दुनिया के 10 सबसे छोटे देश

दुनिया के 10 सबसे छोटे देश

वेटिकन सिटी (Vatican City) –

यूरोप महाद्वीप में स्थित यह दुनिया का सबसे छोटा देश है। पृथ्वी पर सबसे छोटा, स्वतंत्र राज्य है, जिसका इसका क्षेत्रफल 0.44 वर्ग किलोमीटर है। यह इटली के शहर रोम के अन्दर स्थित है। इसकी राजभाषा है लातिनी। ईसाई धर्म के प्रमुख साम्प्रदाय रोमन कैथोलिक चर्च का यही केन्द्र है और इस सम्प्रदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप का यही निवास है। यह नगर, एक प्रकार से, रोम नगर का एक छोटा सा भाग है। इसमें सेंट पीटर गिरजाघर, वैटिकन प्रासादसमूह, वैटिकन बाग तथा कई अन्य गिरजाघर सम्मिलित हैं। यहां की जनसंख्या 800 है। हालांकि दिन में काम करने वाले लोगों की संख्या 1000 है।  यहां पर कई शानदार इमारतें हैं, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।

मोनाको (monaco) –

यह जुआ, विलासिता की वस्तुओं और उससे संबंधित उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है।  यहां के अधिकांश निवासी की बोल-चाल की भाषा फ्रेंच है।  आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि मोनैको में दुनिया के सबसे अधिक करोड़पति और अरबपति रहते हैं।  इसके अलावा, सबसे लोकप्रिय वार्षिक प्रतियोगिता फॉर्म्यूला वन (Formula 1) रेस इस शहर से होकर गुजरती है।  20 सालों से लगातार समुद्री लहरों के कारण अब इसका क्षेत्रफल महज 20.2 वर्ग किलोमीटर रह गया है। पर्यटन की दृष्टिकोण से भी यह देश बहुत आकर्षक है।

नौरू (Nauru) –

नौरु प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीप देश है. इस देश का क्षेत्रफल 21.3 वर्ग किलोमीटर है।  बताते चलें कि यह दुनिया का सबसे छोटा स्वतंत्र गणराज्य देश है।  यह दुनिया का एक मात्र ऐसा राष्ट्र है जिसकी कोई राजधानी नहीं है।  21.3 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले नौरु में महज करीबन 10,000 लोग रहते हैं। इस देश की अपनी कोई सेना नहीं है। 60 एवं 70 के दशक में इस देश की मुख्य आय फास्पेट माइनिंग से होती थी, लेकिन अधिक दोहन की वजह से यह खत्म हो गया। यहां नारियल का उत्पादन खूब होता है।

तुवालु (Tuvalu) –

पहले यह एलिस द्वीप/आईलैंड (Ellice Island) के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इसको तुवालु के नाम से जाना जाता है । इसका क्षेत्रफल 26 वर्ग किलोमीटर है। इस देश की आबादी लगभग 11,097 हैयह प्रशांत महासागर में ऑस्ट्रेलया के उत्तर पूर्व में स्थित है। क्या आप जानते हैं कि इस देश में सिर्फ एक ही अस्पताल है ? पहले यह ब्रिटिश शासन के अधीन था, लेकिन 1978 में इसे स्वतंत्रता प्राप्त हुई। तुवालु की गिनती दुनिया के चौथे सबसे छोटे देश में होती है। यह भी नौरु की तरह प्रशांत महासागर में स्थित है। यह देश पहले ब्रिटेन के अधीन था।

सैन मैरिनो (San Marino) –

1 वर्ग किलोमीटर में फैला सैन मैरिनो दुनिया का 5वां सबसे छोटा देश है जिसकी कुल जनसँख्या है करीब 31,448। इसे यूरोप का सबसे पुराना गणराज्य माना जाता है। इसका आधिकारिक नाम Republic of San Marino है। यह इटली के ठीक बींचो-बीच स्थित है अतः यहां Italian बोली जाती है और यही इस देश की राष्ट्रीय भाषा है। सैन मैरीनो जीडीपी के मुताबिक दुनिका सबसे अमीर देश है।

