भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार | Bhagat singh quotes in hindi

भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार | Bhagat singh quotes in hindi

जब जब सरदार भगत सिंह का नाम आता है हर किस के अंदर देशभक्ति का जूनून दौड़ने लगता है। क्योंकि भगत सिंह हमारे भारत के लिए वो कर के शहीद हुए हैं जिसकी कीमत तो किसी मोल भाव में नहीं तौला जा सकता।  उन्होंने अपने अंदर की वह क्रांतिकारी आग और वो देश भक्ति दिखाई है जो आज के युवाओं में देशभक्ति का जूनून भर देता है। और हर एक भारतवासी को अपने वतन पर ख़ुशी ख़ुशी मर मिटने के लिए भी प्रेरित करता है।शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितम्बर 1907 को  जरंवाला तहसील पंजाब में हुआ था भगत सिंह ने देशभक्ति की राह पर चलते हुए मात्र २३ साल की उम्र में अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए। और अपने आप को देश के लिए बलिदान कर दिया। अंग्रेजो द्वारा उनको 23 मार्च 1931 को सुखदेव और राजगुरु के साथ लाहौर में फांसी दे दी गयी। फांसी के दिन वे तीनो ख़ुशी ख़ुशी
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है।
देखना है जोर कितना बाजू-ए-कातिल में है।।
गाते जा रहे थे और ख़ुशी ख़ुशी अपने देश के लिए अपन प्राणों को आहुति दे दी और फंसी के फंदे पर झूल गए । भारत माँ के इसी वीर सपूत भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार | Bhagat singh quotes in hindi आप नीचे पढेंगे।

भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार | Bhagat singh quotes in hindi

भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार | Bhagat singh quotes in hindi  –

 जिंदगी तो सिर्फ अपने कंधों पर जी जाती हैदूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं।  ~ भगत सिंह 
 राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद हैभगत सिंह 
 किसी भी इंसान को मारना आसान हैपरन्तु उसके विचारों को नहीं। महान साम्राज्य टूट जाते हैंतबाह हो जाते हैंजबकि उनके विचार बच जाते हैं।भगत सिंह 
 व्यक्तियो को कुचल कर वे विचारों को नहीं मार सकते।भगत सिंह 
 मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ पर मैंज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ,
और वही सच्चा बलिदान हैभगत सिंह 
 मेरा धर्म देश की सेवा करना है।भगत सिंह 

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 इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे।भगत सिंह 
भारत की वर्तमान लड़ाई ज्यादातर मध्य श्रेणी के लोगों के बलबूते पर लड़ी जा रही हैजिसका लक्ष्य बहुत सीमित है । कांग्रेस दुकानदारों और पूंजीपतियों के जरिए इंग्लैंड पर आर्थिक दबाव डालकर कुछ अधिकार ले लेना चाहती हैपरंतु जहां तक देश के करोड़ों मजदूरों और किसान जनता का ताल्लुक हैउनका उद्धार इतने से नहीं हो सकता । यदि देश की लड़ाई लड़नी होतो मजदूरोंकिसानों और सामान्य जनता को आगे लाना होगाइन्हें लड़ाई के लिए संगठित करना होगा । नेता उन्हें अभी तक आगे लाने के लिए कुछ नहीं करतेन कर ही सकते है । इन किसानों को विदेशी हुकूमत के जुए के साथ-साथ भूमिपतियों और पूंजीपतियों के जुए से भी उद्धार पाना है ।भगत सिंह 
 प्रेमीपागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं । भगत सिंह 
 क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे।भगत सिंह 

