10 अजब गज़ब सवाल जिनका जवाब आप नहीं जानते होंगे

10 अजब गज़ब सवाल जिनका जवाब आप नहीं जानते होंगे

पिछली पोस्ट में अपने पढ़ा IAS में पूछे गए कुछ अजब गज़ब सवाल और आज मैं फिर से लेकर आया हूँ आपके लिए 10 अजब गज़ब सवाल जिनका जवाब आप नहीं जानते होंगे तो चलिये पढ़ते है ।

Question 1 –

स्कूल की बसो का रंग पीला ही क्यो होता है ?

सिर्फ भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया की स्कूल बसों का रंग पीला होता है. संयुक्त राज्य अमेरिका यानी USA का कानून कहता है कि फ्लेशिंग लाइट और सेफ्टी डिवाइस के साथ साथ स्कूल की बसों का रंग भी पीले रंग का ही होना चाहिए।  साल 1939 में डॉक्टर फ्रेंक ने अमेरिका की बसों के मानकों की स्थापना के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया था. इसमें USA की सभी बसों के लिए एक मानक पीला रंग भी शामिल था. इस रंग को नेशनल स्कूल बस क्रोम के नाम से जाना जाता था।

स्टॉप लाइट और स्पॉट लाइट लाल रंग के ही होते हैं कई लोगो का मानना है कि लाल रंग ज्यादा ध्यान आकर्षित करता है जबकि वास्तव में पीला रंग अन्य रंगों की तुलना में ज्यादा ध्यान आकर्षित करता है यहां तक कि अगर आप सीधा देख रहे हैं और कोई पीला ऑब्जेक्ट आपके सामने न होकर साइड में रखा हुआ है तो उस पीले ऑब्जेक्ट को आप आसानी से देख सकते हैं. एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि पीले कलर को लाल कलर की तुलना में 1.24 गुना ज्यादा बेहतर देख सकते हैं अँधेरे वातावरण में भी पीला रंग आसानी से देखा जा सकता है।  वहीं कोहरे में भी पीले रंग को काफी जल्दी देखा जा सकता है। यही कारण है स्कूल की बसो का रंग पीला रखा जाता है ।

Question 2 –

ट्रेन के सबसे लास्ट डिब्बे पर X क्यो लिखा होता है ?

हम सभी जानते है कि ट्रेन में सभी डिब्बे एक दूसरे से कनेक्ट रहते है ऐसे में अगर इनके जुड़ाव में कोई खामी निकल गयी तो ट्रेन के कई डिब्बे ट्रेन से निकल के पीछे छूट सकते हैं। ट्रेन का सफर काफी लम्बा होता है अगर ट्रेन के कई डिब्बे पीछे छूट गए तो भी ट्रेन ड्राईवर को पता नहीं चल पायेगा. ऐसी स्थिति में दूसरी गाड़ी को उस लाइन पर जाने की परमीशन नहीं दी जाती है।

इस वजह से ट्रेन के लास्ट डिब्बे में X का निशान बनाया जाता है ताकि ट्रेन के कर्मचारियों को यह पता चल सके की पूरी तरह से ट्रेन जा चुकी है या फिर आ चुकी है।  सभी ट्रेन में X का निशान अवश्य होता है क्योंकि इसी से पता चलता है कि ट्रेन किसी भी हादसे का शिकार नहीं हुई है, कोई डिब्बा पीछे नहीं छूटा और पूरी ट्रेन एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर सही सलामत पहुँच चुकी है।

Question 3 –

किताब के हर पन्ने के चारो तरफ खाली जगह (Gap) क्यो होता है ?

