CAB, CAA, NRC क्या है जानिए सरल भाषा में

CAB, CAA, NRC में क्या अंतर है।

जब जब भी भारत के भले के लिए कोई कदम उठाया जाता है तब तब देशविरोधी लोग, विपक्ष की बौखलाहट, और मुस्लिमो का गज़वा ए हिन्द के सपने टूटने की छटपटाहट साफ़ साफ़ दिखने लगती है। देश भर में देश के गद्दार इस बात को लेकर हंगामा कर रहे हैं कि CAB, CAA और NRC बिल भारत के मुस्लिमो के खिलाफ है, लेकिन जब उनसे पूछा जाता है कि CAB की फुल फॉर्म क्या है तो उनको कुछ पता नहीं होता है, यही नहीं बॉलीवुड के कुछ देशविरोधी कलाकर जैसे जावेद अख्तर, फरहान अख्तर, स्वरा भास्कर, अनुराग कश्यप, मुनव्वर राणा, जैसे लोग भी CAB, CAA, NRC के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले दंगाईयो का साथ देते हुए पाए गए जब इनसे पूछा गया की यह बिल क्या है तो ये कुछ नहीं बोल पाए। विपक्ष के दल अपना एजेंडा चलने के लिए कुछ लोगो को रुपये देखर दंगे करवाते हैं और सरकार की हर चाल को नाकाम करना चाहते हैं लेकिन कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी  जैसी देशविरोधी पार्टियों के ये नापाक मनसूबे कभी भी कामयाब नहीं हो पाते। क्योंकि पूरा देश सरकार के अच्छे फैसलों के समर्थन में आ जाता है।  चलिए आज जानते हैं की आखिर CAB, CAA, NRC क्या है ?

CAB, CAA, NRC में क्या अंतर है।


CAA और CAB में क्या अंतर है ?

CAA का फुल फॉर्म Citizenship Amendment Act है  जिसको हम हिंदी में नागरिकता संशोधन कानून भी कह सकते हैं, और CAB की फुल फॉर्म Citizenship Amendment Bill  है। यह दोनों एक ही हैं बस ये संसद में पास होने से पहले CAB यानी (Citizenship Amendment Bill) था ।  CAA और CAB  में अंतर बस इतना है कि संसद में पास होने से पहले इसको CAB (Citizenship Amendment Bill) के नाम से जाना जाता था और संसद में पास होकर राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह CAA (Citizenship Amendment Act) यानि कि नागरिकता संशोधन कानून बन गया है।

CAA से क्या होगा ?

नागरिकता संशोधन बिल में छह समुदायों- हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी धर्म से संबंधित अल्पसंख्यक शामिल हैं। इस विधेयक के तहत 31 दिसंबर 2014 तक धर्म के आधार पर प्रताड़ना या किसी अन्य उत्तंपीड़न के चलते जो अल्पसंख्यक लोग पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं उनको भारतीय नागरिकता दी जाएगी। 31 दिसंबर 2014 के बाद यदि कोई अल्पसंख्यक भारतीय नागरिकता चाहता है तो उसको कम से कम 6 साल भारत में बिताने होंगे हालाँकि पहले उनको भारत में 11 साल रहना अनिवार्य था। गौर करने वाली बात यह है कि इस कानून का किसी भी भारतीय नागरिको से कोई लेना-देना नहीं है, चाहे वे किसी भी धर्म से आते हो।

NRC क्या है ?

  • NRC की फुल फॉर्म होती है National Register of Citizens यानी भारतीय नागरिको का रजिस्टर। 
  • एनआरसी से यह पता चलता है कि कौन भारत का नागरिक है और कौन नहीं. जो इसमें शामिल नहीं हैं और देश में रह रहे हैं उन्हें अवैध नागरिक माना जाता है।
  • असम एनआरसी के तहत उन लोगों को भारत का नागरिक माना जाता है जो 25 मार्च 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं. जो लोग उसके बाद से असम में रह रहे हैं या फिर जिनके पास 25 मार्च 1971 से पहले से असम में रहने के सबूत नहीं हैं, उन्हें एनआरसी लिस्ट से बाहर कर दिया गया है।
  • एनआरसी लागू करने का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि अवैध नागरिकों की पहचान कर के या तो उन्हें वापस भेजा जाए, या फिर जिन्हें मुमकिन हो उन्हें भारत की नागरिकता देकर वैध बनाया जाए।
  • एनआरसी की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि 1971 के दौरान बांग्लादेश से बहुत सारे लोग भारतीय सीमा में घुस गए थे. ये लोग अधिकतर असम और पश्चिम बंगाल में घुसे थे. ऐसे में ये जरूरी हो जाता है कि जो घुसपैठिए हैं, उनकी पहचान कर के उन्हें बाहर निकाला जाए।
  • यदि हमारे देश में बाहर के अवैध लोग घुस जायेगए  तो देश के लिए जो भी योजना निकली जाएगी वो लोग भी उस योजना का लाभ उठा लेंगे और भारतीय लोग ही भारत की योजना से वंचित रह जायेंगे।

CAA और NRC को लेकर विरोध क्यों हो रहा है ? 

भले ही लोग नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं, लेकिन असल में वह विरोध कर रहे हैं एनआरसी का। बल्कि यूं कहिए कि ये दोनों ही एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।  प्रदर्शन कर रहे लोग कह रहे हैं कि नागरिकता संशोधन कानून में मुस्लिमों को शामिल क्यों नहीं किया गया है? उनका आरोप है कि ये सरकार मुस्लिमों की नागरिकता छीनना चाहती है

लेकिन सच्चाई इस से कुछ अलग ही है CAA का भारतीय लोगो से कोई लेना देना नहीं है यह कनून बाहर से आये हुए उन अल्पसंख्यक लोगो के लिए है जो धार्मिक उत्पीड़न के चलते अपना देश छोड़कर भारत की नागरिकता लेना चाहते। हैं। यह नागरिकता देने का कानून है न की नागरिकता छीनने का।

अब कुछ लोग NRC को लेकर भी विरोध कर रहे हैं जबकि उनको NRC के बारे में सही जानकारी नहीं  है, या कांग्रेस, आम आदमी पार्टी  और समाजवादी पार्टी जैसी देशविरोधी पार्टियों ने अपना एजेंडा चलाने के लिए उनको ग़लतफ़हमी में डाल रखा है। यदि आपके पास वैध प्रमाण पत्र हैं तो आपको कोई भी भारत से बाहर नहीं करेगा, क्योंकि यह कानून सिर्फ घुसपैठियों को बहार भगाने के लिए है, उन लोगो को बाहर करने के लिए है जो अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं और भारत के सरकारी साधनो को नस्ट कर रहे हैं जो भारतीय नागरिको को मिलने चाहिये।  NRC सभी भारतीय लोगो के लिए है चाहे वो किसी भी धर्म से सम्बंधित हो।

तो आशा करता कि आप CAB, CAA, NRC क्या है समझ  गए होंगे।

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2 thoughts on “CAB, CAA, NRC क्या है जानिए सरल भाषा में”

  1. Found a very good estate through your post Mr. Kailash.
    But I would definitely like to know that the protests that are taking place are the ones to which extent is fine.

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