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 यदि हमारे नौजवान इसी प्रकार प्रयत्न करते जाएंगेतब जाकर एक साल में स्वराज्य तो नहींकिंतु भारी कुर्बानी और त्याग की कठिन परीक्षा में से गुजरने के बाद वे अवश्य विजयी होंगे । क्रांति चिरंजीवी हो ।भगत सिंह 
 जरूरी नहीं था कि क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं थाभगत सिंह 
 क्रांति से हमारा अभिप्राय समाज की वर्तमान प्रणाली और वर्तमान संगठन को पूरी तरह उखाड़ फेंकना है । इस उद्‌देश्य के लिए हम पहले सरकार की ताकत को अपने हाथ में लेना चाहते हैं । इस समय शासन की मशीन धनिकों के हाथ में है । सामान्य जनता के हितों की रक्षा के लिए तथा उरपने आदर्शों को क्रियात्मक रूप देने के लिए अर्थात समाज का नए सिरे से संगठन कार्ल मार्क्स के सिद्धांतों के अनुसार करने के लिए हम सरकार की मशीन को उरपने हाथ में लेना चाहते हैं । हम इसी उद्‌देश्य के लिए लड़ रहे हैपंरतु इसके लिए हमें साधारण जनता को शिक्षित करना चाहिए ।भगत सिंह 

 

 कोई भी व्यक्ति जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार खड़ा हो उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगीउसमे अविश्वास करना होगा और चुनौती भी देना होगा। भगत सिंह 
 देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।भगत सिंह 
 हमें धैर्यपूर्वक फांसी की प्रतीक्षा करनी चाहिए । यह मृत्यु सुंदर होगीपरंतु आत्महत्या करनाकेवल कुछ दुखों से बचने के लिए अपने जीवन को समाप्त कर देना तो कायरता है । मैं आपको बताना चाहता हूं कि आपत्तियां व्यक्ति को पूर्ण बनाने वाली हैं ।भगत सिंह 
 किसी ने सच ही कहा हैसुधार बूढ़े आदमी नहीं कर सकते । वे तो बहुत ही बुद्धिमान और समझदार होते हैं । सुधार तो होते हैं युवकों के परिश्रमसाहसबलिदान और निष्ठा सेजिनको भयभीत होना आता ही नहीं और जो विचार कम और अनुभव अधिक करते हैं ।भगत सिंह 
 दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उलफतमेरी मिट्‌टी से भी खुशबू-ए वतन आएगी ।भगत सिंह 
 जिंदा रहने की ख्वाहिश कुदरती तौर पर मुझमें भी होनी चाहिए । मैं इसे छिपाना नहीं चाहतालेकिन मेरा जिंदा रहना एक शर्त पर है । मैं कैद होकर या पाबंद होकर जिंदा रहना नहीं चाहता । भगत सिंह 
 सूर्य विश्व में हर किसी देश पर उज्ज्वल हो कर गुजरता है परन्तु उस समय ऐसा कोई देश नहीं होगा जो भारत देशके सामान इतना स्वतंत्रइतना खुशहालइतना प्यारा हो। भगत सिंह 

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 जैसे पुराना कपड़ा उतारकर नया बदला जाता हैवैसे ही मृत्यु है । मैं उससे डरूंगा नहींभागूंगा नहीं । कोशिश करूंगा कि पकड़ा जाऊं पर यूं ही नहीं कि पुलिस आई और पकड़ ले गई । मेरे पास एक तरीका है कि कैसे पकड़ा जाऊं । मौत आएगीआएगी ही पर मैं अपनी मौत को इतनी महंगी और भारी बना दूंगा कि ब्रिटिश सरकार रेत के ढेर की तरह उसके बोझ से ढक जाए ।भगत सिंह
 आम तौर पर लोग जैसी चीजें हैं उसके आदी हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं
हमें इसीनिष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की जरूरत हैभगत सिंह
 सर्वगत भाईचारा तभी हासिल हो सकता है जब समानताएं हों – सामाजिकराजनैतिक एवं व्यक्तिगत समानताएं।भगत सिंह
 यदि आप सोलह उगने के लिए लड़ रहे हैं और एक आना मिल जाता हैतो वह एक आना जेब में डालकर बाकी पंद्रह उगने के लिए फिर जंग छेड़ दीजिए । हिन्दुस्तान के माडरेटों की जिस बात से हमें नफरत हैवह यही है कि उनका आदर्श कुछ नहीं है । वे एक आने के लिए ही लड़ते हैं और उन्हें मिलता कुछ भी नहीं ।भगत सिंह
 यह एक काल्पनिक आदर्श है कि आप किसी भी कीमत पर अपने बल का प्रयोग नहीं करतेनया आन्दोलन जोहमारे देश में आरम्भ हुआ है
 और जिसकी शुरुवात की हम चेतावनी दे चुके हैं वह गुरुगोविंद सिंह और शिवाजीमहाराजकमल पाशा और राजा खानवाशिंगटन और गैरीबाल्डीलाफयेत्टे और लेनिन के आदर्शों से प्रेरित है।भगत सिंह
 हम नौजवानों को बम और पिस्तौल उठाने की सलाह नहीं दे सकते । विद्यार्थियों के लिए और भी महत्त्वपूर्ण काम हैं । राष्ट्रीय इतिहास के नाजुक समय में नौजवानों पर बहुत बड़े दायित्व का भार है और सबसे ज्यादा विद्यार्थी ही तो आजादी की लड़ाई में अगली पांतों में लड़ते हुए शहीद हुए है । क्या भारतीय नौजवान इस परीक्षा के समय में वही संजीदा इरादा दिखाने में झिझक दिखाएंगे ।भगत सिंह
 मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।भगत सिंह

भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार | Bhagat singh quotes in hindi –

 क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है।भगत सिंह
 क्रांतिकारी सोच के दो आवश्यक लक्षण है – बेरहम निंदा तथा स्वतंत्र सोच।भगत सिंह
 मजिस्ट्रेट साहबआप भाग्यशाली हैं कि आज आप अपनी आखों से यह देखने का अवसर पा रहे हैं कि भारत के क्रांतिकारी किस प्रकार प्रसन्नतापूर्वक अपने सर्वोच्च आदर्श के लिए मृत्यु का आलिंगन कर सकते हैं । (मृत्यु पूर्व)भगत सिंह
 जो मनुष्य इस शब्द का उपयोग या दुरुपयोग करते हैं उनके लाभ के हिसाब केअनुसार इसे अलगअलग अर्थ और व्याख्या दिए जाते हैं।भगत सिंह
 लिख रह हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज़ आएगा… मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा।भगत सिंह
 निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम् लक्षण हैं।भगत सिंह
 हम यह कहना चाहते हैं कि युद्ध छिड़ा हुआ है और यह लड़ाई तब तक चलती रहेगीजब तक कि शक्तिशाली व्यक्तियों ने भारतीय जनता और श्रमिकों की आय के साधनों पर अपना एकाधिकार कर रखा है । चाहे ऐसे व्यक्ति अंग्रेज पूंजीपति हों या अंग्रेजी शासक या सर्वथा भारतीय ही होंउन्होंने आपस में मिलकर एक लूट जारी रखी हुई है । चाहे शुद्ध भारतीय पूंजी-पतियों के द्वारा ही निर्धनों का खून चूसा जा रहा होतो भी इस स्थिति में कोई अंतर नहीं पड़ता ।भगत सिंह

