दिव्या रावत मशरूम लेडी | Divya rawat success story in hindi

divya rawat

उत्तराखंड के पहाड़ो से अपनी नारी शक्ति को देश-दुनिया में एक विशेष स्थान देने वाली दिव्या रावत की प्रेरणा दायक कहानी को आज आपके सामने रखते हैं।जिन्होंने अपनी शिक्षा का सही स्तेमाल करके आज अपना लाखो  का बिज़नस खडा किया और साथ ही साथ ग्रामीण महिलाओ को रोजगार भी प्रदान किया।आइये जनते हैं विस्तार से-

दिव्या रावत


दिव्या रावत का जन्म उत्तराखंड के उस जिले में हुआ जहाँ विश्व विख्यात फूलो की घाटी है यानि चमोली जिले में हुआ।इनके पिताजी का नाम स्व तेज सिंह रावत है जिनका देहांत तभी होगया था जब Divya  मात्र 7 साल की थी ,जिसके कारण उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा,दिव्या ने सामाजिक कार्य करने हेतु अपनी पढाई लिखाई एएमआईटीवाई विश्वविद्यालय नोएडा से बीएचडब्ल्यू  में संपन करी और उसे बाद इग्नू से समंजिक कार्य करने हेतु मास्टर डिग्री भी प्राप्त की ।फिर तीन साल तक संस्थानों में  नौकरी भी की जहाँ वे मानव अधिकारों के मुद्दों पर काम करती थी मगर उनका दिल हमेशा पहाड़ो में ही रहता था और पहाड़ के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा  उन्हें फिर से पहाड़ो में खींच लाया,और फिर दिव्या ने देहरादून में आकर डिपार्टमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर, डिफेंस कालोनी, देहरादून से एक हफ्ते का मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया । आज दिव्या सौम्या फूड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर है जो जो देहरादून के मोथरवाला में स्थित है।

स्टीफेन हौकिंग की भगवान को चुनौती देने वाली ज़िन्दगी के बारे में पढ़े 

अंधे भाविश भाटिया और कंपनी करोडो की पढ़ें 

शुरुवात


जहां आज के युवा पहाड़ो से पलायन करके अपने रोजगार के लिए बाहर शहरो की तरफ दौड़ रहे हैं वही Divya rawat की उच्च सोच ने इसके विपरीत नॉएडा से पढाई करके पहाड़ो में रोजगार देकर न सिर्फ खुदको बल्कि वहाँ की कई  महिलाओ को भी स्वावलंबी  बना दिया। जब 2013 में केदारनाथ अपडा आई तो उसके बाद दिव्या अपने गाँव कंडारा, चमोली ,उत्तराखंड गयी जहाँ उन्होंने ग्रामीण महिला को मशरूम का प्रशिक्षण दिया और वहाँ के खाली पड़े बंजर घरो में ही मशरूम का उत्पादन शुरू कर दिया ।माना जाता है की मशरूम का उत्पादन 20-22 डिग्री के तापमान पर संभव होता है मगर Divya rawat ने 30-40 डिग्री के तापमान पर भी मशरूम का उत्पादन संभव कर दिखाया । इसी सफ़र को बरक़रार रखते हुए उन्होंने अपने आस पास के जिले रुद्रप्रयाग,कर्णप्रयाग,चमोली की महिलाओ को भी इसका प्रशिक्षण देकर उनको ईद काम से जोडकर उनको स्वावलंबी बनाया।

सौम्या फूड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी


26 साल की Divya rawat का ये सफ़र 2012 से शुरू हुआ और और 2013 में उनहोंने खुद की कंपनी खोल ली जिसका नाम रखा सौम्या फूड प्राइवेट लिमिटेड जो की देहरादून के मोथरावाला में एक तीन मजिला मकान में है जो की दिव्या का घर है इसमें पहली और दूसरी मंजिल पर पूरा मशरूम का ही उत्पादन किया जाता है ।

संदीप माहेश्वरी का युवायो के लिए प्रेरणादायी जीवन पढ़ें 

saumya food production pvt.ltd.
saumya food production pvt.ltd.dehradun

उत्पादन


कंपनी में एक साल में तीन तरह के मशरूमो का उत्पादन किया जाता है ।

बटन मशरूम जिनका उत्पादन सर्दियों के सीजन में  किया जाता है और इसके उत्पादन में एक 28-33 दिन का समय लगता है ।

ओएस्टर मशरूम जिनका उत्पादन सामान्य मौसम के तापमान पर किया जाता है जिसके उत्पादन में 15-20  दिन का समय लगता है ।

मिल्की मशरूम जिनका उत्पादन गर्मियों  के सीजन में किया जाता है और इसके उत्पादन के लिए 40-45 दिन का समय लगता है  ।

मार्केटिंग

सौम्या फूड प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का की सबसे ज्यादा यानि करीब 75 % खपत निरंजनपुर सब्जी मंडी देहरादून में होती है और बाकि की खपत वह के लोकल बाजारों में होती है साथ ही साथ दिल्ली की आजादपुर मंडी में भी उनके मशरूम की मांग बढ़ रही है जो की Divya rawat निरंतर पूरी कर रही हैं ।

उनका कहना है की-

“यदि आपके पास एक छत है चाहे वो घास फूस की ही क्यों न हो तो आप सभी तरह के मशरूम उगा सकते हैं”

डोनाल्ड ट्रम्प की जीवनी नहीं पढ़ी तो पढ़े

About kailash

मेरा नाम कैलाश रावत है और मैं hindish.com का एडमिन व लेखक हूँ और इस ब्लॉग पर निरंतर हिन्दी में ,टेक,टिप्स,जीवनियाँ,रहस्य,व अन्य जानकारी वाली पोस्ट share करता रहता हूँ, मेरा मकसद यह है की जैसे बाकि भाषाए इन्टरनेट पर अपनी एक अलग पह्चान बना रही हैं तो फिर हम भी अपनी मात्र भाषा की इन्टरनेट की दुनियां में अलग पहचान बनाये न की hinglish में ।

Share post, share knowledge

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *