पैरेलल यूनिवर्स क्या है | Parallel Universe in hindi

पैरेलल यूनिवर्स क्या है | Parallel Universe in hindi

दोस्तों हम सभी सदियों से यह मानते आये हैं कि जीवन सिर्फ Earth पर ही संभव है ।मगर पिछले कुछ सालो में Science इतनी developed हो गयी है जिसने हमारी इस धारणा को बदल कर रख दिया है। आज Scientist मानते हैं कि अनंत फैले हुए इस Universe में कई ऐसे Planet (ग्रह) हो सकते हैं जहा जीवन संभव हो लेकिन हमें उन ग्रहों के बारे में पता नहीं है। इसीलिए Scientist  पृथ्वी जैसे दूसरे ग्रह को ढूँढने के निरंतर प्रयास में लगे हुए हैं। पर क्या होगा अगर हम कहे कि इस ब्रमांड मे पृथ्वी जैसे नहीं बल्कि Same to same पृथ्वी के ही प्रतिरूप है। जिसमें हमरी धरती के जैसा ही जल, थल, नभ,बादल, Animals, machine,इंसान और आपका ही प्रतिरूप (copy) आदि मौजूद है। आपको यकीन नहीं होगा मगर समानांतर ब्रह्माण्ड ( Parallel Universe )  की Theory यही है । आज हम इसी के बारे   में जानेंगे कि  Parallel Universe क्या है।

समानांतर ब्रह्माण्ड | Parallel Universe In Hindi


पैरेलल यूनिवर्स क्या है | Parallel Universe in hindi

हम जिस ब्रह्माण्ड को जानते हैं उसको हम Universe कहते हैं जिसमें uni शब्द का मतलब होता है एक। हम ब्रह्माण्ड को उतना ही बड़ा मानते हैं जितनी दूरी से आये प्रकाश को हमने देखा है।

मगर क्या हमारा ब्रह्माण्ड सिर्फ इनता ही बड़ा है जितना हम देख पाए हैं ?

इसी सवाल ने जन्म दिया Multiverse theory को जिसके अनुसार हमारा ब्रह्माण्ड की केवल एक मात्र ब्रह्माण्ड नहीं है। बल्कि ऐसे कई समानांतर ब्रह्माण्ड हैं मगर ये समानांतर ब्रह्माण्ड आखिर है कहाँ ।इस सवाल का जवाब देने के लिए Scientist ने इसको 4 level में divide किया है।

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Parallel Universe Theory के अनुसार इस ब्रह्माण्ड में मौजूद हर वास्तु हर जीव और हर स्थिति का प्रतिरूप किसी न किसी समानांतर ब्रह्माण्ड में मौजूद है।आपके जीवन की हर सम्भावना जो सच्चाई बन सकती थी किसी न किसी समानांतर ब्रह्माण्ड में घटित हो रही है।

अब जैसे अभी आप मेरी इस पोस्ट को पढ़ रहे है किसी दुसरे समानांतर ब्रह्माण्ड  में आप यह video देख चुके हैं। और किसी और समानांतर ब्रह्माण्ड  ब्रह्माण्ड में आप इस video के बारे में जानते ही नहीं या हो सकता है कि किसी समानांतर ब्रह्माण्ड में आप अभी भी जंगल में ही रह रहे हों, या फिर क्या पता आपका अभी तक जन्म ही न हुआ हो। यानी हर एक सम्भावना किसी  किसी समानांतर ब्रह्माण्ड  में घटित हो रही है। आपका निर्णय ही आपके  भविष्य का निर्धारण करता है। यानी कि आप जो decision लेते हैं। आपकी life उसी के अनुसार चलने लगती है।

for example- 

अब जैसे बचपन में आप पढाई से ज्यादा खेलो में रूचि रखा करते थे जबकि आपके पास दो Option थे की आप खेलो में भी अपना career बनान सकते थे और नौकरी में भी, तो अपने नौकरी को चुना जबकि आप खेलो में भी अपना Career बना सकते थे। और इसी कारण से आज आप नौकरी कर रहे हैं और यही सच है। जबकि दुसरे Parallel Universe में आपके प्रतिरूप ने खेलो को करियर को चुना होगा। इसलिए उसके लिए वही सत्य है तो अब तक आपको इतना पता तो चल ही गया होगा कि समानान्तर ब्रह्माण्ड क्या है `।

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तो अब आप यह सोच रहे होंगे कि Parallel Universe (समानान्तर ब्रह्माण्ड) सिर्फ एक कल्पना है या इसका कोई वैज्ञानिक प्रूफ भी है तो दोस्तों मैं  आपको बताना चाहूँगा कि अभी तक तो ऐसा कोई समानान्तर ब्रह्माण्ड को ढूंडा नहीं  गया और इंसान कभी ढून्ढ  भी नहीं सकता ।मगर कुछ  Scientific reasons हैं। जिस से हमारे  Parallel Universe  होने की पूरी पूरी सम्भावना हो सकती   है। इसको समझने के लिए खगोल शाश्त्री (Astrophysicist) ने इसको 4 level में बांटा है।

