Pressure generate करने की टेक्नोलॉजी का एयर प्रेसर का technology का एक बहुत अच्छा उदहारण एयर हॉकी है कैप्सूल के अन्दर एक बैटरी भी राखी होगी और उस बैटरी से चलेगा air Compressure   जिस से पुरे सिस्टम को thrust  मिलेगा और यह काफी अच्छी स्पीड पकड़ पायेगा जो 900 से 1200 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और सबसे अच्छी बात  यह है  कि इस पुरे सिस्टम को चलने के लिए ज्यादा एनर्जी की जरूरत नहीं पड़ेगी और जितनी energy की जरूरत उस hyperloop train को चलाने के लिए होगी वह भी उस सिस्टम पर लगे सोलर पैनल से ही उसको मिल जाएगी। और उस   से भी अच्छि बात यह है कि इसका सोलर पैनल जितनी energy produce करता है, hyperloop train को उस से भी कम energy की जरूरत होती है इस तरह से न तो कोई air polutione होता है और न ही कोई sound polution और यह टेक्नोलॉजी बन जाती है। पूरी तरह से environment friendly technology.कम एनर्जी लगने के कारण इसमें  यात्रा करने के लिए हमको कम ही किराया देना पड़ेगा ।

Hyperloop का  Idea कैसे आया 


 Space X नाम की कम्पनी के फाउंडर Elon Musk को सबसे  पहले 2012 hyperloop transportation का आईडिया आया था लेकिन उस वक़्त वो अपने rocket और space shuttle बनाने में बिजी थे ।इसलिए उन्होंने इस आईडिया पर काम करने के लिए दूसरी फर्म को invite किया 2014 तक उन्होंने पूरा concept और मॉडल कंप्यूटर में  तैयार किया और इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए इस स्पेशल टीम को hyperloop technology  नाम दिया ।

Elon Musk hyperloop technology
Elon Musk

HDR और SDR क्या है 

2016 में उन्होंने मेवाड़ा डेजर्ट में एक छोटा सा परिक्षण किया जिसमें उन्होंने 3 km का एक प्रोटोटाइप बनाया था और इस hyperloop train को चलाया जो सफल रहा और बताया जा रहा है कि 2017-18 तक इसकी फाइनल टेस्टिंग भी पूरी हो जाएगी और 2021 में यह पब्लिक के लिए सार्वजनिक कर दिया जायेगा आइये अब जानते हैं इसके फायदे और नुक्सान ।

Hyperloop transportation के फायदे 


इस टेक्नोलॉजी का स्तेमाल करने से हमारा संसाधन और भी आसान हो जायेगा क्योंकि यह ग्राउंड पर सबसे फ़ास्ट और सस्ता है हमारा खर्चा भी बचेगा और टाइम भी ।

दूसरा यह की  और संसाधनो की तरह इसमें कोई शोर शराबा नहीं यानी कोई sound polution नहीं होगा ।

तीसरा फायदा यह है की इसके लिए डीजल पेट्रोल या बुजली की जरूरत नहीं यह खुद अपनी ही सोलर पैनल से प्राप्त जी उर्जा से चलेगा मतलब नो air Polution.

Hyperloop transportation के नुकसान


  इसमें नुकसान तो ज्यादा नहीं है पर यह बहुत फ़ास्ट है तो इसमें सफ़र करना बहुत ही डरावना हो सकता है जिस से ट्रेन में बैठे कुछ लोगो की तबियत बिगड़ सकती है ।

jpeg to word convert karne ke liye 5 website

G force की प्रॉब्लम, जब भी acceleration में ज्यादा फर्क पडता है तो तो G force बड़ी प्रोबलेम्म करता है जैसे ऐरोरोप्लन में कुछ लोग बेहोश हो जाते हैं तो इसलिए यहं भी वह प्रॉब्लम हो सकती है ।पर उम्मीद करता हु की इसका भी कोई न कोई जुगाड़ निकल दिया जायेगा ।

इस प्रोजेक्ट में दुनिया के 5 देशो को शामिल किया गया है जिसें  भारत भी शामिल है यदि भारत में यह सेवा शुरू होती है तो इसका पहला कोरिडोर बनेगा मुंबई से बंगलौर होगा ।

Share post, share knowledge

3 thoughts on “बुलेट ट्रेन से भी तेज है आने वाली हाइपरलूप ट्रेन”

  1. l am very motivated from your life. And i am very interested in your HYPER LOOP TRANSPORTATION Project. I also made a model of this transportation.
    I also involve this project when project start in India.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *