वेद क्या हैं ? वेदों का महत्व

वेद क्या हैं ? वेदों का महत्व

वेद क्या है ? हिन्दू सभ्यता के सबसे प्राचीन ग्रंथों को वेद कहा गया है। वेद संस्कृत के शब्द विद् से बना है, जिसका अर्थ होता है जानना। वेद ईश्वर द्वारा ऋषियों को सुनाए गए ज्ञान पर आधारित है इसीलिए इसे श्रुति कहा गया Read more

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बाइबिल की सच्चाई पर एक नज़र।

बाइबिल की सच्चाई पर एक नज़र।

अक्सर मैंने कई लोगों को यह कहते हुए सुना है कि भगवदगीता, क़ुरान और बाइबिल में एक ही बात कही गई है तो फिर आपस में क्यों लड़ रहे हो। लेकिन यह बात भी सच है कि ऐसी व्यर्थ की बाते Read more

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श्रीमद भगवद गीता क्या है ? और हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है

श्रीमद भगवद गीता क्या है ? और हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है

जब मैं छोटा (15-16 साल का ) था तो मैंने श्रीमद भगवद गीता का नाम सुना था, और यह भी सुना था कि इसमें भगवान् श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को उपदेश दिए थे। लेकिन फिर भी भक्ति की तरफ कभी इतना रुझान नहीं Read more

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भगवान् को किसने बनाया ?

भगवान् को किसने बनाया ?

यह सवाल लगभग हर तर्क करने वाले व्यक्ति के मन में आता है कि हमें भगवान ने बनाया तो फिर भगवान् को किसने बनाया ?   इसलिए इसपर मैं आज अपनी राय रख रहा हूँ, बाकी यह सवाल ही ऐसा है Read more

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रामायण के 5 महाझूट जिनको आप सच समझते हैं

रामायण के 5 महाझूट जिनको आप सच समझते हैं

कुंभकरण 6 महीने तक सोता था – अक्सर हमे serieal मे दिखाया जाता है कि रामायण में रावण का भाई कुंभकरण 6 महीने तक सोता था ओर 6 महीने जागता था लेकिन यह सबसे बड़ा झूठ है, क्योंकि इस बात Read more

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गीता vs कुरान जानते हैं किसमें है मानवता का सन्देश

गीता vs कुरान जानते हैं किसमें है मानवता का सन्देश

अक्सर हमें देखने को मिलता है कि हिन्दू और मुस्लिम आध्यात्मिक ज्ञान को लेकर परिचर्चा ( Debate ) करते रहते हैं। हिन्दू अपनी भगवद्गीता को पवित्र मानते हैं, और मुस्लिम अपनी कुरान को,  ठीक है अपने-अपने धर्म है अपने-अपने मजहब हैं और अपने मजहब के Read more

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विज्ञान और भगवान से जुड़े कुछ सवाल

विज्ञान और भगवान से जुड़े कुछ सवाल

विज्ञान और भगवान के बीच कोई आपसी टकराव नहीं है। दोनों अपने अपने यथास्थान पर स्थित हैं और अगर हम अपनी सोच का स्तर थोडा ऊँचा करके देखेंगे तो हम पाएंगे कि विज्ञान और भगवान दोनों एक दुसरे के पूरक Read more

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भगवान और गुरु से प्यार करना निरंकारी विचार

भगवान और गुरु से प्यार करना निरंकारी विचार

भगवान और गुरु से प्यार करना निरंकारी विचार प्यार कब्ज़ा नहीं पहचान है, अधिकार नहीं कर्त्तव्य है, चाहत नहीं स्वयं को मिटाना है। बलिदान की नीव पर ही प्रेम-महल का निर्माण होता है ।प्यार भरा जीवन जीने के लिए भक्ति Read more

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गुरसिख का चरित्र व आचरण कैसा होना चाहिए | निरंकारी विचार

Nirankari-Sewa-Dal | निरंकारी विचार

चरित्र ही व्यक्तित्व है सद्व्यवहार व उत्तम किरदार ही गुरमुख की पहचान है मधुर वाणी, नम्रता, निश्छल लेन-देन जैसे गुणों से ही गुरसिख समाज को प्रभावित कर सकता है वह अपने चरित्र व व्यव्हार के प्रति सदैव चेतन रहता है Read more

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सत्संग क्या है जीवन में सत्संग का महत्व | निरंकारी विचार

niranakri sangat | nirankari vichar | निरंकारी विचार

भाग्यवान होते हैं वह जिन्हें सत्यवादी पुरुषो की संगती मिलती है जैसे हीरे की खाने आम नहीं मिलती वैसे ही ग्यानी पुरुष स्थान- स्थान पर नहीं मिलते संसार के असंख्य लोगो में से इन्हें ढूंड कर इनका संग करना ही Read more

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