Insurance क्या होता है और कितने प्रकार का होता है

Insurance क्या होता है और कितने प्रकार का होता है

Insurance यानी जिसको हम हिंदी में बीमा भी कहते हैं इस शब्द से हम सभी भली भांति परिचित हैं। आज के दौर में विभिन्न प्रकार की Insurance Policy बाजार में आ गयी हैं। इसमें कुछ से आप परिचित होंगे और कुछ के बारे में आप नहीं जानते होंगे। यहां हम बाजार में मौजूद कुछ लोकप्रिय बीमा पॉलिसी के बारे में आपको बता रहे हैं। लेकिन इन सबसे पहले हम सरल भाषा में जान लेंगे कि Insurance (बीमा ) क्या होता है।  फिर हम जानेंगे कि यह कितने प्रकार का होता है।

Insurance क्या होता है और कितने प्रकार का होता है

Insurance क्या होता है –

इंश्योरेंस का मतलब जोखिम से सुरक्षा है। अगर कोई बीमा कंपनी किसी व्यक्ति का बीमा करती है तो उस व्यक्ति को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करेगी। इसी तरह अगर बीमा कंपनी ने किसी कार, घर या स्मार्टफोन का बीमा किया है तो उस चीज के टूटने, फूटने, खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में बीमा कंपनी उसके मालिक को पहले से तय शर्त के हिसाब से मुआवजा देती है।

Insurance भविष्य में किसी नुकसान की आशंका से निपटने का हथियार है। हमें नहीं पता कि कल क्या होगा, इसलिए हम बीमा पॉलिसी के जरिये भविष्य में संभावित नुकसान की भरपाई की कोशिश करते हैं। बीमा वास्तव में बीमा कंपनी और  जिस व्यक्ति ने कंपनी से बीमा खरीद रखा है है उनके बीच एक Contract है। इस Contract के तहत बीमा कंपनी बीमित व्यक्ति से एक निश्चित धनराशि ( प्रीमियम ) लेती है और बीमित व्यक्ति या कंपनी को Policy की शर्त के हिसाब से किसी नुकसान की स्थिति में हर्जाना देना होता है।

Insurance कितने प्रकार का होता है ?

01. स्वास्थ्य बीमा ( Health Insurance): 

आजकल इलाज का खर्च बहुत तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य बीमा लेने पर बीमारी होने पर बीमा कंपनी इलाज का खर्च कवर करती है। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत इंश्योरेंस कंपनी किसी भी तरह की बीमारी होने पर इलाज पर खर्च होने वाली रकम देती है। किसी बीमारी पर होने वाले खर्च की सीमा आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी पर निर्भर करती है।

02. चाइल्ड प्लान Insurance 

चाइल्ड लाइफ इंश्योरेंस प्लान  का लक्ष्य बच्चे के भविष्य के विकास के लिए संग्रह (राशि) का निर्माण करना होता है। आमतौर पर यह एक बच्चे के Education (शिक्षा) और शादी के लिए पैसे उपलब्ध कराने में मदद करता है।

इस तरह का प्लान एक बच्चे के जीवन के प्रमुख माइलस्टोन्स (पड़ाव) के बाद वार्षिक तौर पर किश्तें उपलब्ध कराता है या एकमुश्त राशि का भुगतान करता है। यदि पॉलिसी टर्म (अवधि) के दौरान इंश्योर्ड (बीमित) पालक की असामयिक मृत्यु (अनटाइमली डेथ) हो जाती है – तो भविष्य के सभी प्रीमियम माफ हो जाते हैं और पॉलिसी बेनिफिट्स (लाभ) बिना किसी रुकावट के जारी रहते हैं।

03. यात्रा बीमा ( Travel Insurance)

यात्रा बीमा किसी यात्रा के दौरान होने वाले नुकसान से बचाती है। अगर कोई व्यक्ति किसी काम से या घूमने के लिए विदेश जाता हैं और उसे चोट लग जाती है या सामान गुम हो जाता है तो बीमा कंपनी उसे मुआवजा देती है। यात्रा बीमा पॉलिसी आपकी यात्रा शुरू होने से लेकर यात्रा खत्म होने तक ही वैध होता है। यात्रा बीमा पॉलिसी के लिए अलग-अलग बीमा कंपनियों की शर्त अलग-अलग हो सकती है।

04. टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान

टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान  लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) का सबसे प्योर फॉर्म (शुद्ध प्रकार) है। बिना किसी सेविंग या प्रॉफिट एलिमेंट्स (तत्वों) के साथ यह आपको लाइफ कवर प्रदान करता है। टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान लाइफ इंश्योरेंस का सबसे ज़्यादा किफ़ायती प्रकार है क्योंकि अन्य लाइफ इंश्योरेस प्लान की तुलना में इसके प्रीमियम काफी सस्ते होते हैं। यह लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) का सबसे प्योर फॉर्म (शुद्ध प्रकार) है।

05. यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान  (यूएलआईपी/यूलिप)

एक यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान इन्वेंस्टमेंट और इंश्योरेंस का एक संपूर्ण मिश्रण है। यूलिप प्लान के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम के एक हिस्से का इस्तेमाल रिस्क (इंश्योरेंस) कवर के तौर पर होता है और एक हिस्सा विभिन्न फंड में इन्वेस्ट कर दिया जाता है।

पॉलिसीधारक के रिस्क टॉलरेंस (जोखिम लेने की क्षमता) के आधार पर, वे इंश्योरेंस प्रोवायडर (प्रदाता) द्वारा पेश किए गए विभिन्न फंड्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं। इसके बाद इंश्योरेंस प्रोवायडर एकत्रित की गई राशि शेयर्स और इक्विटी जैसे विभिन्न मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंन्ट्स में इन्वेस्ट करते हैं।

