अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहासिक क्षण

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

4 अक्टूबर 1957 को  पहला Earth satellite Sputnik 1 सोवियत यूनियन द्वारा launch किया गया। तब से लेकर आज तक इंसान ने चाँद पर अपने कई अंतरिक्षयान भेजे, इंसान खुद चाँद पर कदम रख के आया, मंगल ग्रह पर अपने अंतरिक्षयान भेजे,  सौरमंडल के आखिरी छोर तक और सौरमंडल के बाहर भी अपने अंतरिक्ष यान भेजे, और नजाने कई सारी तरक्की इंसान ने आज Space Exploration में कर ली हैं। आज हम आपको अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहासिक क्षण और उन 10 Historical moments in space के बारे में बताने जा रहे हैं जो वाकई आपको गौरवान्वित कर देंगे । तो फिर जानते हैं

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहासिक क्षण 


Sputnik I, First Artificial Earth Satellite –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

Sputnik यह पहला कृत्रिम उपग्रह है, जिसे 1957 में सोवियत संघ ने लॉन्च किया था। स्पुतनिक 1 की सफल लॉन्चिंग के बाद अंतरिक्ष युग की शुरुआत हो गयी थी। यह एक 23 इंच गोलाकार आकार का उपग्रह ( Satellite ) था। इसमें वायुमंडल की घनत्व की गणना करने और रेडियो संकेतों को प्रसारित करने की शक्ति थी। यह अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी का पहला क्षण था । Sputnik लॉन्च के बाद से 22 दिनों तक पृथ्वी पर भेजता रहा और फिर 4 जनवरी, 1958 को Sputnik को जला दिया गया।


SpaceShipOne, First manned Private Flight –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

SpaceShipOne पहली private space flight थी जिसको 2004 में लांच किया गया था यह 100,000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। 2004 में, इस अंतरिक्ष उड़ान ने $ 10 million Ansari X अवार्ड भी जीता Ansari X पुरस्कार एक अंतरिक्ष प्रतियोगिता थी । जिसमें एक्स पुरस्कार फाउंडेशन ने पहले गैर-सरकारी संगठन के लिए 10,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार दिया था, ताकि दो सप्ताह के भीतर दो बार अंतरिक्ष में एक पुन: प्रयोज्य मानव अंतरिक्ष यान को लॉन्च किया जा सके।

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Ansari X Competition में SpaceShipOne तीन यात्रियों के साथ 50000 फीट की ऊंचाई में उड़ने वाली पहली अंतरिक्ष उड़ान भी बन गई। और यह अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहासिक क्षण में से एक बन गया।


Hubble Space Telescope, Revolution in Space Observation –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

Hubble स्पेस टेलीस्कोप वर्ष 1990 में लॉन्च किया गया सबसे बड़ा और सबसे versatile optical telescope है। इसे मूल रूप से NASA द्वारा बनाया गया था, जिसमें कुछ हद तक यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का योगदान भी है। यह आकाश में  high resolution images को capture करने तथा दूर सुदूर अंतरिक्ष की गहराईयों का अध्ययन करने में कामयाब रहा। यह आज भी कार्यरत है Hubble telescope से हम 13 billion light years दूर तक देख देख सकता है जिसको हम Hubble Deep Field  कहते हैं । हबल द्वरा ली गयी अंतरिक्ष के विभिन्न हिस्सों की Images ने वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के विस्तार के बारे में गहन अध्ययन करने में भी मदद की। यह नासा को अंतरिक्ष शटल, अंतरिक्ष की सैर और अंतरिक्ष में विभिन्न प्रक्रियाओं की निगरानी करने में भी मदद करता है।


International Space Station, Habitable Artificial Satellite –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

International Space Station को साल 1998 में लॉन्च किया गया था, जो कि पृथ्वी के नीचे की कक्षा में स्थित एक कृत्रिम निवास स्थान है। यह अंतरिक्ष में सबसे पहली और सबसे बड़ी मानव निर्मित लैब है। जिसको कभी कभी रात में नंगी आँखों से भी देखा जा सकता है। International Space Station का प्रबंधन और संचालन पांच अलग-अलग अंतरिक्ष एजेंसियों NASA, ESA, CSA, Roscosmos और JAXA द्वारा किया जाता है। ISS अंतरिक्ष यात्रियों  के लिए एक घर की तरह ही है क्योंकि इसके भीतर रहना, खाना, सोना, जिम करना, बाथरूम, टॉयलेट, लैब सब कुछ है। यह Space Craft की तुलना में 20 गुना से अधिक संकेतों का प्रबंधन करता है, जो अंतरिक्ष यान उपकरणों के परीक्षण के लिए भी उपयोग किया जाता है।


