हब्बल स्पेस टेलेस्कोप क्या है और यह कैसे काम करता है | Hubble space telescope

हब्बल स्पेस टेलेस्कोप क्या है और यह कैसे काम करता है | Hubble space telescope

 Hubble Space Telescope एक ऐसा अंतरिक्ष दूरबीन यन्त्र है जो दूर के ग्रहों, आकाशगंगाओं और अन्य खगोलीय वस्तुओ के निरिक्षण करता है ।  American Astronomer advin povail hubble  के नाम से इसको Hubble नाम दिया गया है।  हब्बल दूरबीन  ने खगोल विज्ञान में क्रांतिकारी परिवर्तन लाते हुए  ब्रह्माण्ड   के बारे में हमारी समझ को बदल डाला है।  दुनिया के आरंभ और उम्र के बारे में Hubble ने अनेक नए तथ्यों से हमें अवगत करवाया  है। इसकी नवीनतम उपलब्धि ब्रह्माण्ड की उम्र के बारे में सबूत जुटाने  की है हब्बल के सहारे खगोल वैज्ञानिको की एक टोली ने 7000 light years दूर ऊर्जाहीन अवस्था की और बढ़ते प्राचीनतम माने जाने वाले तारो के एक समूह को खोज निकाला है। इन तारो के बुझते जाने की रफ़्तार    के आधार पर ब्रह्माण्ड की उम्र 13 से 14 अरब वर्ष के बीच आंकी गयी है। इसके अतिरिक्त पिछले 12 वर्षो के दौरान इस दूरबीन ने सुदूरवर्ती अन्तरिक्षीय पिंडो के हजारों आकर्षक photos भी उपलब्ध करवाए हैं। अमेरिका की अंतिरक्ष एजेंसी NASA ने हब्बल दूरबीन को अंतरिक्ष में स्थापित करने में करीब ढाई अरब डॉलर खर्च किये। इसकी एक servicing पर करीब 50 करोड़ डॉलर की लागत आती है। धरती की सतह से 600 km उपर धरती का चक्कर लगा रहे Hubble Space Telescope का वजन 11 टन है। धरती का एक चक्कर लगाने में इसको 100 minutes लगते हैं हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन की लम्बाई 13.2 मीटर और व्यास 4.2 मीटर है। यह दूरबीन हर दिन 10-15 GB डाटा के आंकड़े जुटती है। इसके द्वारा लिए गए आंकड़ो के आधार पर 3000 से भी ज्यादा अनुसन्धान रिपोर्ट प्रकाशित किये जा चुके हैं।  तो अब आप यह जान गए हैं कि हब्बल दूरबीन क्या है अब जानते हैं Hubble Space Telescope कैसे काम करता है।

हब्बल स्पेस टेलेस्कोप क्या है और यह कैसे काम करता है | Hubble space telescope

Hubble Space Telescope कैसे काम करता है ?

Hubble Space Telescope एक प्रकार का दूरबीन है जो कि Cassegrain reflector  के रूप में जाना जाता है । लाइट टेलेस्कोप के मुख्य दर्पण  या प्राथमिक दर्पण (reflector) को हिट करता है। फिर यह प्राथमिक दर्पण को बाउंस करता है और एक द्वितीयक  दर्पण का मुकाबला करता है। द्वितीय दर्पण प्रकाश को प्राथमिक दर्पण के केंद्र में एक  छेद    माध्यम   से केन्द्रित करता है जो telescope के विज्ञान वाद्ययंत्रो की और जाता है। लोग अक्सर गलती  से विश्वास करते हैं की एक दूरबीन की शक्ति वस्तुओं  को बड़ा करने की अपनी क्षमता में   निहित है। टेलेस्कोप वास्तव में मानवीय आँखों की तुलना में और अधिक प्रकाश इकठ्ठा कर करके  काम करते हैं जो स्वयं   प्रकश को प्राप्त कर सकते हैं। एक दूरबीन में दर्पण जितना अधिक होगा उतना अधिक प्रकश इसे एकत्रिक कर सकता है और इसकी दृष्टि भी उतनी ही बेहतर हो सकती है । Hubble Space Telescope का प्राथमिक दर्पण व्यास में 94.5 इंच है यह दर्पण वर्तमान ग्राउंड आधारित दूरबीनो के मुकाबले छोटा है। जो  कि 400  इंच यानी 1000 cm और उपर हो सकता है। लेकिन हब्बल के वायुमंडल से परे स्थान पर होते हुए भी एक अच्छी clarity देता है।

Hubble Space Telescope में क्या क्या लगा हुआ है ?

