दुनिया के 10 महान आविष्कार जो भारत ने किए

दुनिया के 10 महान अविष्कार जो भारत में हुए

वैसे तो भारत के वैज्ञानिक आज भी दुनिया में किसी से कम नहीं हैं इस बात का अंदाज़ा आप इसी से लगा सकते हैं की जिस mars mission को NASA  और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां अपने कई प्रयासों में अरबो डॉलर को खर्च करने के बाद कर पायी हैं। वही हमारे भारत के वैज्ञानिको ने अपनी पहली ही कोशिश में मंगलयान को सफलतापूर्वक मंगल ग्रह पर भेज दिया और वो भी सिर्फ 450 रुपये में । जो आजतक का मंगल ग्रह पर भेजा जाने वाला सबसे सस्ता अंतरिक्ष यान है।और सिर्फ यही नहीं दुनिया की सबसे छोटा कण जिसको कम God Particle या हिग्स बोसॉन कहते हैं उसकी खोज भी अपने भारत के ही महान वैज्ञानिक सत्येन्द्र नाथ बोस ने  किया था।और उन्ही के नाम पर इस कण का नाम हिग्स बोसॉन रखा गया।

मगर दोस्तों आप चाहे माने ना माने मगर जो आधुनिक अविष्कार आज  मानव ने धरती पर किये हैं उनमें से कई आविष्कार भारत पहले ही कर चुका था। मैं मगर मैं आपको सिर्फ दुनिया के 10 महान आविष्कार जो भारत ने किए बताने जा रहा हूँ तो चलिए जानते हैं।

10 avishkar jo bharat ne kiye
10 अविष्कार जो भारत ने किये

1-विमान || airoplan 


आप सोच रहे होंगे की airoplan का आविष्कार तो Wright brothers ने किया था। क्योंकि अपने books में वही पढ़ा है तो आपकी जानकारी बिलकुल सटीक है क्योंकि यह बात सच भी है कि आधुनिक विमानों का जनक राईट ब्रोदर्स को ही माना जाता है । मगर महर्षि भरद्वाज द्वारा चौथ्वी शताब्दी से इसा पूर्व लिखित एक ग्रन्थ “विमान शाश्त्र” जो कि संस्कृत पद्य में रचित एक ग्रन्थ है। जिसमें विमानों के बारे में  विस्तार से जानकारी दी गयी है साथ ही साथ हवाई युद्ध के कुछ नियम भी बताये गए थे गोधा, परोक्ष,पुष्पक (रवांण का विमान) इन सभी विमानों का उल्लेख तो हमारे ग्रंथो में मिलता ही है । इस से ज़ाहिर होता है की पहले ही विमानों का अविष्कार हो चुका था और इसका जन्मदाता भारत ही था।

2-सर्जरी || Surgery


इस बात से तो आप बखूबी वाकिफ होंगे की आजकल प्लास्टिक सर्जरी बहुत उपयोग की जाती है। खासकर Film Industry में तो इसका बहुत ज्यादा उपयोग होता कुछ अभिनेता अभिनेत्रीयाँ अपनी खूबसूरती बढ़ने के लिए करती हैं तो कुछ फिल्मो के caractérisation के लिए।

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पश्चिम देश के लोग तो इसको उनके द्वारा की गई एक बहुत बड़ी खोज मानते हैं। और हम भी मानते हैं कि भले ही आधुनिक सर्जरी का अविष्कार भले उन्होंने ने किया हो लेकिन भारत में 3000 साल पहले surgery का अविष्कार हो चूका था। महर्षि सुश्रुत ने 1000 इसा पूर्व अपने समय के स्वास्थ्य  चिकित्सको के साथ मिलकर कृत्रिम अंग लगाने, पथरी का इलाज करना,और प्लास्टिक surgery जैसी रोगों को ठीक करने की युक्ति खोज ली थी ।

3 अस्त्र शश्त्र || Weapon


अस्त्र शस्त्र से मेरा मतलब सिर्फ धनुष या तीर तलवार से ही नहीं है बल्कि मेरा मतलब रामायण महाभारत के दौरान उपयोग किये गए आग्नेय अस्त्रों जैसे वरुणास्त्र, पाशुपतास्त्र, सर्पास्त्र, ब्रह्मास्त्र आदि अनेक ऐसे अस्त्रों से है । और आज के सामने में आप देख ही सकते हैं कि इन्ही चीजो को  बन्दूक, मशीनगन, तोप, मिसाइल, विषैली गैस तथा परमाणु बम भी कहा जाता हैं। हम यह कह सकते हैं कि आज के मुकाबले उस वक़्त के यह हथियार ज्यादा एडवांस थे ।

4- बिजली || Electricity


मैं  जनता हूँ कि आपको पता है आधुनिक बिजली का अविष्कार  माइकल फैराडे ने किया था । और बल्ब का अविष्कार थॉमस एडिसन ने और इस बात को भी आप जानते ही होंगे की बल्ब को बनाते टाइम थॉमस एडिसन  1000 बार असफल हुए थे। लेकिन यह अविष्कार महर्षि अगस्त्य पहले ही कर चुके थे । क्योंकि थॉमस एडिसन अपनी किताब में खुद लिखते हैं कि “एक रात जब मैं महर्षि अगस्त्य द्वारा लिखे गए संस्कृत का एक वाक्य पढ़ते-पढ़ते सो गया। उस रात मुझे स्वप्न में संस्कृत के उस वचन का अर्थ और रहस्य समझ में आया”। जिसका अर्थ था कि “एक मिट्टी का पात्र लें, उसमें Copper Sheet डालें तथा Copper sulphate डालें, फिर बीच में गीली लकड़ी की dust लगाएं, ऊपर mercury तथा Zinc डालें, फिर तारों को मिलाएंगे तो उससे मित्रावरुणशक्ति यानी (Electricity) का उदय होगा।”