Apollo 13 Space Rescue –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

Apollo 13 चंद्रमा पर उतरने के लिए NASA का तीसरा space program था, जो कि 11 अप्रैल, 1970 को लॉन्च किया गया था मगर दुर्भाग्य से 321868 किलोमीटर की लम्बी दो दिन की यात्रा करने के बाद ही इसके oxygen tank में जबरदस्त विस्फोट हुआ जिस से इसके electrical systems और अन्य उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया जिस से Apollo 13 के अन्दर का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया Oxygen की अनुपलब्धता के कारन यान के अन्दर का माहौल ही बिगड़ गया और ऐसे में चन्द्रमा पर लैंड करना बहुत ही असम्भव सा हो गया था जिसके करना उसमें बैठे तीनो crew members –

  1. Jim Lovel 
  2. Fred Haise
  3. Jack Swigert

वे तीनो एक यान में धरती और चन्द्रमा के बीच में खो गए थे जहाँ से उनका धरती से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था उन तीनो ने फिर चन्द्रमा पर उतरने की बजाय धरती पर उतरने का फैसला किया और NASA के इंजिनियर भी यही दुआ कर रहे थे कि Apollo 13 से ऑक्सीजन ख़तम होने से पहले वे तीनो सुरक्षित धरती पर पंहुच जाएँ। बड़ी मुश्किल से उनसे इस successful space mission को अंजाम दिया गया और वे तीनो Lunar module का उपयोग करके 17 अप्रैल 1970 को सुरक्षित धरती पर लैंड कर गए। यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा सफल ऑपरेशन था ।


Viking I, First Successful Mars Landing –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

NASA द्वारा मंगल ग्रह पर भेजे जाने के लिए दो यान बनाये गए थे।  Viking I और Viking II जिनमे से Viking I को पहले 21 अगस्त 1975 को लांच किया गया और यह सफलतापूर्वक 20 जुलाई  1976 को मंगल ग्रह पर उतर गया यह इंसानों द्वारा किसी दूसरे ग्रह पर भेजा गया पहला अंतरिक्षयान था और सम्पूर्ण मानव जाति के लिए एक नयी कामयाबी । इस यान ने  मंगल ग्रह पर 2307 दिनों से भी अधिक लंबे समय तक अध्ययन किया इसके बाद इसका दूसरा भाई Viking II को भी इसी की तरह मंगल ग्रह के लिए 9 सितम्बर 1975 को लांच किया गया और यह भी सफलतापूर्वक  3 सितम्बर 1976 को मंगल की धरती पर उतर गया। यह किसी बाहरी ग्रह पर उतरने की दूसरी कामयाबी थी।

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वाइकिंग I और वाइकिंग 2 दोनों द्वारा मंगल ग्रह की high resolution images लेते हैं वह की मंगल तल पर अध्ययन करते हैं। और मंगल  ग्रह की पूरी अवधारणा में क्रांतिकारी बदलाव करती हैं। Viking I  ने Martian atmosphere पर वाष्प के बारे में गहरा अध्ययन किया और मंगल की सतह का परीक्षण किया जिस से वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह के वातावरण और सतह की स्थिति के बारे में गहरा ज्ञान प्राप्त करने में मदद की।


Voyager I, Farthest Man Made Object From Earth –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

Voyager I इंटरस्टेलर अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाला अंतरिक्ष यान है। इसको सौर मंडल के गहन अध्ययन के मिशन में 5 सितम्बर 1977को NASA द्वारा launch किया गया था। आज इसके काफी सारे electric system ने काम करना बंद कर दिया है लेकिन कुछ कुछ system अभी भी कार्यरत है और लगातार धरती पर सिग्नल भेजता रहता है।  Voyager I हमारी धरती से 18.8 billion kilometers से भी अधिक दूर पहुँचने वाला अंतरिक्ष यान है जो हमारे Solar System से भी बाहर जा चुका है और अभी भी 62,140 km/h की रफतार से आगे बढ़ रहा है। यह अपनी launching डेट से अब तक काम कर रहा है और अंतरिक्ष की अनंत गहरैयो में विचरण कर रहा है।

