Dark Web क्या होता है ?

dark web क्या होता है

Dark Web आज के आधुनिक युग में दुनिया भर में बहुत सारी चीजें हैं, कुछ अच्छी हैं तो कुछ बहुत बुरी, अच्छी चीजे तो आपको दिखने को मिल जाती है, और ज्यादा से ज्यादा लोग इस से जुड़ना चाहते हैं। क्योंकि ऐसे ही हमारा समाज बना है, लेकिन कुछ चीजे हैं जो समाज को नष्ट करने की काबिलियत रखती हैं। और इसी लिए ऐसे चीजों को दुनिया से छुपा कर रखा जाता है। और इन चीजों के बारे में न जानना ही बेहतर होगा, क्योंकि नकारात्मकता आपके दिमाग में नहीं आएगी लेकिन नहीं जाने बिना भी आज के युग में बेवकूफी होगी, क्योंकि आपको दुनिया का एक अंदाजा होना भी जरुरी है ताकि आप सतर्क रह सको। और फिर इन्ही चीजों के बारे में जानकर आप अपने आप को स्ट्रांग बना पाओगे, और सही और गलत में सटीक अंतर करना भी सीख पाओगे। तो इसलिए आज हम जानने वाले हैं एक बहुत ही गुप्त विषय पर जिसको लोग कहते हैं The Dark Web

Dark Web क्या होता है ?

ज्यादातर लोग जब इंटरनेट के बारे में सोचते हैं तो उन्हें लगता है कि इंटरनेट में सिर्फ अपने रोजमर्रा के  काम जैसे कि videos देखना news चेक करना online booking, सोशल मिडिया बस यही होता है। लेकिन यह तो सिर्फ वो दुनिया है जिसको आप सतह पर आसानी से देखते हो इसकी गहराई में भी एक बहुत ही अलग इंटेरेंट की दुनिया है जो terrorists Criminals, मानसिक रोगी, विनाश चाहने वाले लोग, Top Secret जासूस, access करते है। लेकिन आप और मैं चाह कर भी उन्हें कभी ट्रैक नहीं कर सकते, और सिर्फ हम ही नहीं दुनिया के सबसे बेस्ट पुलिस एजेंसी भी नहीं। लेकिन ये लोग कौन हैं और ये चाहते क्या है इंटरनेट से। तो इंटरनेट को कुछ इस तरह से समझिये इंटरनेट जो हम उपयोग करते हैं हमारे आर्डिनरी ब्राउज़र जैसे Google chromes है यह सिर्फ एक छोटा से web का हिस्सा उपयोग करता है एक्सपर्ट्स के मुताबिक आप Google, yahoo, internet explorer जैसे सर्च इंजन से सिर्फ 4% से 10 %  तक ही आप इंटरनेट को उपयोग कर पाते हैं।

एक रफ़ एस्टीमेट के अनुसार इंटरनेट में 1.8 Billion से ज्यादा एक्टिव वेबसाइटस हैं। जिसमे से कुछ Sites जैसे Google, Wikipedia, Amazon, Reddit आदि पब्लिक वेबसाइटस हैं, जिनको हम लोग डेली विजिट करते हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं हुआ कि बाकी की वेबसाइट इलीगल या बेकार हैं। इंटरनेट के बड़े हिस्से की वेबसाइट भी  लीगल होती हैं। लेकिन यहाँ डाटा थोड़ा अलग किस्म का होता है जिसको कुछ सुरक्षा कारणों से आम इंसानो से छुपा कर रखा जाता है। और यहाँ पर पब्लिक के प्राइवेट रेकॉर्डस, इमेल्स, बैंक ट्रांसक्शन्स, मेडिकल रेकॉर्डस, फाइनेंसियल रिकार्ड्स, लीगल डाक्यूमेंट्स, साइंटिफिक रेसर्चेस, सरकारी रिपोर्ट्स आदि स्टोर की जाती है। और डार्क वेब Deep इंटरनेट का ही एक पार्ट है। जिसमे IP addresses, यानी ऑनलाइन अडेन्टिटी, वेब सर्च इंजिन, सबसे छिपाई राखी जाती है। और इन सभी वेबसाइट को एक special Web Browser द्वारा ही एक्सेस किया जा सकता है।