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 किसी को क्रांति’ शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए जो लोग इस शब्द का उपयोग यादुरूपयोग करते हैं
 उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते हैंभगत सिंह
 मुझे दंड सुना दिया गया है और फांसी का आदेश हुआ है । इन कोठरियों में मेरे अतिरिक्त फांसी की प्रतीक्षा करने वाले बहुत -से अपराधी हैं । ये यही प्रार्थना कर रहे हैं कि किसी तरह फांसी से बच जाएंपरंतु उनके बीच शायद मैं ही एक ऐसा आदमी हूं जो बड़ी बेताबी से उस दिन की प्रतीक्षा कर रहा हूं जब मुझे अपने आदर्श के लिए फांसी के फंदे पर धूलने का सौभाग्य प्राप्त होगा । मैं खुशी के साथ फांसी के तख्ते पर चढ़कर दुनिया को दिखा दूंगा कि क्रांतिकारी अपने आदर्शों के लिए कितनी वीरता से बलिदान दे सकते हैं।भगत सिंह
 सिने पर जो ज़ख्म हैसब फूलों के गुच्छे हैंहमें पागल ही रहने दोहम पागल ही अच्छे हैं।भगत सिंह
 यदि बहरों को सुनना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा। जब हमने बम गिराया तो हमारा धेय्य किसी को मारना नहीं थ। हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था । अंग्रेजों को भारत छोड़ना चाहिए और उसे आज़ाद करना चहिये।भगत सिंह
 मेरा जीवन एक महान लक्ष्य के प्रति समर्पित है – देश की आज़ादी। दुनिया की अन्य कोई आकर्षित  वस्तु मुझे लुभा नहीं सकती।भगत सिंह
 क्रांति लाना किसी भी इंसान की ताकत के बाहर की बात है। क्रांति कभी भी अपनेआप नही आती। बल्कि किसी विशिष्ट वातावरणसामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में ही क्रांति लाई जा सकती है।भगत सिंह
 किसी भी कीमत पर बल का प्रयोग ना करना काल्पनिक आदर्श है और  नया आन्दोलन जो देश में शुरू हुआ है और जिसके आरम्भ की हम चेतावनी दे चुके हैं वो गुरु गोबिंद सिंह और शिवाजीकमाल पाशा और राजा खान वाशिंगटन और गैरीबाल्डी लाफायेतटे और लेनिन के आदर्शों से प्रेरित है।भगत सिंह

 

 यह बात प्रसिद्ध है कि मैं एक आतंककारी (टेररिस्ट) रहा हूं परंतु मैं आतंककारी नहीं हूं । मैं एक क्रांतिकारी हूं जिसके कुछ निश्चित विचार और निश्चित आदर्श हैं और जिसके सामने एक लंबा प्रोग्राम है । मुझे यह दोष दिया जाएगाजैसा कि लोग रामप्रसाद बिस्मिल को भी देते थे कि फांसी की काल कोठारी में पड़े रहने से मेरे विचारों में भी कोई परिवर्तन उग गया हैपरंतु ऐसी बात नहीं । मेरे विचार अब भी वही हैंमेरे हृदय में अब भी उतना ही और वैसा ही उत्साह और वही लक्ष्य है जो जेल से बाहर थापर मेरा यह दृढ़-विश्वास है कि हम बम से कोई लाभ प्राप्त नहीं कर सकते । यह बात हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के इतिहास से भी आसानी से मालूम पड़ती है । बम फेंकना न सिर्फ व्यर्थ हैअपितु बहुत बार हानिकारक भी है । उसकी आवश्यकता किन्हीं विशेष परिस्थितियों में ही पड़ती हैहमारा मुख्य लक्ष्य मजदूर और किसानों का संगठन होना चाहिए ।भगत सिंह
 जिंदा रहने की ख्वाहिश कुदरती तौर पर मुझमें भी होनी चाहिए । मैं इसे छिपाना नहीं चाहतालेकिन मेरा जिंदा रहना एक शर्त पर है । मैं कैद होकर या पाबंद होकर जिंदा रहना नहीं चाहता ।भगत सिंह
 हमारे दल को नेताओं की आवश्यकता नहीं है । अगर आप दुनियादार हैंबाल-बच्चों और गृहस्थी में फंसे हैतो हमारे मार्ग पर मत आइए । आप हमारे उद्‌देश्य में सहानुभूति रखते हैं तो और तरीकों से हमें सहायता दीजिए । नियंत्रण में रह सकने वाले कार्यकर्ता ही इस आदोलन को आगे ले जा सकते हैं ।भगत सिंह

भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार | Bhagat singh quotes in hindi  –