Level -1 


हम भी तक नहीं जानते कि Space time का अकार क्या है एक theory के अनुसार यह flat है और इसका फैलाव अनंत है। और अगर ऐसा है तो कई ब्रह्माण्ड होने की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता और इस बात की भी संभावना है कि हर ब्रह्माण्ड के कई प्रतिरूप मौजूद हों, जिसमे हमारी आकाशगंगा हमारा सूर्य हमारी पृथ्वी, यह हमारा प्रतिरूप भी मौजूद हो ओस ऐसा इसलिए होता  है। क्योंकी हर configuration कभी न कभी अपने आप को दोहराना शुरू कर ही देती है। इसको आप नीचे दिए गए simple उदहारण से समझ सकते हैं।

Parallel Universe | समानान्तर ब्रह्माण्ड

यहाँ आप देख सकते हैं कि हमारे पास असंख्य संख्याये होते हुए भी अगर हम किसी दो संख्या वाले अंक को दो बार से ज्यादा लिखते है तो वह  खुद को repeat कर ही दे रहा है।

इसी प्रकार अगर हम तीन आँखों वाली संख्या को तीन से ज्यादा बार लिखते हैं तो वह फिर खुदको repeat करने लगती है।

123–321132–132–312213

123–321132–132–312213

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ऐसे ही हमारा ब्रह्माण्ड भी अनन्त है असीमित है। मगर इसकी भी पूरी सम्भावन है कि वह कही न कही खुद को repeat हो रहा हो लेकिन Level 1 के ब्रह्माण्ड से हमारा मिलन Impossible है। क्योंकि वह हमसे इतना दूर जो सकता है जहाँ से हम तक light भी नहीं पहुँच पाती।

Level 2  


समानांतर ब्रह्माण्ड की इस level 2 को जन्म दिया eternal inflation theory ने , इस theory के अनुसार सभी ब्रह्माण्ड एक बुलबुले के अन्दर हैं और ये आपस में जुड़कर या फिर अलग होकर एक नए ब्रह्माण्ड को जन्म देते हैं।  क्योंकि हर ब्रह्माण्ड अलग बुलबुले की कैद में है और सभी ब्रह्मांडो मे Physics Rules अलग अलग होते हैं और अगर ऐसा होता है। तो ऐसे में भी Parallel Universe (समानान्तर ब्रह्माण्ड) होने की पूरी सम्भावना है। मगर इस condition में भी हम अपने समानान्तर ब्रह्माण्ड से नहीं मिल सकते , क्योंकि सारे बुलबुले एक दुसरे से अरबो खरबों light years दूर हैं।

Level -3 


इस थ्योरी को जन्म दिया quantum physics ने इस theory के अनुसार यह माना जाता है कि समानान्तर ब्रह्माण्ड हमारी ही दुनिया  में मौजूद है मगर हम उसको देख नहीं सकते क्योंकि वह दुसरे आयाम में  मौजूद है।

इस पर वैज्ञानिको ने कई experiment भी किये जिसमें यह साबित हुआ कि एक electron एक ही वक़्त में कई स्थानों में मौजूद हो सकते हैं।
heisenberg uncertainty principle equation ने तो कई बार यह सिद्ध भी किया है।जब यह electron इस तरह से व्यवहार कर सकते हैं।  तो हम भी तो उन्ही से मिलकर बने हैं। इसलिये हमारा एक बार में कई आयामों में मौजूद होना असंभव नहीं है।

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level 3 की समानान्तर ब्रह्माण्ड की theory से हम यह भी समझ सकते है कि past time में Time travel करना क्यों असंभव नहीं है।

For example-

आप Time travel कर past time में चले जाते हैं और वहां जाकर खुद को ही मार देते है तो क्या आप जीवित बचेंगे। तो इसका answer है yes क्योंकि अपने भूतकाल (past time ) में जिसको मारा वह आप नहीं बल्कि आपका प्रतिरूप था ।उसकी मृत्यु उस सामानांतर ब्रह्माण्ड में हो जाएगी मगर इस से आपको कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। क्योंकि आप तो दुसरे Parallel Universe में जी रहे हैं ।

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Level -4 


Parallel Universe का level 4 mathematical democracy principle पर अधारित है। हम इसको उपर दिए गए तीनो levels की combined form भी कह सकते हैं इसके अनुसार अलग अलग ब्रह्मांडो में अलग गणित हो सकती है।  यह जरुरी नहीं की गणित के अस्तित्व के लिए मनुष्यों का होना जरुरी हो।

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हमने अपने physics की कई theories से यह जाना की समानान्तर ब्रह्माण्ड होने की पूरी सम्भावना है मगर अभी तक हमारे पास इसका कोई भी ठोस सबूत नहीं है। मगर Scientist इसकी सच्चाई जानने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे ही एक experiment का नाम है large hadron collider  इसमें micro particle की टक्कर करवाई गयी। और एक ऐसे particle का  पता लगाया गया जो Gravity को carry करता है इसको graviton नाम दिया गया।  ये particle अचानक से Invisible  हो जाते  हैं और अचानक से visible ।

Scientist का मानन है कि ये Graviton हमें दुसरे आयामों के बारे में बता सकते हैं मगर इनको produce करना और इनपर निगरानी रखना बहुत ही मुश्किल काम है ।

यदि आप भी समानांतर ब्रह्माण्ड (Parallel Universe) के बारे में    कुछ जानते  तो नीचे comment box में  जरुर लिखे ।

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