Data Science क्या होता है।

Data science के बारे में आपने कई बार सुना होगा और आपके मन में भी जिज्ञासा होगी की आखिर यह होता क्या है, तो आज के इस लेख में हम जानने वाले हैं डाटा साइंस के बारे में कि आखिर डाटा साइंस क्या होता है यह कहाँ काम आता है और आप एक डाटा साइंटिस्ट कैसे बन सकते हैं ?

Data Science क्या होता है ?

Data science एक ऐसा अध्ययन है जो व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले डेटा स्रोतों से सार्थक जानकारी की पहचान, प्रतिनिधित्व और डेटा विज्ञान निष्कर्षण से संबंधित है। जिससे की हम उसका बिज़नेस ओर आईटी रणनीतियों में काम में ले सकें। हम इस ज्ञान को फिर अच्छे से इकट्ठा करके उससे मूल्यवान संसाधन बनाते हैं।

डाटा साइन्स जिनको आता है उनकी आज के जमाने में काफी पूछ है क्योंकि डाटा साइन्स पर काफी कंपनीयाँ निर्भर हैं। ज्यादा मात्रा में डाटा की छान बिन करने से हमे काफी काम की चीज़ें मिल जाती हैं और फिर उसमे से हम काम के डाटा को इकट्ठा करके अपने काम के लिए रख लेते हैं।

इससे कंपनी की मुक़ाबला करने की क्षमता बढ़ती है क्योंकि हम डाटा साइन्स में खोज बिन करते हैं इससे कंपनी का बिज़नेस भी बढ़ता है।

डाटा साइन्स जो क्षेत्र है उसमें गणित, स्टेटिस्टिक्स, और कम्प्युटर साइन्स वाले लोग काम करते हैं। यह मशीन लर्निंग, क्लस्टर एनालिसिस, डाटा माइनिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं।

प्रत्येक मिनट में उत्पन्न होने वाले फैक्‍ट की भारी मात्रा के साथ, उपयोगी अंतर्दृष्टि एक्‍सट्रैक्‍ट करने की आवश्यकता हैं, ताकि बिज़नेस भीड़ से बाहर खड़ा हो सके। डेटा इंजीनियर्स ,डेटा माइनिंग, डेटा मंगिंग और अन्य प्रोसेस को सुविधाजनक बनाने के लिए डेटाबेस और डेटा स्‍टोरेज सेट अप करते हैं। हर दूसरा ऑर्गनाइज़ेशन, प्रॉफिट के पीछे भाग रहा है, लेकिन ताजा और उपयोगी अंतर्दृष्टि के आधार पर कुशल रणनीतियों को तैयार करने वाली कंपनियां हमेशा लंबे समय तक खेल जीतती हैं।

डेटा वैज्ञानिक कौशल सेट में सांख्यिकी, विश्लेषणात्मक, प्रोग्रामिंग कौशल और व्यावसायिक कौशल के बराबर माप शामिल है। अधिकांश डेटा वैज्ञानिकों के पास गणित या विज्ञान के अन्य डोमेन में एक मजबूत बैकग्राउंड है और PHD कि एक अलग संभावना है। डेटा वैज्ञानिक की भूमिका के बिना, बड़े डेटा के मूल्य का उपयोग नहीं किया जा सकता है। तो आज के डेटा-से संचालित विश्व में डेटा वैज्ञानिकों की भारी मांग है जो डेटा को मूल्यवान व्यावसायिक अंतर्दृष्टि में बदलते हैं। डेटा विज्ञान की डेटा मूल बातों का ज्ञान विज्ञान की आज की डेटा संचालित दुनिया में काफी उपयोगी है।

डाटा साइंटिस्ट || Data Scientist 

जैसे ही किसी कंपनी के बिज़नेस में डाटा बढ़ता है वैसे ही डाटा साइंटिस्टो की कंपनीयों में जरूरत पड़ने लगती है और उन्हे डाटा को सही से रखने और उसकी सही से रिपोर्ट बनाने के लिए रखा जाता है। जिससे की कंपनी इस डाटा को बेच सके और कुछ लाभ कमा सके और कंपनी की प्रगति हो पाए।