 जहां तक हमारे भाग्य का संबंध हैहम बड़े बलपूर्वक आपसे यह कहना चाहते हैं कि अपने हमें फांसी पर लटकाने का निर्णय कर लिया हैआप ऐसा करेंगे हीआपके हाथों में शक्ति है और आपको अधिकार भी प्राप्त हैंपरंतु इस प्रकार आप जिसकी लाठी उसकी भैंस वाला’ सिद्धांत ही अपना रहे हैं और आप उस पर कटिबद्ध है । हमारे अभियोग की सुनवाई इस वक्तव्य को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है कि हमने कभी कोई प्रार्थना नहीं की और अब भी हम आपसे किसी प्रकार की दया की प्रार्थना नहीं करते । हम केवल आपसे यह प्रार्थना करना चाहते हैं कि आपकी सरकार के ही एक न्यायालय के निर्णय के अनुसार हमारे विरुद्ध युद्ध जारी रखने का अभियोग हैइस स्थिति में हम युद्ध-बंदी हैंअत: इस आधार पर हम आपसे मांग करते हैं कि हमारे साथ युद्ध-बंदियों जैसा ही बर्ताव किया जाए और हमें फांसी देने के बदले गोली से उड़ा दिया जाए ।भगत सिंह
 अपने दुश्मन से बहस करने के लिये उसका अभ्यास करना बहोत जरुरी है।भगत सिंह

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  समझौता भी ऐसा हथियार हैजिसे राजनीतिक जद्‌दोजहद के बीच में पग-पग पर इस्तेमाल करना आवश्यक हो जाता है जिससे एक कठिन लड़ाई से थकी हुई कौम को थोड़ी देर के लिए आराम मिल सके और वह आगे के युद्ध के लिए अधिक ताकत के साथ तैयार हो सकेपरंतु इन सारे समझौतों के बावजूद जिस चीज को हमें भूलना न चाहिए वह हमारा आदर्श है जो हमेशा हमारे सामने रहना चाहिए । जिस लक्ष्य के लिए हम लड़ रहे हैं उनके संबंध में हमारे विचार बिल्कुल स्पष्ट और दृढ़ होने चाहिए ।भगत सिंह

 

 मेरा नाम हिन्दुस्तानी इंकलाब पार्टी का निशान बन चुका है और इंकलाब पसंद पार्टी के आदर्शों और बलिदानों ने मुझे बहुत ऊंचा कर दिया है । इतना ऊंचा कि जिंदा रहने की सूरत में इससे ऊंचा मैं हरगिज नहीं हो सकता। इसके सिवा कोई लालच मेरे दिल में फांसी से बचे रहने के लिए कभी नहीं आयामुझसे ज्यादा खुशकिस्मत कौन होगा । मुझे आज तक अपने आप पर बहुत नाज है । मुझमें अब कोई ख्वाहिश बाकी नहीं है । अब तो बड़ी बेताबी से आखिरी इम्तहां का इंतजार है । आरजू है कि यह और करीब हो जाए ।भगत सिंह
 बाबाजीमैंने जीवन में कभी वाहे गुरु को याद नहीं किया । कई बार तो मैंने देश की अवनति और लोगों के दुख के लिए उन्हें दोषी ठहराया है । अब जब मौत मेरे सामने खड़ी है वाहे गुरु की अरदास करूं तो वह कहेगा कि मैं बहुत डरपोक और बेइमान आदमी हूं । अब मुझे इस संसार से वैसे ही विदा होना जाने दो जैसा मैं हूं । मेरी क्रांति यह नहीं रहेगी कि भगत सिंह कायर था और उसने अपनी मौत से घबराकर वाहे गुरु को याद किया था ।भगत सिंह
 हमारा लक्ष्य शासन शक्ति को उन हाथों के सुपुर्द करना हैजिनका लक्ष्य समाजवाद होइसके लिए मजदूरों और किसानों को संगठित करना आवश्यक होगाक्योंकि उन लोगों के लिए लॉर्ड रीडिंग या इर्विन की जगह तेजबहादुर या पुरुषोत्तम दासठाकुर दास के उग जाने से कोई भारी फर्क न पड़ सकेगा ।भगत सिंह
 आज मेरी कमजोरियां लोगों के सामने नहीं हैं । अगर मैं फांसी से बच गया तो वे जाहिर हो जाएंगी और इंकलाब का निशान मद्धिम पड़ जाएगा या शायद मिट ही जाएलेकिन मेरे दिलेराना ढंग से हंसते-हंसते फांसी पाने की सूरत में हिन्दुस्तानी माताएं अपने बच्चों के भगत सिंह बनने की आरजू किया करेंगी और देश की आजादी के लिए बलिदान होने वालों की तादाद इतनी बढ़ जाएगी कि इंकलाब को रोकना इम्पीरियलिज्म की तमाम सर (संपूर्ण) शैतानी कुबतों के बस की बात न रहेगी ।भगत सिंह

भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार | Bhagat singh quotes in hindi  –

 क्रांति लाना किसी भी इंसान की ताकत के बाहर की बात है। क्रांति कभी भी अपनेआप नही आती। बल्कि किसी विशिष्ट वातावरणसामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में ही क्रांति लाई जा सकती है।भगत सिंह
 भारत की वर्तमान लड़ाई ज्यादातर मध्य श्रेणी के लोगों के बलबूते पर लड़ी जा रही हैजिसका लक्ष्य बहुत सीमित है । कांग्रेस दुकानदारों और पूंजीपतियों के जरिए इंग्लैंड पर आर्थिक दबाव डालकर कुछ अधिकार ले लेना चाहती हैपरंतु जहां तक देश के करोड़ों मजदूरों और किसान जनता का ताल्लुक हैउनका उद्धार इतने से नहीं हो सकता । यदि देश की लड़ाई लड़नी होतो मजदूरोंकिसानों और सामान्य जनता को आगे लाना होगाइन्हें लड़ाई के लिए संगठित करना होगा । नेता उन्हें अभी तक आगे लाने के लिए कुछ नहीं करतेन कर ही सकते है । इन किसानों को विदेशी हुकूमत के जुए के साथ-साथ भूमिपतियों और पूंजीपतियों के जुए से भी उद्धार पाना है ।भगत सिंह

भगत सिंह पोएट्री –

उसे यह फ़िक्र है हरदम,
नया तर्जे-जफ़ा क्या है?
हमें यह शौक देखें,
सितम की इंतहा क्या है?

दहर से क्यों खफ़ा रहे,
चर्ख का क्यों गिला करें,
सारा जहाँ अदू सही,
आओ मुकाबला करें।

कोई दम का मेहमान हूँ,
ए-अहले-महफ़िल,
चरागे सहर हूँ,
बुझा चाहता हूँ।

मेरी हवाओं में रहेगी,
ख़यालों की बिजली,
यह मुश्त-ए-ख़ाक है फ़ानी,
रहे, रहे न रहे।~ भगत सिंह

तो दोस्तों देखा आपने सरदार भगत सिंह के अंदर की क्रांतिकारी आवाज क्या कहती थी वाकई उनका जीवन हम सभी युवाओ के लिए एक बहुत बड़ा प्रेरणा श्रोत हैं एक वो लोग थे जिन्होंने भारत को आज़ाद करने के लिए अपने प्राण तक त्याग दिए ताकि उनकी आने वाली पीढ़ी यानी हम स्वतंत्र भारत में जन्म ले सके और उन्होंने अपना फ़र्ज़ पूरा किया मगर आज हम क्या कर रहे हैं एक दुसरे को जाती धर्म में बांटकर आपस में ही लड़ते रहते हैं अरे भाई ठीक हैं  तुम हिन्दू बनो, मुस्लिम बनो, सिक्ख बनो, इसाई बनो किसी को कोई ऐतराज नहीं है मगर सबसे पहले दिल से एक अच्छे इंसान एक भारतीय बन जाओ  इतना ही काफी है

आशा करता हूँ कि भारत माँ के वीर सपूत शहीद भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार | Bhagat singh quotes in hindi पढ़कर आपको अच्छा लगा होगा सभी युवा अपने देश की गारिम बनाये रखें और अपना ख्याल रखें शुक्रिया 

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