टाइटैनिक जहाज से बचे 10 लोगों की अनसुनी दास्ताँ

टाइटैनिक जहाज डूब रहा है

दुनिया में टाइटैनिक जहाज के बारे में भला कौन नहीं जानता होगा ।यह उस वक़्त दुनिया का सबसे बड़ा जहाज था जिसकी वजह से इस जहाज ने काफी सुर्खियाँ बटोरी लेकिन दुर्भाग्यवश  जब 15  अप्रैल 1912 में अटलांटिक महासागर में यह डूबा तब यह हमरी धरती के इतिहास की सबसे बड़ी घटना बनी जिसमें 1,503 लोगो की मृत्यु हुई और 705 लोगो को  टाइटैनिक में मौजूद नावो  के द्वारा बचाया गया था जेम्स कैमेरून द्वारा बनायीं गयी फिल्म Titanic इसी ऐतिहासिक घटना पर आधारित है जो सबकी आँखों को नाम कर देती है। वैसे तो टाइटैनिक जहाज के डूबने के बाद सिर्फ 705 लोग ही जीवित बच पाए थे लेकिन उनमे से 10 लोगो की कहानी जटिल सी है जो उसमें अप्रत्याक्षित रूप से काम करते  थे तो चलिए जानते हैं टाइटैनिक जहाज से बचे 10 लोगों की गज़ब बातें।

टाइटैनिक जहाज
टाइटैनिक जहाज

10. फ्रैंक प्रेन्टिस – क्रू (सहायक स्टोरकीपर )


फ्रैंक प्रेन्टिस जो की टाइटैनिक जहाज में एक सहायक स्टोर कीपर का काम करते थे वे टाइटैनिक जहाज के डूबने से ठीक पहले जैसे ही आधे से ज्यादा जहाज पानी  में गया और उर्द्वाधर सीधा होकर डूबने वाला था तब फ्रैंक प्रेन्टिस और इनके दो दोस्त जान  बचे में लगे    हुए थे मगर तब तो 1 1 सेकंड इतना कीमती था की एक सेकंड ज़िन्दगी दे सकता था और एक सेकंड ज़िन्दगी छीन सकता था। जैसे  ही जहाज का आगे हां हिस्सा डूबते जा रहा था और पीछे का उठता जा रहा था ऐसे में उनके दोनों दोस्त बुरी तरह फिसल गए और उनकी वही मौत हो गयी उनके उपर फिर फ्रैंक प्रेन्टिस ने फैसला किया की समय रहते ही मुझे खुद नीचे कूद जाना चाहिए ऐसे में उन्होंने 100 फीट उपर से छलांगा लगायी और नीचे किसी मृत आदमी के उपर जा गिरे इन्होने  और वहीँ बगल में लाइफबोट थी। जिसके द्वारा उनको बचा लिया गया था और इनके कूदते ही देखते ही देखते सारा जहाज पानी में समां गया जब इन्होने पानी में छलांगा लगायी exact उसी टाइम titanic डूबा था। क्योंकि जैसे इन्होने पानी में छलांगा लगायी तब इनकी घडी ख़राब हो गयी थी और और 2:20 पर रुकी हुयी थी ।

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9- चीन के 8 यात्री


आपको यह जानकारी हैरानी होगी और मानवता की मिसाल भी मिलेगी की बहुत सारे कर्मचारियों ने अधिकारियो के नियमो का पालन किया और अपनी जान से खेलते हुए पुण्य का भागीदार बनकर उन्होंने  lifeboat में अपनी कई सीट छोड़कर बच्चो और महिलाओ को सीट दे दी ।

वही चीन के आठ यात्री जिनको एक ही टिकेट से रवाना किया गया था अब आप सोच रहे होंगे ऐसे कैसे हो सकता है। जी हाँ ये जहाँ काम करते थे कहीं कोयले की खान में काम करते थे और वहां हड़ताल हो गयी थी जिसके कारण इनको बहार निकाल दिया गया था और कंपनी के द्वारा इन सब की एक ही टिकेट बना कर इनको होन्ग कोंग के रस्ते वापस जाने के लिए भेज दिया गया था लेकिन इनमें से एक की मौत हो गयी थी और 7 जिन्दा बच गए थे यहाँ एक जापान का नागरिक भी था जिसकी भी मौत हो गयी ये हमारे एशिया महाद्वीप का सौभाग्य था जो 9 एशियाई यात्रिओ में से 7 की जाना बच गयी थी । ये 10 जगह कितनी खूबसूरत हैं  देखिये 