तो चलिए जरा जानते हैं कि हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन में क्या क्या लगा हुआ है।

1. Wild Field Camera 3 –

वाइल्ड फील्ड कैमरा तीन अलग अलग प्रकार के प्रकश को देखता है। Near ultraviolet,Visible और Near infrared हब्बल दूरबीन का अन्य सामान्य दूरबीनो के मुकाबले बहुत अधिक resolution है जो किसी भी photo   को बहुत अच्छे   से दिखाने में मदद करता है।  wfc 3 हब्बल के दो नए उपकरणों में से एक है और इसका उपयोग अँधेरे उर्जा और काले पदार्थो के अध्ययन करने के लिए किया जाता है। हब्बल के दृष्टिकोण से पहले इसका उपयोग बहुत दूर की आकाशगंगाओं की खोज के अध्ययन के लिए किया जाता था।

2. Cosmic Origins Spectrograph –

Hubble Space Telescope के अन्य उपकरणों में से एक स्पेक्ट्रोग्राफ भी है जो विशेष रूप से पराबैंगनी प्रकाश में दिखता है। स्पेक्ट्रोग्राफ किसी वस्तु से प्रकाश को अपने घटक तरंगदैर्ध्य में प्रिज्म की तरह अलग-अलग करता है। ताकि इसे रिकॉर्ड किया जा सके। यह वस्तु को देखने के लिए एक तरंग दैर्घ्य fingerprint प्रदान करता है जो हमें इसके तापमान, रासायनिक संरचना, घनत्व और गति के बारे में बताता है।

3. Advanced ACS Camera for surveys –

यह camera द्रश्यमन प्रकाश को देखता है ब्रह्माण्ड में कुछ प्रारंभिक गतिविधियों का अध्ययन करने के लिए इसको बनाया गया है । एसीएस dark matter के map बनाने में भी मदद करता है तथा ब्रह्माण्ड में सबसे दूर की वस्तुओं का पता लगता है और विशाल ग्रहों की खोज करता है। इतना ही नहीं इसको आकाशगंगा के समूहों का अध्ययन करने के लिए भी उपयोग किया जाता है।

2007 में Electric problem  के चलते ACS ने काम करना बंद कर दिया था लेकिन मई 2009 में servicing mission 4 के दौरान इसकी मरम्मत की गयी और फिर से यह काम करने लगा।

4. Space Telescope Imaging Spectrograph –

यह एक स्पेक्ट्रोग्राफ है जो पराबैंगनी दृश्य और निकट अवरक्त  प्रकश को देखता है और black hole की पहचान करने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है।  यह स्पेक्टोग्राफ STIS आकाशगंगाओं जैसे बड़े बड़े objects को Map करता है।

5. Near Infrared camera and Multi Object spectrometer –

यह Hubble Space Telescope का Heat Sensor है NIR और UV कैमरे का उपयोग निकट-अवरक्त या पराबैंगनी स्पेक्ट्रम के भीतर image data को कैप्चर करने के लिए किया जाता है। NIR और UV कैमरे  इमेजिंग कैमरे होते हैं जिन्हें अक्सर कुछ sensor coatings के साथ डिजाइन किया जाता है । जो निकट अवरक्त या पराबैंगनी प्रकाश का पता लगाने की अनुमति देते हैं।

6. Fine Guiding Sensors –

यह ऐसे Sensor होते हैं जो Guide stars का अवलोकन करते हैं और हब्बल को  सही दिशा में बनाये रखता हैं। इनका उपयोग सितारों के बीच की दूरी और उनकी सापेक्ष गतियों को ठीक से मापने के लिए किया जाता है ।

तो आशा करता हूँ कि आपको  Hubble Space Telescope के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी ।अगर अपके पास हब्बल टेलेस्कोप से सम्बंधित कोई जानकारी है। तो नीचे comment में जरुर लिखे और ऐसी ही जानकारी से परिपूर्ण article पढने के लिए visit करते रहे हैं hindish.com वेबसाइट को ऐसी ही कुछ अन्य जानकारियां आप नीचे दिए गये लिंकर पर जाकर भी पढ़ सकते हैं ।

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