दरअसल जब Computer नहीं था तब हम सभी सारी information किताबों से ही लेते थे ओर आज भी लेते हैं।  लेकिन किताब के अंदर जो text लिखा होता है उसके चारो ओर खाली जगह इसलिए छोड़ी जाती है क्योंकी अगर किताब को चूहा कुतर जाए तो वह बीच से नहीं बल्कि side से ही कुतरना शुरू करता है।  इसलिए अगर चुके किताब को साइड से कुतर भी दे तो उसके अंदर की information उसमें safe रहे या कभी किताब बारिश मे भीग जाए तो साइड साइड ही भीगे अंदर की information उसमें सुरक्षित रहे। 

Question 4 –

pan के हैंडल पर छेद क्यो होता है ?

वह छेद पैन में पकाये जाने वाले खाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चम्मच रखने के लिए दिया गया होता है । क्योंकि जिस चम्मच से हम उस खाने को पलटे हैं उसको जमीन में रखने से बेहतर है की आप उस चम्मच को उस छेद मे डाल दें क्योंकि वह इसी काम के लिए बनाया जाता है ।  

Question 5 –

Tyre काले रंग के ही क्यो होते हैं ?

  यह बात तो हम सभी जानते हैं कि टायर रबड़ का होता है। लेकिन रबड़ का रंग सलेटी होता है तो फिर टायर काला कैसे हैं? दरअसल इसको बनाते समय इसका रंग बदल जाता है यह सलेटी से काला बन जाता है इस प्रक्रिया को वल्कनाइज़ेशन कहा जाता है। रबड़ प्राकृतिक रूप से बहुत ज्यादा मजबूत नहीं होता और घिसता भी बहुत जल्दी है। टायर जो कि वाहनों में इस्तेमाल किया जाएगा अगर उसमें साधारण रबड़ लगा दिया जाए तो वह बहुत जल्दी घिस जाएगा और ज्यादा दिन चलेगा नहीं। इसीलिए इसमें कार्बन ब्लैक मिलाया जाता है जिससे यह बहुत अधिक मजबूत हो जाता है और कार्बन ब्लैक इसे जल्दी घिसने नहीं देता। अगर सादा रबर का टायर 8 हज़ार किलोमीटर चल सकता है तो कार्बन युक्त टायर एक लाख किलोमीटर चल सकता है।  

Question 6 –

फांसी की सजा सुनने के बाद जज पेन की निब क्यो तोड़ देते हैं ?

   फांसी की सजा और कलम इन दोनों में एक गहरा संबंध होता है। जिस तरह कलम से लिखी हुई बात को कोई मिटा नहीं सकता उसी तरह कोर्ट के द्वारा दी हुई सजा को कोई भी ताकत नहीं रोक सकता है।वही जिस कलम से आरोपी को फांसी की सजा सुनाई जाती है उसे जज के द्वारा इसलिए तोड़ दिया जाता है कि दोबारा इस कलम से फिर किसी को फांसी की सजा नहीं मिले और ना ही कोई इस तरह का अपराध करें। फांसी की सजा सुनाने से पहले उस सजा पर जज के द्वारा जिस कलम से हस्ताक्षर किया जाता है उसे तोड़ने का कारण यह भी माना जाता है कि यही कलम है जिसने उस शख्स की मौत लिखी है। वही किसी की जान लेने के कारण अपने आपको प्रायश्चित कराने के लिए जज के द्वारा कलम की निब तोड़ दी जाती है। 

Question 7 –

फांसी सुबह के समय ही क्यो दी जाती है ?

इसकी बड़ी वजह सिर्फ एक ही है वो ये कि जेल के सभी कार्य सूर्योदय के बाद ही शुरू होते हैं इसीलिए फांसी की सजा पहले दे दी जाती है ताकि बाद में होने वाले काम पर कोई असर न पड़े।
दूसरा कारण ये भी माना जाता है कि अगर फांसी दिन के किसी और समय पर दी जाएगी तो दिन भर सज़ा पाने वाला कैदी बेचैन रहेगा। इसलिए भी फांसी सूर्योदय से पहले दी जाती है।
इसका तीसरा कारण ये भी है कि सुबह के वक़्त हर इंसान का दिमाग दिन की अपेक्षा ज़्यादा शांत होता है। ऐसे में कैदी सोकर उठता है और वो इस बारे में ज़्यादा नहीं सोच पाता है।
इसके अलावा चौथा कारण यह है कि सुबह कैदी को फांसी देने से कैदी के अंतिम संस्कार के लिए पूरे दिन का पर्याप्त समय मिल जाता है । 

Question 8 –

वह कौन सी चीज है जिसे खाने के लिए खरीदा जाता है लेकिन उसे खाया नहीं जाती ?

