Technical Analysis क्या होता है

Technical Analysis क्या होता है, और इसकी क्या आवश्यकता है, इस विषय में हम विस्तार से आपको बताएँगे। अगर आप Stock Market या Forex के बारे में थोड़ा बहुत जानते हैं या ट्रेडिंग करते हैं या किसी शेयर बाजार  चैनल को देखते होंगे तो वहां आपको Charts बहुत दिखते होंगे। स्टॉक मार्किट में बहुत से लोग आपको शॉर्ट टर्म्स कॉल देते हैं, और news channels पर भी अपने देखा होगा कि कुछ लोग कहते हैं कि इस शेयर को इतने में खरीद लो इतने में बेच लो वगेरह वगैरह। यदि आप टेक्निकल एनालिसिस सीख जाते हो तो आप  खुद ही ट्रेडिंग कर सकते हो या स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट कर सकते हो। तो आइये सबसे पहले जानते हैं कि Technical Analysis क्या होता है। 

Technical Analysis क्या होता है –

Technical Analysis आपको यह बताता है कि पहले ऐसे हुआ था इसलिए बाद  में भी ऐसा होगा।  क्योंकि आपके पास उसका डाटा है या हिस्ट्री रिकॉर्ड है जो बताता है कि स्टॉक इस पॉइंट से ऊपर गया था या नीचे आया था इसलिए सम्भावना होती है कि वह दुबारा उस पॉइंट से ऊपर या नीचे जायेगा, यदि स्टॉक का past pattern जैसा है हो सकता है कि फ्यूचर में भी उसका  वही पैटर्न बनेगा, जैसा कि अपने सुना भी होगा की इतिहास खुद को दोहराता है तो बस स्टॉक मार्किट या फोरेक्स में इसी चीज को टेक्निकल एनालिसिस कहा जाता है।

मैं जानता हूँ की अभी इसको समझना थोड़ा मुश्किल हो रहा होगा, आइये एक उदाहरण से इसको समझते हैं ताकि समझने में और आसानी हो जाये –

मान लीजिये कि आपको 7वीं क्लास 70% नंबर आये 8वीं में 75 % आये और 9वीं में 80% आये तो इस  हिस्ट्री डाटा के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि 10वीं  क्लास में आपको 80% से 85% नंबर मिल सकते हैं। तो इसी को कहते हैं टेक्निकल एनालिसिस

Stock Market में Technical Analysis कैसे करते हैं ?

अभी आपने ऊपर देखा की हमने आपको उदहारण देकर समझाया, जो एक सिंपल उदाहरण था लेकिन जब बात आती है शेयर बाजार (Stock Market ) की तो यहाँ टेक्निकल एनालिसिस करने के कुछ तरीके हैं। यदि आप स्टॉक मार्किट के बारे  थोड़ा बहुत जानते हैं तो शायद आप Indicators, Candlesticks, Chart Patterns आदि इन चीजों के बारे में जरूर जानते होंगे। तो कुछ लोग इंडिकेटर जैसे Moving Average, RSI, Bollinger Band, जैसे इंडिकेटर को Analysis करके ट्रेडिंग करते हैं और कुछ लोग Price Action (only candle and chart patterns) को देखकर ही टेक्निकल एनालिसिस करते हैं और ट्रेड करते हैं, जिसमे वह पैटर्न्स देखते हैं जैसे कि head and shoulder, double bottom, cup and handle, double top, tripple top, tripple bottom अदि। दोस्तों डिटेल में अगर मैं एक ही आर्टिकल में बताऊंगा तो यह article बहुत लम्बा हो जायेगा इसलिए मैं आपको डिटेल में समझाने के लिए  Indicators, Price Actions, candlesticks, Moving Average इन सब पर अलग से आर्टिकल बना दूंगा ताकि आपको और डिटेल में जानकारी मिले।

Technical Analysis क्यों काम करता है ?

