Quarantine क्या है जानिए आसान भाषा में

Quarantine क्या है जानिए आसान भाषा में

कोरोना के कहर से बचने के लिए क्वारंटाइन शब्द का चलन तेज होता जा रहा है।  लेकिन क्या आपको मालूम है कि ये Quarantine क्या है और इसे कौन खुद के लिए लागू करता है।  क्वारंटाइन का मतलब दरअसल एकांतवास है यानी कि खुद को दूसरों से अलग कर लेना, खुद का संपर्क सब से काट लेना।

Quarantine क्या है जानिए आसान भाषा में

Quarantine क्या है –

क्‍वारंटेना ( Quarantine ) शब्द से बना क्‍वारंटाइन, वेनशियन भाषा का शब्‍द है। जिसका मतलब 40 दिन होता है। इसे प्लेग महामारी के समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। सामान्य तौर पर इसे ऐसे समझा जा सकता है कि अगर आपको सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार होता है और नहीं चाहते कि आपके परिवार के बाकी लोगों को भी यह हो, तो खुद को कमरे में बंद कर लेते हैं या परिवार के बाकी लोगों से अपने खाने-पीने को अलग कर लेते हैं। इस अवस्था को होम क्वारंटाइन कर सकते हैं, यानी आप अपने घर में रहते हुए अपने आप को दूसरे लोगों से अलग कर लेते हैं।

ठीक इसी तरह अगर आपको कोरोना से संक्रमित है तो आप खुद को अपने घर के ही एक कमरे में कम से कम 14 दिन के लिए अलग कर लें, या बाहर भी किसी ऐसी जगह Quarantine हो सकते हैं जहां लोगों को आपसे संक्रमण का खतरा न हो। एक लाइन में कहें तो अगर किसी से बीमारी होने का खतरा होता है तो उसे क्वारंटाइन में रहना होता है। दूसरे शब्दों में कहे तो, अगर कोई कोरोना के संक्रमण की आशंका को देखते हुए घर पर ही खुद को सबसे अलग-थलग कर लेता है तो इसे होम Quarantine कहा जाता है।  आपको बता दें, सरकार की तरफ से भी क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं जहां कोरोना के संदिग्ध संक्रमित लोगों को रखा जाता है. क्वारंटाइन की मियाद 14 दिनों की तय की गई है क्योंकि कोरोना वायरस के लक्षण खुलकर सामने आने में 14 दिन तक लग जाते हैं।

14 दिन का ही क्यों होता है Quarantine –

आइसोलेशन और क्वारंटाइन के समय कम से कम 14 दिन लोगों से बिलकुल दूर रहने के लिए कहा जाता है। दरअसल, कोरोना के लक्षण आने में ज्यादातर मामलों में 6 दिन लगते हैं और अगले 8 दिन तक संक्रमित व्यक्ति में बुरी तरह से संक्रमण फैला सकता है यानी बीमारी के लक्षण उजागर होने के पहले के 6 दिन और लक्षण उजागर होने के बाद के 8 दिन, मतलब 6+8=14 दिन। इस दौरान अगर व्यक्ति को लक्षण दिखाई देते हैं तो फिर उसका इलाज शुरू किया जाता है। आगे भी इस बात का ध्यान रखा जाता है कि उस व्यक्ति से संक्रमण किसी को न हो इसलिए उसे आगे 8 दिनों तक रखा ही जाता है।

किन्हें करना चाहिए होम क्वारंटाइन ?

ऐसे लोग जो कोरोना वायरस से संक्रमित देश से आए हों।

ऐसे लोग जिनके रिश्तेदार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हों।

ऐसे लोग जो कोरोना पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आए हों।

कोरोना के इस दौर में किन लोगों को क्वारंटाइन करने की जरूरत है, इसे भी समझ लीजिए।  पहला तो वैसे लोग जो ऐसे देश से लौटे हों जहां कोरोना वायरस का संक्रमण रहा हो।  ऐसे लोगों का भी क्वारंटाइन होना चाहिए जिनके करीबी या रिश्तेदार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हों।  ऐसे लोग जो जाने-अनजाने कोरोना पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आए हों, उन्हें भी क्वॉरेंटाइन करने की जरूरत है।

अगर किसी शख्स पर इन तीनों में से कोई भी स्थिति लागू होती है तो उन्हें क्वारंटाइन या फिर होम क्वारंटाइन करने की सख्त जरूरत है. खुद को कैसे होम क्वारंटाइन कर सकते हैं, उसे सिलसिलेवार तरीके से समझिए।


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