06. वाहन बीमा ( Motor Insurance)

भारत में सड़क पर चलने वाले किसी वाहन का बीमा कराना कानून के हिसाब से बहुत जरूरी है। अगर आप अपने वाहन का बीमा कराये बिना उसे रोड पर चलाते हैं तो आपको ट्रैफिक पुलिस जुर्माना कर सकती है। मोटर या वाहन बीमा पॉलिसी के हिसाब से वाहन को हुए किसी भी नुकसान के लिए बीमा कंपनी मुआवजा देती है। अगर आपका वाहन चोरी हो गया या उससे कोई दुर्घटना हो गयी है तो वाहन बीमा पॉलिसी आपकी काफी मदद कर सकती है।

07. एंडोमेंट पॉलिसी

इस तरह की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में बीमा और निवेश दोनों होते हैं। इस पॉलिसी में एक निश्चित अवधि के लिए रिस्क कवर होता है और उस अवधि के खत्म होने बोनस के साथ एश्योर्ड सम पॉलिसीधारक को वापस किया जाता है। पॉलिसीधारक की मौत होने या निर्धारित सालों के बाद एंडोमेंट पॉलिसी के तहत पॉलिसी अमाउंट की फेस वैल्यू का भुगतान किया जाता है। कुछ पॅलिसी गंभीर बीमारी के मामले में भी भुगतान करती हैं।

08. मनी-बैक

मनी बैक लाइफ इंश्योरेंस प्लान एक अनोखे प्रकार की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी होती है जिसमें सर्वायवल बेनिफिट के तौर पर सम एश्योर्ड (बीमित राशि) का एक भाग इंश्योर्ड (बीमित) व्यक्ति को नियमित अंतराल में सीधे भुगतान कर दिया जाता है। इस तरीके से पॉलिसीधारक शॉर्ट टर्म (छोटी अवधि वाले)  फायनेंशियल ऑब्जेक्टिव्ज़ (आर्थिक उद्देश्य) हासिल कर सकता है।

09. फसल बीमा ( Crop Insurance)

मौजूदा नियमों के हिसाब से कृषि लोन लेने वाले हर किसान को फसल बीमा खरीदना जरूरी है। फसल बीमा पॉलिसी के तहत फसल को किसी भी तरह का नुकसान होने पर बीमा कंपनी किसान को उसका मुआवजा देती है। फसल बीमा पॉलिसी के तहत आग लगने, बाढ़ की वजह से या किसी बीमारी की वजह से फसल खराब होने पर बीमा कंपनी की तरफ से मुआवजा दिया जाता है।

10. आजीवन लाइफ इंश्योरेंस

आजीवन लाइफ इंश्योरेंस यानी Whole Life Insurance Plan में आपको जीवनभर प्रोटेक्शन मिलता है। यानी पॉलिसी का कोई टर्म नहीं होता। पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर, नॉमिनी को बीमा का क्लेम मिलता है। अन्य लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में उम्र की एक मैक्सिमम लिमिट होती है, जो आमतौर पर 65—70 साल होती है। उसके बाद मौत होने पर नॉमिनी डेथ क्लेम नहीं ले सकता। लेकिन आजीवन लाइफ इंश्योरेंस के तहत पॉलिसीधारक की मौत 95 साल की उम्र में ही क्यों न हुई हो, नॉमिनी क्लेम कर सकता है। इस पॉलिसी का प्रीमियम काफी ज्यादा रहता है। इस पॉलिसी के तहत पॉलिसीधारक के पास इंश्योर्ड सम को आंशिक रूप से विदड्रॉ करने का विकल्प रहता है। इसके अलावा वह पॉलिसी के एवज में पैसा लोन के तौर पर भी ले सकता है।

11. यूलिप

इस प्लान में भी प्रोटेक्शन और निवेश दोनों रहते हैं। ट्रेडिशनल यानी एंडोमेंट इंश्योरेंस पॉलिसी और Money Back में मिलने वाला रिटर्न एक हद तक पक्का होता है, वहीं यूलिप में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है। इसकी वजह है कि यूलिप में निवेश वाले हिस्से को बॉन्ड और शेयर में लगाया जाता है और Mutaul Funds की तरह आपको यूनिट मिल जाती है। ऐसे में रिटर्न Share market के उतार-चढ़ाव पर बेस्ड होता है। हालांकि आप तय कर सकते हैं कि आपका कितना पैसा शेयर में लगे और कितना पैसा बॉन्ड में लगे ।

12. रिटायरमेंट प्लान्स

रिटायरमेंट लाइफ इंश्योरेंस प्लान  एक व्यक्ति के रियाटरमेंट (सेवानिवृत्ति) के वर्षों के लिए एक स्टेबल (स्थिर) फायनेंशियल सोर्स (आर्थिक स्त्रोत ) का निर्माण करने में मदद करता है। यह एक व्यक्ति को फायनेंशियली इंडिपेंडेंट (आर्थिक रुप से स्वतंत्र) बनाने और उन्हें बिना किसी चिंता के जीने में मदद करता है। ज़्यादातर रिटायरमेंट लाइफ इंश्योरेंस प्लान 60 वर्ष पूरे हो जाने पर सालाना पेआउट (एन्युइटी / वार्षिकी के रुप में) या एक बार दी जानेवाली एकमुश्त पेआउट ( प्रिस्क्राइब्ड लिमिट / निर्धारित सीमा तक एकत्रित राशि के कम्यूटेशन / रुपांतरण के माध्यम से) पेश करते हैं।

Policy term (अवधि) के दौरान संभावित घटना के मामले में इंश्योरर (बीमाकर्ता) आपके परिवार को इंश्योरेंस बेनिफिट (बीमा लाभ) का भुगतान करता है।

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