लिक्टनस्टीन (liechtenstein) –

पश्चिमी यूरोप में स्थित इस देश का आधिकारिक नाम Principality of Liechtenstein है. इसकी सीमाएं स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया से मिलती हैं। इसकी राजधानी वादुज (Vaduz) है। और सचान (Schaan) इसका सबसे बड़ा और प्रमुख शहर है। यहां की प्रमुख भाषा जर्मन है। यह प्रति व्यक्ति आय में विश्व का नंबर वन देश है। इस देश के बारे में कहा जाता है कि कर के मामले में यहां के लोग बहुत ईमानदार हैं, जिस कारण यहां की वित्तीय व्यवस्था बहुत मजबूत रहती है। 160.4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस देश की जनसंख्या करीब 36925 के आस पास है। विश्व के सबसे छोटे देशों में यह देश 6 वें नंबर पर आता है।

मार्शलद्वीप (Marshall Islands) –

आधिकारिक रूप में मार्शल द्वीपसमूह गणराज्य (RMI), प्रशांत महासागर के मध्य एक माइक्रोनेशियाई राष्ट्र है। इसकी जनसंख्या 6200 व्यक्ति मात्र है। यह नाउरु और कीरीबाती के उत्तर में, माइक्रोनेशिया के पूर्व में, स्थित है। इसके पड़ोस में देश नारू और किरिबाती देश बसते हैं।  इसका क्षेत्रफल 181 वर्ग किलोमीटर और जनसंख्या लगभग 58,066 है। यह देश अमेरिका से अलग होकर 1986 में अस्तित्व में आया था लेकिन इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आज भी अमेरिका के पास है।

सेंट किट्स और नोविस (Saint Kitts and Nevis) –

पूर्वी कैरेबियन सागर पर स्थित इस देश की कुल आबादी है करीब 54,191 और ये 261 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। क्षेत्रफल और जनसंख्या के लिए लिहाज से दक्षिण अमेरिका और उत्तरी अमेरिका का सबसे छोटा संप्रभु राष्ट्र है इसे Federation of Saint Christopher and Nevis के नाम से भी जाना जाता है. इसमें बड़ा द्वीप Saint Kitts है जिस पर देश की राजधानी और प्रमुख शहर बस्सेटर (Basseterre) स्थित है. इस देश की भाषा अंग्रेजी है. इसकी अर्थव्यवस्था पर्यटन, कृषि, निर्माण उद्योग आदि पर निर्भर करती है।  यह देश बादलों में डूबे पहाड़ों और सफ़ेद समुद्र तटों के लिए जाना जाता है।

मालदीव (Maldives) –

हिन्द महासागर का मोती कहा जाने वाला देश मालदीव दुनिया का 9वां सबसे छोटा देश है जो 298 वर्ग किलोमीटर में फैला है और यहाँ करीबन 345,023 लोग निवास करते हैं।  इसमें 1,192 टापू हैं, जिसमें से 200 पर बस्ती है। मालदीव गणराज्य की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है माले है  जिसकी आबादी 153,693  है। यह देश वर्ष 1965 में स्वंतत्र हुआ था।  इससे पहले यह पुर्तगाल, डच और ब्रिटिश जैसे कई साम्राज्यों के अधीन रहा।  इस देश की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर आधारित है।  यहां प्रवाल (coral) से निर्मित 1,192 द्वीप हैं।

माल्टा (Malta) –

दुनिया के 10 वे सबसे छोटे देशों में शुमार माल्टा यूरोपीय महादीप का एक विकसित देश माना जाता है।  जनसंख्या के लिहाज से देखें तो इस देश की आबादी 4 लाख 37 हजार हैं।  जो अन्य छोटे देशों से ज्यादा है। इस देश का क्षेत्रफल 316 वर्ग किलोमीटर है स देश की राजधानी वलेत्ता है। माल्टाई यहां की मुख्य भाषा है।

 

तो आशा करता हूँ आपको यह लेख पढ़कर दुनिया के 10 सबसे छोटे देश और उनके बारे में जानकारी मिली होगी  इसी तरह के लेख पढ़ने के लिए पढ़ते रहे Hindish.com वेबसाइट को। नीचे कुछ अन्य उसेफुल्ल आर्टिकल हैं आप उन्हें भी पढ़ सकते हैं।


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