गुरुत्वाकर्षण क्या है

गुरुत्वाकर्षण क्या है

आज हम जानेंगे की गुरुत्वाकर्षण क्या है ? यह कैसे काम करता है? इसकी खोज किसने की और इसके पीछे की क्या कहानी है। तो बिना समय गंवाए शुरू करते हैं और जनते हैं गुरुवाकर्षण के बारे में।

गुरुत्वाकर्षण क्या है

गुरुत्वाकर्षण –


यह बात है 1661 की जब Newton की उम्र 18 साल की थी और उन्होंने इस उम्र में ही अपने घर को छोड़ दिया था। और Cambridge university में एडमिशन ले लिया साल 1665  में लन्दन में plague नामा की बीमारी फ़ैल गई जिसकी चपेट में आकार कई लोगो की मौत हो गयी और Cambridge university भी बंद हो गयी। जिसकी वजह से newton  भी अपने घर वापस लौटना पड़ा था। newton पहले से ही एक समझदार व्यक्ति थे जो धरती चन्द्रमा और तारो और light के बारे में सोचते रहते थे। इसलिए उनको इन छुटियो में अपने Thoughts पर experiment करने का वक़्त मिल गया था।  घर  बगल में ही एक सेब का पेड़ था जिसके नीचे बैठकर वे Universe के secrets जानने की कोशिश करते थे।ऐसे ही अचनाक उनके उपर एक सेब गिरा और उस सेब को देखकर उनके दिमाग में एक आईडिया आया ।और एक सवाल भी की यह सेब नीचे की ही तरफ क्यों गिरा। तो उन्होंने कई बार उस सेब को उपर फेंका और वह सेब फिर से नीचे आ गिरता। उन्होने इस बात को जाना समझा और  इस पर विचार किया। और बताया  कि

जिस Force की वजह से यह सेब नीचे गिर रहा है वह गुरुत्वाकर्षण  है। और यह भी समझा की gravity या गुरुत्वाकर्षण बल सिर्फ धरती पर ही नहीं बल्कि पूरे ब्रह्माण्ड पर में काम करता है।  इसके बाद newton ने एक परिकल्पना की कि माना किसी ऊँचे पर्वत पर एक तोप रखा हुआ है और अगर हम उस तोप से किसी बॉल को Fire करते हैं। तो वह बॉल एक दम सीधी ही यात्रा करेगी जब तक की उस पर कोई अन्य बल न लगाया जाए।

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दूसरे शब्दों में आप यह भी कह सकते हैं कि किसी भी वस्तु पर जब तक कोई अन्य बल न लगाया जाय। तब तक वह हिल नहीं  सकती है । और यदि वस्तु गतिमान है तो तब तक अपनी गति नहीं बदलेगी जब तक उस पर कोई अन्य बल न लगाया जाय। और इसी को newton का प्रथम नियम भी कहा जाता है।

मगर उस तोप से बॉल को fire करेंगे तो गुरुत्वाकर्षण  की वजह से बॉल धरती पर ही गिर जाएगी।

यदि बॉल को और स्पीड से fire किया जाते तो वह ज्यादा दूर जाएगी मगर फिर पृथ्वी पर ही रुक जाएगी।

और यदि हम इसी तरह से उसको गति को बढ़ाते रहे तो एक वक़्त ऐसा भी आयेगा जब वह ball Earth के Orbit में स्थिर हो जाएगी और कभी धरती पर नहीं गिरेगी।

और Newton ने अपनी इसी Thought Experiment से यह समझा कि चाँद और बाकी के सभी ग्रह Gravity या गुरुत्वाकर्षण की वजह से ही चक्कर लगाते हैं । और इसके लिए उन्होंने एक Equation दी।

F ∝ Mm/r2

मतलब कोई भी दो द्रव्यमान (mass) वाली वस्तु हमेशा एक दुसरे को  आकर्षित (attract) करती हैं। यानि की आप और आपके आस पास जो भी चीज रखी है वो आपको या आप उसको खींच रहे हैं। भले ही आपको यह पता न चले क्योंकि यह force बहुत ही छोटा और बहुत ही कम होता है। जिसकी exact value newton को पता नहीं थी इसलिए newton ने अपने दिए गये Equation में एक universal constant जोड़ा। जिसको उन्होंने G से Denote किया और फिर वह Equation बनी ।