डाटा साइंटिस्ट का प्रमुख काम रॉ डाटा को व्यवस्थित करना होता है। सामान्य रूप से डाटा को अव्यवस्थित डाटा में से निकालना होता है और उसे व्यवस्थित करना होता है जिससे की वह डाटा आगे इस्तेमाल हो सके।

इस डाटा की उसके बाद छान बिन होती है और उसमे से काम का डाटा छाँट लिया जाता है। डाटा साइंटिस्ट को मशीन लर्निंग, डाटा माइनिंग, ऐनालिटिकस आदि का ज्ञान भरपूर होता है और कोडिंग और एल्गॉरिथ्म लिखना भी बखूबी आता है। इसी तरह से डाटा को प्रबंधित और व्याख्या करते हुए डाटा साइंटिस्ट का काम होता है की वह इस डाटा को इस तरह से बनाए जिससे की इसको ग्राफिकल्ली और विडियो, फोटो आदि के रूप में भी दिखा सकें। इस तरीके से डाटा को हम डिजिटली भी रख सकते हैं और बाकी की कंपनीयों को बेच सकते हैं जिससे की बिज़नेस में काफी इजाफा होता है।

प्रभावी होने के लिए डाटा साइंटिस्ट के अंदर शिक्षा के साथ साथ भावुक बुद्धि और डाटा एनालिटिक्स का ज्ञान भी भरपूर होना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण जो कौशल होता है किसी डाटा साइंटिस्ट में वह यह है की वो किस तरह से डाटा को रख रहा है और लोगों को समझा पा रहा है और कितने अच्छे तरीके से दर्शा पा रहा है की इसमें काम कैसे होता है।

यह भी जरूरी होता है की वो अच्छे सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर रहा हो और डाटा का महत्व भी बता रहा हो। डाटा साइंटिस्ट डिजिटल जानकारी को चैनल और स्त्रोतों से बनाते हैं जैसे की स्मार्ट फोन इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) डिवाइस, सोशल मीडिया, सर्वे, इंटरनेट सर्च, खरीददारी। डाटा साइंटिस्ट बहुत सारे डाटा सेट्स में से ऐसे पैटर्न को निकालते हैं जिससे की मुश्किलों को यह डाटा एनालिसिस के द्वारा आसानी से सुलझा सकें इस प्रक्रिया को हम डाटा माइनिंग भी बोलते हैं।

डाटा साइंस के क्या फायदे हैं ?

डाटा साइन्स बिज़नेस के निर्णय लेने में काफी काम आता है। यह डाटा को बड़े ही सही तरीके से इस्तेमाल करता है और उसे उपयोगी बनाता है जिससे की हम उसे इस्तेमाल कर सकें।

डाटा से जो हम निर्णय लेते हैं वह हमे काफी लाभ देता है और काम करने की क्षमता को भी बढ़ा देता है। डाटा साइन्स लोगों की भर्ती में भी काफी काम आता है जैसे की लोगो की आंतरिक कार्यों में जैसे की जो लोग आगे की स्टेज के लिए चुने गए हैं तो उनको भी डाटा साइन्स को इस्तेमाल करके इसी तरीके से छाँटा जाता है।

डाटा से एप्टिट्यूड टेस्ट लेना और गेमस, कोडिंग आदि ह्यूमन रिसौरस के लोगों के लिए काफी उपयोगी होते हैं क्योंकि इससे वो लोगों को कंपनी में लेते हैं।

डाटा साइंस का उपयोग कहाँ होता है ? Data Science Uses in Hindi –

अब जब Hadoop और अन्य फ्रेमवर्क ने स्‍टोरेज की समस्या को सफलतापूर्वक हल कर लिया है, तो फोकस इस डेटा के प्रोसेसिंग पर आ गया है। डेटा साइंस यहां गुप्त तरीके से काम करता है। हॉलीवुड साई-फाई फिल्मों में जो भी आइडियाज आप देखते हैं वह वास्तव में डेटा साइंस द्वारा वास्तविकता में बदल सकता है। डेटा साइंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य है। इसलिए, यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि डेटा साइंस क्या है और यह किसी बिज़नेस में वैल्‍यू कैसे जोड़ सकता है।

