मिश्र के पिरामिड 10 रहस्य | mystery of pyramids in hindi

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आज हम मिश्र के पिरामिड या पिरामिडो के बारे में बताने जा रहे हैं जो रहस्यों से भरपूर है लेकिन मिश्र के पिरामिडो के बारे में जो 10 सबसे ज्यादा प्रचलित अनसुलझे रहस्य हैं हम उनके बारे में बात करेंगे । मैंने अपने पिछले लेख में आपको चाँद से जुड़े रहस्यों के बारे में बताया था   आप उनको भी पढ़ सकते हैं तो चलिए जानते हैं अब मिश्र के पिरामिडो के 10 अनसुलझे रहस्यों के बारे में ।

giza egypt pyramid hindi | पिरामिड
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1- पिरामिड की 8 दीवारे 


अभी तक तो सभी यही मानते आते थे की पिरामिड की बस चार दीवारे हैं ।लेकिन गिज़ा के महान पिरामिडो में 8 दीवार मिली 1940 में एक ब्रिटिश पायलेट जब पिरामिड के उपर से गुज़र रहा था तो उसने उपर से एक तस्वीर ली तो उसको तस्वीर में दिखा की पिरामिडो में 4 नहीं बल्कि 8 दीवारे होती हैं उसने देखा की चारो साइड दो दो भागो में बंटी हुई हैं इतना ही नहीं वो आठो साइड तब दिखाई देती हैं जब बसंत ऋतू और सर्द ऋतू का सूर्य अस्त होता है। इस से तो साफ़ जाहिर है कि मिश्र वासी उस वक़्त सूर्य चक्र और आधुनिक गणित भी जानते थे तो उनको यह गणित किसने सिखाई सोचने का विषय है ।

2- दुनिया में एक जैसे पिरामिड होना 


ये बात तो आप भी अच्छे से जानते हैं की जब मिश्र के पिरामिड बनाये गए थे तब न टी कोई दूर संचार जैसी सुविधा थी और न ही कोई इन्टरनेट। यहाँ तक की एक देश से दुसरे देश जाना भी आसान नहीं होता था फिर भी पूरी दुनिया के लोग एक ही समय में एक ही समय चक्र में एक जैसा स्ट्रक्चर बना रहे थे। क्योंकि चाइना, इंडोनशिया, गीजा, साउथ अमेरिका, और मिश्र के पिरामिड सब के सब एक जैसे हैं मनो कोई इनको बता रहा हो कि इनको ऐसे बनाना है। अब ऐसा कैसे हो सकता है कि पृथ्वी के एक जैसे समय में एक जैसा भवनों का निर्माण किया गया। जबकि तब संचार की कोई सुविधा नहीं थी। यदि आप देखेंगे तो आज भी अलग अलग देशो में अलग अलग भवन निर्माण शैली देखने को मिलती है कई लोग इसको collective consciousness या सामूहिक चेतना भी कहते हैं  ।

3- क्या पिरामिड मकबरे थे


दुनिया में इतने सारे पिरामिड हैं लेकिन आजतक किसी में भी कब्र नहीं मिली कुछ का  कहना है की लुटेरो और archaeologist  ने इनको लूट लिया है। लेकिन किसी की कब्र को लूटना ये बात कुछ अजीब  सी लगती है कई बार तो पिरामिडो में ताबूत भी नहीं मिले इस से तो यही लगताइ कि पिरामिड किसी और मकसद से बनाये गए थे वो किस मकसद से बनाये गए थे उः अभी   तक रहस्य ही बना हुआ है ।

4- वजन और दूरी 


पिरामिड के अन्दर की दीवारे ग्रेनाइट की ब्लाक से बनायीं गयी है जिनकी 130 है। और यह गीजा के आस पास कहीं नहीं मिलते ।इनको 500 मील दूर से लाया गया था। हर ब्लाक 12-20 टन का है । पढ़ें क्या है पुनर्जन्म का रहस्य

यह ब्लाक 1210 फ़ीट को जकडे हुए है ।जो आज की आधुनिक मशीनों से भी नहीं किया जा सकता तो उस वक़्त इतने भारी भरकम सामान को कैसे उठाया गया होगा और कैसे लाया गया होगा यह एक आश्चर्य ही है ।