इस यान में धरती की sounds, photo, video, हर भाषा की welcome लाइन, record करके रखी गयी है और साथ ही साथ इसमें एक map भी बनाया गया है।  ताकि अगर कभी यह यान किसी Aliens के हाथो लगे तो वह यह जान पाए कि यह यान कहाँ से आया है धरती पर रहने वाले लोग, पशु, पक्षी, मौसम, कैसा है। इसके 3 महीने बाद Voyager II को भी अंतरिक्ष का अध्ययन करने के लिए भेजा गया था और यह यान भी आजतक काम कर रहा है और यह भी कुछ सालो में हमारे सौरमंडल से बहार चला जायेगा। इन दोनों अंतरिक्ष यानो के बारे में और अधिक जानने के लिए आप मेरी नीचे दी गयी पोस्ट पढ़ सकते हैं ।

Voyager I क्या है पढ़ें पूरी जानकारी 

Voyager II क्या है पढ़ें पूरी जानकारी 


Apollo 8, First Spacecraft that circles the Moon –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

अपोलो 8 NASA का पहला अंतरिक्ष यान है जिसने चंद्रमा की कक्षा में  सफलतापूर्वक प्रवेश किया। 21 दिसंबर 1968 में इस मानव निर्मित अंतरिक्ष यान को लॉन्च किया गया था । Apollo 8 सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा का चक्कर लगाकर सुरक्षित रूप से वापस धरती पर लौट आया था। इस यान में तीन चालक थे Frank Borman, James Lovell और  William Anders । अपोलो 8 के चालक पृथ्वी को पूरे ग्रह के रूप में देखने वाले पहले मानव बने तथा चंद्रमा की कक्षा से ली गई ‘The Earth rise’ तस्वीर मानव जाति के इतिहास में एक एतिहासिक तस्वीरों में से एक बन गई।


Yuri Gagarin, First Man on Space –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

12 अप्रैल 1961 को मेजर यूरी गगारिन (Major Yuri Gagarin) अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाले पहले इंसान बने। Vostoko I अंतरिक्ष यान मेजर यूरी गगारिन को अंतरिक्ष में ले गया, जिसको सोवियत संघ की अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा संचालित किया जा रहा था । यह मानव इतिहास के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था जब पहला इंसान अंतरिक्ष में गया।  वोस्टोक 1  मिशन की अवधि एक घंटे और 48 मिनट थी । यह भी अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी का एक बहुत बड़ा एतिहासिक क्षण था ।


Man on Moon –

अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहसिक क्षण

इस बात से तो अब धरती का बच्चा बच्चा भी परिचित है की इंसान चाँद पर कदम रख कर वापस आ चुका है और उस इन्सान का नाम है नील आर्मस्ट्रांग । चन्द्रमा पर पहुँचने वाली सबसे पहली अंतरिक्ष एजेंसी का श्रेय NASA को जाता है। जिन्होंने 16 जुलाई 1969 को Apollo 11 नामक अंतरिक्ष यान में तीन अंतरिक्ष यात्रियों को चन्द्रमा पर उतरने के लिए भेजा 20  जुलाई 1969 को नील आर्मस्ट्रांग चंद्रमा पर उतरने वाले पहले इंसान बन गये।  और उनके पीछे उतरे Buzz Aldrin तथा Michael Collins यान में ही बैथे थे।

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इन्होने चन्द्रमा की सतह पर उतरकर वहाँ की Photographs लिए samples लिए कुछ वहां अमेरिका का झंडा गाढ़ा, और वहाँ कुछ scientific instruments सेट किये और आखिरकार 24 जुलाई 1969 को वे सुरक्षित रूप से घर पर पहुंचे और यह भी अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी का एक सबसे बड़ा एतिहासिक क्षण बन गया ।

तो आपकी क्या राय है अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी के 10 एतिहासिक क्षण के इस article के बारे में और अंतरिक्ष में इंसान की कामयाबी बारे में । comment में जरुर   बताये और ऐसी ही जानकारी से परिपूर्ण article के लिए पढ़ते रहे hindish.com को ।

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