डाटा साइंस के फायदे कंपनी के लक्ष्य और संसाधानों पर भी निर्भर करते हैं की कंपनी किस तरह का काम करती है और किस तरह से संसाधनो को इस्तेमाल करती है। सेल्स और मार्केटिंग डिपार्टमेंट पर भी कंपनी का फायदा निर्भर करता है। उद्धारण के तौर पर हम यह देख सकते हैं की कुछ कंपनी उपयोगकर्ताओं के डाटा को खरीदती हैं और फिर उसका विश्लेषण करती हैं।

डाटा को सही तरीके से समझा जाता है और उसके बाद उसकी उचित रिपोर्ट बनायी जाती है और फिर कंपनी में इसका पूरा विचार विमर्श होता है, जिससे की इस डाटा को प्रभावी बनाया जा सके। यह कैम्पेन करने में भी काफी उपयोगी होता है।

नेट्फ़्लिक्स में भी डाटा पर निर्भर करने वाली एल्गॉरिथ्म इस्तेमाल होती है जो की उपयोगकर्ता का इतिहास बताती है की उसने पहले क्या क्या देखा था नेट्फ़्लिक्स में। डाटा साइन्स बहुत ही उभरता हुआ क्षेत्र है और तकनीकी दुनिया में आने वाले समय में यह काफी तरक्की करेगा और हम पूरी तरह इसपर निर्भर होंगे।

मशीन लर्निंग की चीज़ें भी डाटा साइन्स में उपयोग होती हैं जैसे की इमेज रेकोगनिशन और स्पीच रेकोगनिशन।

जैसे-जैसे दुनिया बड़े डेटा के युग में प्रवेश कर रही है, इसकी स्‍टोरेज कैपेसिटी की आवश्यकता भी बढ़ी है। 2010 तक एंटरप्राइज उद्योगों के लिए यह मुख्य चुनौती और चिंता थी। मुख्य ध्यान डेटा स्टोर करने के लिए फ्रेमवर्क और समाधान के निर्माण पर था।

डेटा वैज्ञानिक कैसे बनें –

तो आपने डुबकी ली है। आप एक डेटा वैज्ञानिक बनना चाहते हैं। लेकिन कहां जाना हैं ? यहां बहुत सारे रिसोर्सेस हैं। आप शुरुआती पॉइंट कैसे तय करते हैं? क्या आपने उन विषयों पर ध्यान नहीं दिया जिन्हें आपने पढ़ा था? सीखने के लिए सबसे अच्छे रिसोर्सेस कौन से हैं?

डेटा विज्ञान या इसके निकट से संबंधित क्षेत्र में अंडरग्रेजुएट, ग्रेजुएट या सर्टिफिकेट पाने कि कोशिश करें।

व्यापक रूप से बोलते हुए, आपके पास 3 एजूकेशन ऑप्‍शन हैं यदि आप डेटा साइंटिस्ट डिग्री के रूप में करियर पर विचार कर रहे हैं।

डिग्री और ग्रेजुएट सर्टिफिकेट, स्‍ट्रक्‍चर, इंटर्नशिप, नेटवर्किंग और आपके रिज्यूमे के लिए मान्यता प्राप्त अकादमिक योग्यता प्रदान करते हैं। इसके लिए आपको महत्वपूर्ण समय और पैसा लगाना होगा।

स्टेटिस्टिक्स, डेटा माइनिंग और डेटा विश्लेषण में अपने कौशल को बेहतर बनाएं।

एक डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए आपमें निम्न कौशल होने चाहिए –

  • Education –
  • R Programming
  • Python Coding
  • Hadoop Platform
  • SQL Database/Coding

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