पहले मैं आपको एक उदहारण देकर समझाता हूँ कि यह क्यों काम करता है ताकि बाद में समझने में आसानी हो जाये। तो मान लीजिये एक बाजार है जहां पर बहुत सारी दुकाने हैं और आपको समझ नहीं आ रहा है कि  आपको कौन सी दुकान में जाना चाहिए। तो यहाँ पर Normally Thinking यह होती है कि जिस दूकान  पर ज्यादा भीड़ होगी उसी से सामान लिया जाये क्योंकि जिस दूकान पर भीड़ है इसका मतलब उसके पास अच्छा सामान है जो और उस दूकान पर लगी भीड़ उसका प्रमाण है।

तो इसी तरह से शेयर बाजार में भी जिस पॉइंट पर पर आकर शेयर का भाव ऊपर जाता है या नीचे आता है उसी पॉइंट से फिर शेयर का भाव ऊपर या नीचे जा सकता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर कोई व्यक्ति यही सोचता है कि पिछली बार शेयर का भाव यहाँ से नीचे गया था इसलिए इस समय भी नीचे जा सकता है इसलिए वह अपने शेयर बेच देता है, इसी तरह बाकी लोग भी यही मेंटालिटी के साथ वहांपर Share को Sell करते हैं और नतीजन  वहां पर सप्लाई बढ़ जाती है और प्राइस फिर से नीचे आ जाता है। और इसी तरह किसी पॉइंट पर आकर अगर शेयर का भाव ऊपर जाता है तो जब ऊपर से शेयर गिरते हुए फिर उसी पॉइंट की सीध में पहुँचता है तो कुछ लोग इस उम्मीद से खरीदते हैं की भाव यहाँ से ऊपर जाएगा, बहुत सारे लोगो  की एक जैसी मेंटालिटी होने के कारण वह पर बहुत लोग शेयर को खरीदने लगते हैं नतीजन उस जोन में डिमांड बढ़ जाती है और शेयर का भाव देखते ही देखते ऊपर चला जाता है।

Technical Analysis कभी कभी क्यों fail हो जाता है ?

कभी कभी ऐसा होता है की टेक्निकल एनालिसिस के हिसाब से आपको Stock Buy करना होता है लेकिन वह स्टॉक उस पॉइंट से ऊपर जाने की बजाय नीचे आ जाता है और नतीजन आपको Loss झेलना पड़ता है तो ऐसा तब होता है जब उस कंपनी के बारे में या उस जिस सेक्टर की वह कम्पनी है उस सेक्टर के बारे में कोई न्यूज़ आ गयी हो या कोई अफवाह फ़ैल गयी हो। या सरकार उस सेक्टर की कम्पनियो के लिए कोई घोसणा कर दे। तो ऐसे परिस्थिति में ये कोई मायने नहीं रखता कि स्टॉक अपने Support पर है या resistance पर ,  वह स्टॉक उस समय न्यूज़ या अफवाहों के अनुसार ही ऊपर नीचे जायेगा। इसलिए जब आप intraday trading या स्विंग ट्रेडिंग करते हैं तो ध्यान रखें की अगर कंपनी के बारे में positive news है तो स्टॉक के ऊपर जाने के बहुत high chance होते हैं और अगर कंपनी या उस कंपनी के सेक्टर के लिए कोई बुरी खबर है तो उस सेक्टर की कंपनियों का शेयर प्राइस नीचे आने के बहुत high chances होते हैं। इसलिए जब किसी कम्पनी के बारे में कोई news या अफवाह चल रही हो उस समय आपको उस कम्पनी में टेक्निकल एनालिसिस देखकर ट्रेडिंग नहीं करनी चाहिए क्योंकि उस वक़्त Technical Analysis काम नहीं करता है।

टेक्निकल एनालिसिस  कब उपयोग करना चाहिए ?

टेक्निकल एनालिसिस को आप सिर्फ Intraday Trading, Swing Trading, Short Term Trading में ही उपयोग कर सकते हैं क्योंकि इसमें वह अच्छे से काम करता है, लेकिन जब आप किसी कम्पनी में Long Term के लिए इन्वेस्ट करना चाहते हैं जैसे 5-10-15 साल के लिए तो फिर आपको कंपनी के Fundamental  चेक करने चाहिए कि कंपनी ने बीते सालों में क्या किया, कंपनी के आगे के लक्ष्य क्या हैं, इस वक़्त कंपनी कैसे चल रही है, कही कंपनी कर्जे में तो नहीं है, कंपनी का potential जानना चाहिए कि आने वाले सालों में यह कंपनी क्या कर सकती है, तभी आप Long Term Investment कर सकते हैं। लॉन्ग टर्म में टेक्निकल एनालिसिस काम नहीं करता है इसलिए आप लॉन्ग टर्म के लिए फंडामेंटल एनालिसिस चेक करें, टेक्निकल एनालिसिस नहीं।

तो दोस्तों उम्मीद है इस आर्टिकल से आपको Technical Analysis के बारे  पता चला ही होता साथ ही अन्य जानकारियां भी मिली होंगी।  ऐसे ही अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए आप Hindish.com को पढ़ते रहे।

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