Share Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की Trading होती है

Share Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की Trading होती है

Share Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की Trading होती है

इस से पहले की हम यह जाने कि Share Market में कितने प्रकार की ट्रेडिंग होती है हम यह जान लेते हैं कि शेयर बाजार में ट्रेडिंग क्या होती है।

Share Market Trading क्या है ?

Trading का सरल भाषा में अर्थ है, किसी वस्तु या सेवा को मुनाफा कमाने की आशा से खरीदना और बेचना। इसी तरह से जो  Traders होते हैं वह कम दाम में शेयर को खरीदते हैं और ज्यादा दाम में बेच देते हैं जिस से जिस से उनको मुनाफा होता है। आपको अच्छे से समझाने के लिए मैं एक छोटा सा उदहारण देता हूँ की माना आज SBI bank का Share price 180 रुपये चल रहा है। और मैंने 180 रुपये के हिसाब से SBI के 300 शेयर 54000 रुपये में खरीद लिए अब एक महीने बाद SBI bank का शेयर बढ़कर 180 रुपये से 200 रुपये हो जाता है तो अब आपको एक शेयर पर 200-180=20 रुपये का फायदा हो गया तो अब मैं अब चाहूँ तो अपने इन 300 शेयर को 60000  रुपये में बेच सकता हूँ जिस पर मुझे 6000 रुपये का मुनाफा हुआ। और यदि मुझे लगता है की शेयर की कीमत और बढ़ेगी तो मैं अभी उसको अपने पास ही रहने दे सकता हूँ , तो इस तरह से शेयर मार्किट में पैसा कमाया जाता है। और इसी को Trading करना बोलते हैं।

लेकिन अगर आप किसी शेयर को खरीदते हैं और शेयर की कीमत बढ़ने की जगह घटती है तो आपको ऐसी परिस्थिति में आपको नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।

शेयर मार्किट में  शेयर बेचकर भी पैसा कमाया जा सकता है ?

Usually जब हम कोई व्यापर करते हैं तो कम कीमत पर खरीदते हैं और ज्यादा में बेचते हैं तो हमको मुनाफा होता है लेकिन Share Market में एक अच्छी चीज यह भी है कि आप किसी कंपनी के शेयर को ज्यादा में बेचकर और कम में खरीदकर भी पैसा कमा सकते हो जिसको short sell कहते हैं।  उदाहरण के तौर पर यदि SBI का शेयर अभी 180 रुपये चल रहा है और आपको लगता है कि अब यहाँ से इसकी कीमत गिर सकती है तो आप वह पर SBI के शेयर को Sell कर सकते हो तो माना अपने 300 शेयर को Sell कर दिया और कुछ महीने बाद SBI का शेयर गिर कर 150 पर आ जाता है तो उस समय आप चाहे तो उसको buy कर सकते हैं। इस तरह एक शेयर पर आपको 180-150=30 रुपये का फायदा होगा। अब देखिये अपने sell किया था 300 शेयर को 180 रुपये के हिसाब यानी 54000 रुपये लगाकर और अब आपको हर शेयर पर 30 रुपये का मुनाफा हुआ यानी 300*30= 9000 रुपये का फायदा हुआ। लेकिन अगर आप किसी शेयर को बेचते हैं और शेयर की कीमत घटने की बजाय बढ़ने लगती है तो आपको ऐसी परिस्थिति में भी आपको नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।

तो इस प्रकार हम दूसरे शब्दों में यह भी कह सकते हैं कि शेयर बाजार ( Share Market ) में शेयर की खरीद बिक्री को ही Trading कहते हैं। अब हम यह जान लेते हैं कि ट्रेडिंग (Trading) कितने प्रकार की होती है।

ट्रेडिंग (Trading) कितने प्रकार की होती है ?

शेयर बाजार में 4 प्रकार की ट्रेडिंग होती है और चारो प्रकार की ट्रेडिंग के बारे में हम नीचे विस्तार से जानेंगे।

1 . स्कैल्पर ट्रेडिंग ( Scalper Trading) –

Scalping यह शेयर ट्रेडिंग का ऐसा तरीका है, जिसमें शेयर को खरीदने के 5-10 मिनट के अंदर ही बेच दिया जाता है।  स्कैल्पर ट्रेडिंग किसी कानून के आने या आर्थिक जगत की किसी बड़ी खबर आने पर की जाती है।  शेयर मार्केट के पुराने दिग्गज स्कैल्पर ट्रेडिंग करते हैं।  इसमें जोखिम सबसे ज्यादा होता है क्योंकि एक दिन में किसी भी कंपनी का शेयर ऊपर नीचे होता रहता है और स्कल्पेर तो 3-5-10-15 मिनट के हिसाब से ट्रेडिंग करते हैं तो ऐसे में जोखिम भी बढ़ जाता है ।

2 . इंट्रा-डे ट्रेडिंग (Intra Day Trading) –

Intra Day Trading में एक ही दिन में शेयर खरीद कर उसे बेच दिया जाता है।  मार्केट खुलने के बाद आप शेयर खरीदते हैं और मार्केट बंद होने से पहले उसे बेच देते हैं।
इसे डे-ट्रेडिंग, MIS (Margin Intra day Square off) आदि भी कहते हैं।  Intra Day ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर आपके ट्रेडिंग अकाउंट में मौजूद रकम का 20 गुना आप को मुहैया कराता है।  इसका मतलब यह है कि आप उधार रकम लेकर शेयर खरीद सकते हैं और उसी दिन बेच कर उसे वापस कर सकते हैं। यह वास्तव में वैसे निवेशकों के लिए जिन्हें बाजार की बहुत ज्यादा समझ होती है।

3. स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading) या शार्ट टर्म ट्रेडिंग –

Swing Trading थोड़े लंबे समय के लिए किया जाता है। इसमें आम तौर पर शेयर खरीदने के बाद उसकी डीमैट अकाउंट में डिलीवरी ले ली जाती है।  स्विंग ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर कोई मार्जिन मुहैया नहीं कराता है। अगर आप अपने निवेश के लक्ष्य के हिसाब से 5-10 % लाभ की उम्मीद पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग कर रहे है, तो स्विंग ट्रेडिंग से आप पैसे कमा सकते हैं।

4. LONG TERM ट्रेडिंग  –

जब आप किसी शेयर को खरीद कर लंबी अवधि  के लिए रख लेते हैं तो उसे Long term ट्रेडिंग कहते हैं।  स्टॉक मार्केट में ट्रेड करने के बाद अगर आप एक निवेशक के रूप में किसी शेयर में 6 महीने से लेकर कुछ साल तक बने रहें तो यह लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग है।
अगर आप किसी कंपनी के शेयर को एक, तीन या पांच साल या इससे ज्यादा अवधि के लिए खरीदते सकते हैं।  कंपनी के कारोबार में अगर तेजी से वृद्धि हो तो Long Term Trading में आप बहुत अच्छा लाभ कमा सकते हैं। आप जिन बड़े निवेशकों के बारे में सुनते हैं वे सभी लॉन्ग टर्म ट्रेडिंग से ही मुनाफा कमाते हैं।  इनमें राकेश झुनझुनवाला, पोरिन्जू वेलियथ, डॉली खन्ना जैसे नाम शामिल हैं।


तो दोस्तों आशा करता हूँ कि आपको इस आर्टिक्ल से शेयर बाजार में ट्रेडिंग क्या होती है यह भी समझ आया होगा, और Share Market में ट्रेडिंग कितने प्रकार की Trading होती है यह भी समझ आया होगा। आप ऐसे ही अन्य article हमारी वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं

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