5- पहिए का आविष्कार


आज से करीब 5000 साल पहले महाभारत और रामायण में भी पहियों का वर्णन मिलता है। और ग्रंथो से तो ये बात स्पष्ट होती है कि उस वक़्त के जो युद्ध लडे गए थे वो रथ पर ही लडे गए थे।और भगवान् श्री कृष्ण अर्जुन के रथ के सारथी भी बने थे तो इस बात में तो हमें कोई संदेह नहीं होना चहिये कि पहिये का आविष्कार  इरान में नहीं बल्कि भारत में हुआ था ।

6- ज्यामिती || Geometry


भले ही ग्रीस के महान गणितज्ञ पाइथागोरस ने पाइथागोरस प्रमेय का सिधांत 500 इसा पूर्व दिया हो लेकिन भारत के प्राचीन गणितज्ञ और शुल्व सूत्र तथा श्रौतसूत्र के निर्माता बौधायन ने रेखागणित, ज्यामिति के महत्वपूर्ण नियमों की खोज करीब 800 ईसा पूर्व कर ली थी इस बात से लोग इस लिए अनजान है क्योंकि उस समय रेखागणित, ज्यामिति और  त्रिकोणमिति को भारत में शुल्व शास्त्र कहा जाता था ।

7- गुरुत्वाकर्षन का नियम


इस बात से मैं मना नहीं करता की न्युटन ने गुरुत्वाकर्षण का की खोज की लेकिन यदि मैं कहूँ की गुरुत्वाकर्षण की खोज उस से पहले ही हो चुकी थी तो क्या आप यकीन करेंगे चलिए कोई बात नहीं आपको बता देते हैं की भारत में गुरुत्वाकर्षण की खोज किसने की ।

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प्राचीन भारत के सुप्रसिद्ध गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री भास्कराचार्य के बारे में तो अपने पढ़ा ही होगा। इन्होने एक ग्रन्थ लिखा जिसका नाम सिद्धांतशिरोमणि’ है। और जिसको बिभिन्न भाषाओ में ट्रांसलेट भी किया गया और यूरोप में यह किताब खूब प्रचालित हुई उन्होंने अपनी इस किताब में कहा है कि  ‘पृथ्वी अपने आकाश का पदार्थ स्वशक्ति से अपनी ओर खींच लेती है। इस कारण आकाश का पदार्थ पृथ्वी पर गिरता है । अब तो मैं नहीं बताऊंगा आपको आप खुद ही सोच लीजिये की गुरुत्र्वाकर्षण को पहले न्यूटन समझा या महान खगोल शाश्त्री भास्कराचार्य तो चलिए आगे  बढ़ते है ।

8- बटन || button


अब आप सोच रहे होंगे की बटन भी कोई आविष्कार है अरे भैया ऐसा नहीं सोचते धरती पर सुई से लेकर सागर तक सब आविष्कार ही है ।लेकिन मैं आपको यह बता दूं कि बटन का अविष्कार भी सबसे पहले भारत में ही हुआ था अब आप पूछेंगे की कैसे ।

इसका पहला सबूत मोहनजोदड़ो की खुदाई के समय मिला था। खुदाई में बटन पाए गए थे सिन्धु नदी के पास आज से 2500 से 3000 साल पहले यह यह सभ्यता अपने अस्तित्व में थी ।

9- रेडियो  || Radio 


वैसे तो रेडियो का Inventor जी. मार्कोनी को माना जाता है और इसके लिए उनको 1909 में वायरलेस टेलीग्राफी के लिए नोबेल पुरस्कार भी मिला । लेकिन ब्रिटिश शाशन काल में को जगदीश चन्द्र बसु की लाल डायरी के कुछ नोटस मिले थे जिसके आधार पर उन्होंने रेडियो का आविष्कार किया। रेडियो तरंगों का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन मिलीमीटर तरंगो के रूप में खोजकर्ता जगदीश चंद्र बसु ने 1895 में किया था ।पर मार्कोनी ने इसके 2 साल बाद ही प्रदर्शन किया और सारा श्रेय वे ले गए।

10- व्याकरण || grammar 


क्या आपको पता है कि आज से 500 इसा पूर्व महर्षि पाणिनि ने सबसे पहला व्याकरण लिखा था । संस्कृत भाषा को व्याकरण सम्मत रूप देने में पाणिनि का योगदान अतुलनीय माना जाता है । वैसे तो   इस से भी पहले विद्वान लोगो ने व्याकरण लिखा, लेकिन सबसे प्रचलित पाणिनि का हुआ। और आपको यह जानकर हैरानी होगी की एक शोध के अनुसार कंप्यूटर के लिए सबसे सूटेबल भाषा संस्कृत को ही माना गया है। क्योंकि यह दुनिया की सबसे शुद्ध ब्याकरण रहित भाषा है ।

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About kailash

मेरा नाम कैलाश रावत है और मैं hindish.com का एडमिन व लेखक हूँ और इस ब्लॉग पर निरंतर हिन्दी में ,टेक,टिप्स,जीवनियाँ,रहस्य,व अन्य जानकारी वाली पोस्ट share करता रहता हूँ, मेरा मकसद यह है की जैसे बाकि भाषाए इन्टरनेट पर अपनी एक अलग पह्चान बना रही हैं तो फिर हम भी अपनी मात्र भाषा की इन्टरनेट की दुनियां में अलग पहचान बनाये न की hinglish में ।

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