7- ओलॉस जोर्गेन्सन एबेलसथ – 2nd class passenger


ओलॉस जोर्गेन्सन एबेलसथ South Dakota से लौट अपने रिश्तेदारों के घर से वापस अपने देश norvey आ  रहे थे। इस दौरान इनके परिवार के 5 सदस्य इनके साथ थे बेल्सेथ को मछुआरे के रूप में छह साल का अनुभव था और नाविकों को बोट पर चढ़ाना उतारना भी आता था, लेकिन उसके भाई और चचेरे भाई ने कहा कि वे तैर नहीं सकते इसलिए उन्होंने अपने परिवार के साथ रहने का फैसला किया। जैसे ही जहाज पानी में डूबा इनके तब लाइन की धक्का मुक्की में इनका अपने परिवार वालो से हाथ छूट गया और वे खो गए और जहाज पानी में डूब गया बेल्सेथ को मछुआरे के रूप 6 साल का अनुभव था इसलिए वो 20 मिनट तक पानी में तैरते रहे। तैरते तैरते उनको लाइफ बोट मिल गयी फिर उसमें सवार लोगो ने उनको खींचा और बोट में बिठाया लाइफबोट में सारे लोग बर्फीले पानी से बेहोश हो गए थे लेकिन बेल्सेथ में बोट चलायी और उन सभी को जीवनदान दे दिया भले ही वे अपना परिवार खो चुके थे।

6 – चार्ल्स जोफिन – क्रू (चीफ बेकर)


28 डिग्री पानी में अधिकांश लोग हाइपोथर्मिया से 15 से 30 मिनट के भीतर मर गए, लेकिन चार्ल्स जोफिन एक ऐसे उदहारण है जो यह साबित करता है कि प्रकृति का नियम सब पर एक जैसे काम नहीं करते चार्ल्स जोफिन जो की टाइटैनिक जहाज के क्रू मेम्बर थे ।और टाइटैनिक जहाज से बचे हुए लोगो में से वे भी एक हैं। चार्ल्स जोफिन लोगो को बचने में लगे हुए  थे और जहाज से नीचे चीजो (कुर्सी टेबल टायर) को फेंके जा रहे थे ताकि लोगो को इन चीजो से तैरने का सहारा मिल सके और जब अंत समय आया तो यह भी पानी में   कूद गए और एक घंटे तक पानी में रहे। और तब एक दो तब एक लाइफबोट में बैठे नाविकों की नज़र इन पर गयी और इनको बचाया गया। वे दावा करते  हैं की इस दौरान उनका सर कभी भी पानी में नहीं डूबा और उनके जिन्दा बचे दोस्तों का कहना है कि वो एक घंटे तक इस ठन्डे पानी में शराब के कारण जीवित रह पाए क्योंकि इन्होने शराब पी ली थी । ये हैं दुनिया के 10 सबसे खतरनाक देश

5- रिचर्ड नॉरिस विलियम्स – 1st class passenger


रिचर्ड नॉरिस विलियम्स अपने पिता के साथ राज्यों में टेनिस टूर्नामेंट में 1st class में सफ़र कर रहे थे। यह अपना ज्यादातर समय कसरत रूम    में बिताते थे इसलिए ये अपनी कसरत में ब्यस्त थे लेकिन जब जहाज पानी  में डूबने लगा तो इनके पुरे कमरे में इतना पानी भर गया। इनके पिताजी उस पानी की लहर को सहन नहीं कर पाए और वही कहीं लहरो में दफ़न हो गए लेकिन रिचर्ड तैरते रहे और आखिरकार उनको बचा लिया गया ठन्डे पानी की कारण इनके   पैरो में Carpathia भी हो गया था लेकिन इलाज के बाद वह  पूरी तरह से ठीक   हो गए  थे और 1942 के ओलंपिक में टेनिस में स्वर्ण पदक भी जीते।