  प्लेट  

Question 9 –

Februalry में 28 दिन क्यो होते है ?

 आज जो हम कैलेंडर का प्रयोग करते हैं वह रोमन कैलेंडर पर आधारित है।  पुराने रोमन कैलेंडर में महिनों की शुरूआत मार्च माह से होती थी और पूरे वर्ष 304 दिन का होता था और वर्ष में 10 माह होते थे । और बाद में इस कैलेंडर में सुधार हुआ और दो महीने जनवरी और फरवरी को जोड दिया गया और वर्ष 12 माह 355 दिन हो गये ।  लेकिन यह कैलेंडर भी सही सावित नहीं हुआ कुछ त्‍योहार इस कैंलेडर के अनुसार सही समय पर नहीं आये तो इस कैंलेडर में और भी सुधार किया गया और इन्‍हीं त्‍योहारों की तारीख सही करने के लिए फरवरी माह से दो दिन कम कर दिये गये ।  और वर्ष में 365 हो गये और यह कैलेडर पृथ्‍वी और सूर्य की परिक्रमा क अनुसार बनाया गया।  क्‍योंकि पृथ्‍वी को सूर्य का चक्‍कर पूरा करने में 365 दिन और 6 घंटे का समय लगता है  और प्रत्‍येक वर्ष 6 घंटे बच जाते हैं।  और यही 6 घंटे चार साल बाद 24 घंटे यानि एक दिन बना लेते हैं और इन्‍हें फरवरी माह में जोड दिया जाता है।  यही कारण है कि फरवरी माह में 28 या 29 दिन ही होते हैं।   

Question 10 –

छुट्टी Sunday को ही क्यो होती है ?

 दरअसल आधिकारिक रूप से 10 जून 1890 को रविवार को छुट्टी के रूप में स्‍वीकार किया गया था अग्रेजी हुकूमत के समय मिल मजदूरों को सप्‍ताह में सातों दिन काम करना पडता था तो मजदूरों के नेता नारायण मेघाजी लोखंडे (Narayan Meghaji Lokhande) ने मजदूरों के लिए सप्‍ताह में एक दिन छुट्टी की मांग की शुरूआत में अंग्रेजों ने इस प्रस्‍ताव को मानने से इन्‍कार कर दिया और सात साल लडाई के बाद अंग्रेजी हुकूमत मजदूरों को हफ्ते में एक दिन छुट्टी देने का राजी हो गई और साथ ही दोपहर को आधे घंटे की भोजन करने की छुट्टी भी मिल गई  क्‍योंकि सप्‍ताह का आखिरी दिन रविवार होता है और साथ ही रविवार ईसाइयों के लिए गिरिजाघर जाकर प्रार्थना करने का दिन होता है इसलिए रविवार के दिन को छुट्टी का दिन माना गया यही कारण है कि रविवार के दिन छुट्टी मनाई जाती है

वही पश्चिमी देशों से लेकर अधिकतर देशों में संडे को ही वीकऑफ मनाया जाता है। यानि कि लोग सैटरडे को वीकएंड इंज्‍वाय निकल सकते हैं। पारंपरिक क्रिश्चियन कैलेंडर के मुताबिक संडे हफ्ते का पहला दिन होता है, जबकि International Organization for Standardization ISO 8601 के अनुसार संडे सप्‍ताह का सातवां और अंतिम दिन होता है। तभी इस दिन ऑफिसेज में छुट्टी रखी जाती है।  

तो यह थे आज के 10 अजब गज़ब सवाल जिनका जवाब आप अब जान गए होंगे ।

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