5- अलग अलग आकार के पत्थरो का उपयोग 


पिरामिड को बनाने के लिए 20 लाख पत्थरों के टुकड़ो का उपयोग किया गया जो अलग अलग अकार के थे। जिस से किसी भी दीवार को बनाना मुश्किल हो जाता है ।इसके बावजूद भी उपर का चैम्बर बिलकुल उर्ध्वाधर (horizontal) है कई सौ सालों के भूकम्पो को झेलने के बाद भी हर पत्थर पूरी तरह से अपनी जगह में टिका हुआ है ।

6- कम जगह 


ग्रेट  पिरामिड के अन्दर के अन्दर तीन चैंबर है ।और सांस लेने के लिए कठोर पत्थरों को तोड़कर एक सुरंग बनायीं गयी है। तीन सौ फीट लम्बी और 3 फीट चौड़ी जो सबसे नीचे के चैम्बर में जाती है ।

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कई architect का मानना है कि सुरंग के पतले होने के कारण काम करना बहुत मुश्किल रहा होगा सुरंग को एक एंगल में बनाने के लिए स्पेशल औजार और geometry की जरूरत पड़ी होगी और जो उस वक़्त थी नहीं।

7- ध्रुवो की सटीक जानकारी 


पिरामिड को इस तरह से बनाया गया की वो 500 डिग्री के साथ उत्तर दिशा को अंकित करे जो कि पूरी तरह सटीक है ।जबकि हमको 17वीं सदी में पता चला कि 500 डिग्री उत्तर ही सटीक ध्रुव होता है ।

8- समय सीमा 


 

Architect का मानना है की पिरामिड को बनाने में सिर्फ 20 साल लगे जिसे 20 लाख पत्थरों से बनाया गया है । जिसमें साल के 365 दिनों में 12 घंटे की शिफ्ट होती थी।  जिसके अनुसार पत्थर को तराशने निकलने और अपनी जगह फिट करने में सिर्फ 1.5 मिनट लगे होंगे अब यह बात अजीब सी लगती है कि किसी पत्थर को निकला जाये तराशा जाये और अपनी जगह फिट किया जाय वो भी सिर्फ 20 मिनट में ।आप इस बात को सोचते रह जायेंगे कि बिना मशीनों का उस वक़्त इतना फ़ास्ट ये सब कैसे बनाया ।

9- मामुली औजार 


आर्किटेक्ट का मानना है कि पिरामिडो को बनाने में लोहे का नहीं बल्कि ताम्बे की छेनी और पत्थर की हथौड़ी का उपयोग किया गया था ।है न अजीब आज  हम 21वीं सदी में जी रहे हैं और हमारे पास सभी सुपर कंप्यूटर, क्रेन, और ने सभी तरह की मशीने हैं फिर भी इस तरह के भवनों को बनाना मुश्किल का  सा लगता है ।

10- पिरामिडो का ख़ास जगह पर होना 


Architect का मानना है कि इनको अनाज और बहुमूल्य वस्तुओ का संग्रह करें के लिए बनाया गया था ।लेकिन बाद में पता चला कि पिरामिड पृथ्वी की ख़ास जगहों पर बनाये गए हैं। यह पृथ्वी की ख़ास geographical center में बने हुए हैं जहाँ पर पृथ्वी के सबसे लम्बे अक्षांश और देशांतर आकार मिलते हैं ।

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मिश्र वासियों को पता था की यहाँ पर किसी शक्ति का निकास होता है ।और वह उस शक्ति का उपयोग भी करते थे कहा यह भी जाता है कि पिरामिड के अन्दर कई गुप्त कमरे भी हैं लेकिन वहां जा पाना आसान नहीं है ।
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About kailash

मेरा नाम कैलाश रावत है और मैं hindish.com का एडमिन व लेखक हूँ और इस ब्लॉग पर निरंतर हिन्दी में ,टेक,टिप्स,जीवनियाँ,रहस्य,व अन्य जानकारी वाली पोस्ट share करता रहता हूँ, मेरा मकसद यह है की जैसे बाकि भाषाए इन्टरनेट पर अपनी एक अलग पह्चान बना रही हैं तो फिर हम भी अपनी मात्र भाषा की इन्टरनेट की दुनियां में अलग पहचान बनाये न की hinglish में ।

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