Dark Web का कांसेप्ट ही बिलकुल अलग है, डार्क वेब के वेबसाइट सिंपल गूगल क्रोम या माइक्रोसॉफ्ट एज, या किसी अन्य ब्राउज़र से एक्सेस नहीं किये जा सकते और इनका डोमेन नाम .in या .com के बाजाए .Onion होता है। onion यानी प्याज ऐसा नाम क्यों दिया गया इसका भी एक रीजन है। जिस तरह से हम अमेज़न, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील से सामान खरीदते हैं, उसी तरह Terrorist, Drugs Smugglers, illegal’s Animal Parts, fake currencies, fake passport dealer, credit cards hacker, Antinational, आदि डार्क वेब से गैर कानूनी और ख़ुफ़िया ट्रांसक्शन करते हैं। क्योंकि उनको पूरी प्राइवेसी और secrecy मिल जाती है। लेकिन अब यह सवाल आना जायज है कि अगर यह इतनी खतरनाक चीज है तो इसको किसने बनाया, और इसको बंद क्यों नहीं किया जाता।  बिलकुल यही सवाल मेरे मन भी आया था जब मैं इसको जानने की कोशिश कर रहा था, तो इसको जानने के लिए थोड़ा अतीत में चलते हैं।

क्या आपको पता है की हमारा इंटरनेट हमें शुरुवात में हमें मिलिट्री टेक्नोलॉजी के लिए किये गए रिसर्चस की बदौलत मिला था। बिलकुल उसी तरह 2002 में US Navy की Naval Research Laboratories को लगा कि उनके communications बिलकुल ख़ुफ़िया तरीके से नहीं हो रहे थे और उन्हें इस सिक्योरिटी सिस्टम को अपडेट करना था जिस से की कोई भी उनके कम्युनिकेशन को एक्सेस नहीं कर सके और इसीलिए उन्होंने एक ऐसे सॉफ्टवेयर को डेवेलोप किया जिसे रिलीज़ करने के बाद नाम दिया गया The Onion Router यानी शार्ट भाषा में  TOR . अब जैसे प्याज में बहुत सारी परत (layers) होती हैं और सभी लेयर्स सीढ़ी नहीं बल्कि घुमावदार होती हैं उसी तरह डाटा भी इस नेटवर्क में कभी भी एक कनेक्शन से दूसरे कनेक्शन में सीधा नहीं जायेगा बल्कि दुनिया भर के Connection से Reroute होते हुए जायेगा। और इस लिए यूजर को ट्रेस कर पाना नामुमकिन हो जाता है। और Dark Web में आप सिर्फ TOR यानी कि The Onion Router के जरिये ही वेबसाइट को एक्सेस कर पाओगे और वेबसाइट भी एकदम Anonymous होस्ट होते होंगे, बिलकुल इसी तरह Dark Web यूजर के location और उनका IP Address सब कुछ छुपा कर रखता है। जिससे की उन्हें ट्रैक नहीं किया जा सके और उनकी Browsing History का भी कोई पता न लगा सके।

वैसे तो शुरुवात में यह सॉफ्टवेयर सिर्फ मिलिट्री इंटेलिजेंस और कम्युनिकेशन्स  लिए थी लेकिन बाद में US Military ने इस software को थोड़े Irresponsible और censored देश चीन, उत्तर कोरिया, ईरान के rebels को US Govt.  के साथ Secret Communication के लिए use करने के लिए दिया ताकि उन rebels और US Govt. के बीच कम्युनिकेशन गुप्त तरीके से हो पाए, और फिर धीरे धीरे यह सॉफ्टवेयर वहां से लीक होकर पब्लिक होना शुरू हो गया। और आज Dark Web को लगभग हर तरह के लोग उपयोग करना शुरू कर दिए हैं, अच्छे भी और बुरे भी लेकिन इसका उपयोग गलत कामो के लिए ज्यादा किया जाता है। अब तो कोई भी इंसान Emails, Web chat या Personal massages के जरिये Dark Web पर अपने Secret कांटेक्ट के साथ कम्यूनिकेट कर सकता है। और कोई भी तबाही मचाने वाले एक्सचेंज कर सकता है जिसकी किसी को भी भनक तक नहीं पड़ेगी। नीचे दिए गयी इमेज में आप समझ सकते हैं कि पूरे इंटरनेट का सिर्फ 3-4%  (surface web ) को ही हम स्तेमाल कर पाते हैं बाकी का 94-95% को पब्लिक नहीं किया जाता जैसे सुरक्षा कारणों से किसी की मेल, किसी की बैंक डिटेल, PayPay Credential, WhatsApp Data सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