F =  G M1 M2 /r2

मगर बाद में henry cavendish नामक Scientist ने अपने कई experiment से G की value calculate की जो
6.674×10−11 m3⋅kg−1⋅s−2   के बराबर थी ।

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जब G की value newton को पता चली तो उसके बाद न्यूटन ने और भी कई चीजो को समझने की कोशिश की । जैसे kepler law  को explain करना और किसी भी planet का Gravitational acceleration निकालना आदि ।

Calculus by newton  –


यूनानी दार्शनिक और खगोल्शाश्त्री अरस्तु (Aristotle) ने यह कहा था । कि  यदि  किन्ही दो अलग अलग भार वाली वस्तुओ को सामान ऊंचाई से नीचे गिराया जाय तो ज्यादा द्रव्यमान वाली वस्तु पहले धरती पर गिरेगी । मगर गलीलियो ने इस बात को गलत साबित किया। और कई experiment में यह साबित करके दिखाया की यदि किन्ही दो अलग अलग  द्रव्यमान (mass) वाली वस्तुओ को सामान ऊंचाई से छोडा जाये तो दोनों एक ही समय पर धरती से टकराएंगी। क्योंकि क्योंकि किसी भी Planet का Gravitational acceleration ( गुरुत्वाकर्षण त्वरण) हमेशा सामान रहता है ।और हमारी पृथ्वी का 9.8 m/s2  है ।

अब जैसे हमें किसी भी वस्तु के गिरने की सटीक speed पता करनी हो तो हम एक formula  Speed = Distance / Time के जरिये आसानी से उसकी लगभग स्पीड निकाल सकते हैं। मगर newton इस से संतुष्ट नहीं थे। और वे यह जानना चाहते थे की जब कोई वस्तु नीचे गिरती  है। तो किसी निश्चित समय में उस वस्तू की गति  क्या होगी । हम यह भी कह सकते हैं की newton यह जानना चाहते थे कि उसकी starting speed, middle speed, last speed और ऐसे ही किसी भी particular time में उसकी क्या स्पीड होगी ।

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तो इसके लिए उन्होंने यह सोच की यदि हम उस वास्तु की average speed को छोटे और छोटे interval टाइम    में निकालना होगा हमें टाइम इंटरवल को इतना छोटा करना होगा की हम किसी निश्चित समय में उस उस गिरती वस्तु की speed निकाल सके। इसके लिए हमें उस time interval को एकदम छोटा करना होगा इतना छोटा जिसकी  हम कल्पना भी नहीं कर सकते , मगर यह बात हमें याद रखनी चाहीये। की वह interval भले ही 0 की तरफ जा रहा होगा मगर कभी 0 नहीं होगा। और इसी तकनीक का स्तेमाल करके newton में गणित में एक नया अध्याय खोज निकाला जिसका नाम उन्होंने दिया Calculus ।

Calculus एक quantitative understanding की कोई भी चीज कैसे चेंज करती है जो आज के समय में बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। फिर चाहे हमको population chain निकालना हो चाहे physics, bio, chemistry को समझना हो क्योंकि हमको Calculus की जरुरत सभी जगह पड़ती है। इसी calculus की मदद से newton ने inverse square low को भी prove किया था  जो है ।

inverse square low  ——-   F ∝ 1 / d 2

इस नियम के अनुसार एक निर्धारित भौतिक मात्रा या तीव्रता भौतिक मात्रा के स्रोत से दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely) होती है।

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जब न्यूटन ने अपने इस equation को पेपर पर publish किया तो लोगो ने उनसे कई सवाल किये की गुरुत्वाकर्षण किस वजह से लगती है इसका क्या कारण है तो Isaac Newton के पास इसका कोई जवाब नहीं था। और मानो उन्होंने अपने हाथ खड़े कर दिए हों ।और कहा की यह एक प्रकृति का एक  mysterious (रहस्यमई) force है। जो अपने आप काम करता है मगर यह Gravity गुरुत्वाकर्षण सर न्यूटन की सोच से भी ज्यादा mysterious थी। और फिर बाद में दुसरे वैज्ञानिक ने ग्रेविटी के काम करने के तरीके को समझाया था ।

तो दोस्तों आशा करता हूँ कि आपको गुरुत्वाकर्षण  के पीछे की कहानी पता चल गयी होगी की गुरुत्वाकर्षण क्या है इसकी खोज कैसे हुई ? अब यह कैसे काम करता है यह जानेंगे हम अपने अगले आर्टिकल में ।

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