4- रोडा “रोजा” एबॉट – 3rd class passenger


ये बात तो सब जानते हैं की हमें महिलाओ और बच्चो के साथ प्यार से पेश आना चाहिए। लेकिन जब प्रकृति अपना रंग दिखाती है तब नजाने क्या क्या करना पड़ता है यहं रोडा के साथ कुछ ऐसा ही हुआ ये अपने 2 बच्चो  और अपनी पत्नी के साथ नाव पर बैठे थे टाइटैनिक जहाज की लम्बाई 269. मीटर थी इसलिए एक छोर से दुसरे छोर तक जाने में बहुत वक़्त लगता था लेकिन यहाँ आपदा के वक़्त जो बीतती है वो तो उनको ही पता होता है ।जैसे ही नाव डूबने वाली थी तो रोड़ा ने अपने छोटे बच्चो  और पत्नी का हाथ  पकड और नीचे रेलिंग पर कूद गया जिस से उसके पैरो पर गंभीर चोट आई तेजी से उस वक़्त उस रेलिंग में भी पानी घुस गया था जिस से उसकी बीबी बच्चे आपदा का शिकार हो गए लेकिन रोज़ा को बचा लिया गया और वह 2 हफ्तों तक हॉस्पिटल में रहा ।

3- हेरोल्ड चार्ल्स फिलिमोर – क्रू (स्टूर्ड)


जेम्स कैमरन के द्वारा बनायीं गयी फिल्म टाइटैनिक  में इनकी भूमिका अभितेत्री कैट विंसलेट ने निभाई है Titanic film की जो लव स्टोरी है उसमें लड़की का किरदार में यही हैं लेकिन डायरेक्टर ने इस फिल्म को दर्शको के लिहाज़ से कुछ काल्पनिक सीन भी डाले हैं हेरोल्ड चार्ल्स life saving jacket पहनने के कारण बहुत देर से पानी में ही थी और जब जहाज डूब चुका था तो टाइटैनिक जहाज में मौजूद 20 लाइफबोट में से 19 लाइफबोट जा चुकी थी तब वहाँ नज़र आ रहे थे सिर्फ मरे हुए लोगो की तैरती हुई बॉडी और जहाज के अंदर का हल्का फुल्का सामान जो पानी की सतह पर तैर रहा था। आखिरी लाइफबोट बची हुई थी और हेरोल्ड बहुत दूर थी तब उन्होंने पास मरे हुए एक अधिकारी के पास गयी और उसके गले में लटक रही सीटी को बजाया तब आखिरी लाइफबोट ने सुना और उनको बचने फिर से वापस आ गए और उनको सुरक्षित बचा लिया गया । Top 10 future technology देखे

2- हेरोल्ड ब्राइड – Marconi Wireless Company


हेरोल्ड ब्राइड मार्कोनी वायरलेस कंपनी दो टेलीग्राफ ऑपरेटरों में से एक थी,जिसका काम मुख्य रूप से जहाज के यात्रियों के बीच संदेशों को पास करना था। और साथ ही साथ आपदा आने पर दुसरे जहाजो से साथ संपर्क   बनाए के लिए भी बाध्य था उन्होंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी कि वे  दुसरे जहाजो से संपर्क  बना सके आस पास मौजूद दुसरे जहाजो को सन्देश दे सके पर बदकिस्मती से  वक़्त वहां कोई जहाज मौजूद नहीं था आखिरी मिनटों में जब उस कण्ट्रोल रूम में भी पानी घुस गया तब और सब तहस नहस हो गया लेकिन इन्होने life    savaing  jacket पहनी थी जिस से उनको किसी तरह बचा लिया गया ।

1-  चार्ल्स लाइटोलर – Second Officer


जहाज के हिमखंड से टकराने के बाद लाइफबोट का काम चालू करने वाले सबसे पहले इन्सान चार्ल्स ही थे लेकिन रात  के 2:00 (जहाज़ डूबने से ठीक 20 मिनट पहले) एक ऑफिसर होने के नाते उनको उनके सीनियर ने आदेश दिया कि वे लाइफबोट पर चले जाये लेकिन उन्होंने जवाब दिया “ये संभव नहीं है ” और वे यात्रियों को निकलने के काम में लग ग।ए और अंत तक लोगो का हौंसला बढ़ाते रहे और अंत में वह जान बचने जाहाज से कूद गए और तैरने लगे इनको टाइटैनिक जहाज में बचाए जाने वाले व्यक्तियों में सबसे अंतिम बचाया जाने वाला व्यक्ति माना जाता है। जीवित रहने वाले सबसे वरिष्ठ अधिकारी के रूप में, वह कांग्रेस की सुनवाई में स्टार गवाह भी थे।

टाइटैनिक जहाज से बचे 10 लोगों की ये बाते आपको जरूर पसंद आई होंगी ऐसी जानकारी के लिए पढ़ते रहें हिंदिश.कॉम  लाइक करें शेयर करें और  ऐसी ही रोचक जानकारियों के लिए Top 10 केटेगरी में जाएँ ।

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