dark web क्या होता है
इस चित्र से आप डार्क वेब को समझ सकते है

हमारे देश भारत में वैसे Dark Web के वेबसाइट access करना गैर कानूनी नहीं है, लेकिन डार्क वेब का उपयोग करके कोई क्रिमिनल एक्टिविटी करना गैर कानूनी है। Deep Web और उसके अंदर के Dark Web तो सिर्फ TOR Browser में चलते हैं और उसका उपयोग ज्यादातर केवल Professional Hacker करते हैं अगर हम TOR के जरिये डार्क वेबसाइट एक्सेस करते हैं तो किसी का आपके डिवाइस को हैक कर देने की सम्भावना बहुत हाई होती है। अब  Dark Web में गैर कानूनी एक्टिविटीज तो होती रहती हैं, लेकिन उसमे कुछ कंस्ट्रक्टिवे लेकिन सीक्रेट काम भी होते हैं। जैसे किसी World Class Technology या Scientific Research के Blue prints को गलत लोगो से सुरक्षित रखना।

लेकिन यह सब Technically Proficient लोगो के द्वारा ही किया जाता है। और एक सामान्य इंसान नहीं करता। अगर आप हमारी माने तो आप डार्क वेब से दूर ही रहे, क्योंकि अगर आपको नहीं पता कि आप क्या कर रहे हो यह आपकी जिंदगी में बहुत सारी बिन बुलाई मुसीबतो को दस्तक दे सकता है। अगर कोई इंसान TOR Browser को डाउनलोड भी कर ले जो कि फ्री सॉफ्टवेयर है, तो भी उसको पता नहीं चलेगा की उसको अब जना कहाँ है और उस ब्राउज़र में करना क्या है। क्योंकि  TOR का ब्राउज़र गूगल या यूट्यूब की तरह नहीं होते की बस टाइप करो और आपको उसका रिजल्ट मिल गया। आपको पहले वेबसाइट का नाम पता करने पड़ेगें जो की काफी जटिल और गुप्त होते हैं, या फिर आपको बहुत सारी हिडन चीजों के बहुत सारे लिंक मिलेंगे जो वैसे तो एक्टिव ओनियन वेबसाइट होंगे, लेकिन आपको पता नहीं चलेंगे और उस पर क्लिक करेंगे और वो लिंक आपको किसी गैर कानूनी वेबसाइट पर ले जायेंगे तो सिंपल बात यह है कि Dark Web को आप ना ही स्तेमाल करें। एक नॉर्मल इंटरनेट उपयोग करता अपनी सुविधा के लिए VPN  (Virtual Private Network) का स्तेमाल कर सकता है। जिस से वो अपने नार्मल  Google Chrome  Browser को और भी सिक्योर बना सकता है।

दुनिया में टेक्नोलॉजी का सदुपयोग हो रहा है तो दुरूपयोग भी हो रहा है और हमें इस बात से आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए क्योंकि। हर सिक्के के दो पहलू होते हैं और ऐसा कभी भी नहीं होगा कि दुनिया में पूरी बुराई का अंत हो जाये या सभी बुरे लोगो का ही अंत हो जाये हमको यह बात स्वीकार करनी ही होगी की दुनिया में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग हैं, अच्छी और बुरी दोनों तरह की चीजे हैं लेकिन हमको वही चीज स्तेमाल करनी है जो हमारे लिए सुरक्षित और उपयोगी हो, और हमारे साथ साथ पुरे देश का भला हो।


यह भी पढ़ें –

UPI क्या होता है समझिये सरल भाषा में

Barcode क्या है और कैसे काम करता है ?

Google Drive क्या है 

RDP ( Remote Desktop Protocol ) क्या है जानिए विस्तार से

अपनी फोटो को Painting में कन्वर्ट करें इन 4 वेबसाइट से 

बैकलिंक्स क्या होते हैं | What are Backlinks

टोर ब्राउज़र ( Tor Browser ) क्या है और हैकिंग के लिए क्यों किया जाता है इसका यूज़ 

हैशटैग (#) क्या होता है जाने हिंदी में | what is hashtag in hindi 

http क्या है | what is http

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *