भगवान् को किसने बनाया ?

भगवान् को किसने बनाया ?

यह सवाल लगभग हर तर्क करने वाले व्यक्ति के मन में आता है कि हमें भगवान ने बनाया तो फिर भगवान् को किसने बनाया ?   इसलिए इसपर मैं आज अपनी राय रख रहा हूँ, बाकी यह सवाल ही ऐसा है जिसके जवाब का तो कभी अंत नहीं होगा पर जो मैं लिख रहा हूँ यह मेरी व्यक्तिगत सोच है, फिर भगवान् को मानना या न मानना वह आपके ऊपर निर्भर है।

भगवान को किसने बनाया ?

भगवान् को किसने बनाया ?

विज्ञान का यह मानना है कि इस ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति अपने आप हुई है यानि विज्ञान की माने तो इस सृष्टि की उत्पत्ति में भगवान् का कोई हाथ नहीं है भगवान् का अस्तित्व है ही नहीं, सब कुछ प्रकृति अपने आप कर रही है। लेकिन विज्ञान के इस नियम को पूरी तरह से ना तो सही ठहराया जा सकता है और न ही गलत। वह क्यों ?  मैं एक उदहारण से समझाता हूँ।

मानो कभी आप अपने घर के बाहर खड़े होकर अपने घर को देख रहे हो फिर एक व्यक्ति आता है और आपसे कहता है आपके घर को किसी ने नहीं बनाया यह अपने आप ही बन गया था। तो आपका जवाब निश्चित ही यह होगा कि नहीं इसको किसी ने बनाया है यह अपने आप नहीं बना। अब अगर सामने वाला आपसे कहे की साबित करो कि यह किसी ने बनाया है।  तो सबसे पहली चीज बात जो  दिमाग में आएगी वह होगी घर की व्यवस्था यानी arrangement . आप  देखते हैं कि

  • घर को मजबूत बनाने के लिए पहले घर की नींव रखी गयी।
  • उसकी दीवारों को सीधा बनाया गया ताकि घर टिका रहे।
  • फिर धूप और बारिश से बचने के लिए उसपर एक छत भी रखी गयी।
  • उसमें दूसरी मंजिल या छत पर जाने के लिए सीढियाँ भी लगायी गयीं।
  • अंदर बाहर जाने के लिए दरवाजे बनाये गए।
  • रौशनी  के लिए खिड़की भी बनायीं गई।
  • और इसी तरह किचन, शौचालय, बैडरूम, गेस्ट रूम, आदि।

इस व्यवस्था  देखकर तो आप 100% दावे के साथ कहेंगे, कि यह घर निश्चित ही किसी के द्वारा बनाया गया है। अब जरा प्रकृति की तरफ देखते हुए इसका विश्लेषण करते हैं

  • इंसानो सहित समस्त जीव जंतु-ज़िंदा रहने के लिए  Oxygen लेते हैं और Carbon Dioxide छोड़ते हैं और वही पेड़-पौधे ज़िंदा रहने के लिए  Carbon Dioxide लेते हैं और Oxygen छोड़ते हैं।  और धरती पर पेड़ पौधे और जीव जन्तुओ की कमी नहीं है। तो यह  व्यवस्था किसने की ?
  • एक बच्चा माँ के पेट में 9 महीने की प्रोसेस में अपने आप बनता जाता है यह बाकि जीव जन्तुओ में भी लागू होता है भले ही गर्भ धारण का समय कम ज्यादा हो सकता है।  लेकिन किसी भी जीव की संरचना बहुत जटिल होती है।
  • जब बच्चा पैदा होता है तो वह तुरंत ही अपनी माँ का दूध पीने लग जाता है जबकि बच्चे को क्या पता कि दूध क्या होता है भूख क्या होती है और उसे क्या करना है। लेकिन फिर भी वह दूध पीता है जैसे किसी ने उसे सिखाया हो।  क्या यह अपने आप सम्भब है ?
  • हमारी धरती अपनी धुरी पर घूमती है है जिस से दिन रात होते हैं, जिस से हम काम और आराम दोनों कर पाते हैं।
  • हमारी धरती 23.5 degrees झुकी हुई है और सूर्य के चारो और  चक्कर लगाती है जिस से मौसम बदलते हैं और धरती में  पेड़ पौधों में नयी फुहार आती है और फूल खिलने लगते हैं।
  • अगर पृथ्वी थोड़ा सा सूर्य के ज्यादा नजदीक होती तो समस्त जीव-जंतु पेड़ पौधे गर्मी से ही मर जाते, और अगर ज्यादा दूर होती तो हम ठण्ड से मर जाते। लेकिन यह exact अपनी सही Position पर है।
  • अगर चाँद न होता तो शायद पृथ्वी की स्पीड पर फर्क पड़ता जिस से जीवन सम्भव् नहीं हो पता और न ही हमको रात की रौशनी का कोई श्रोत मिलता।
  • ब्रह्माण्ड में असंख्य खगोलीय पिंड इधर उधर भटकते रहते हैं और अगर कोई खगोलीय पिंड धरती पर गिरता है तो धरती पर गिरने से पहले ही वह धरती के वातावरण में घर्षण के कारण जल जाता है। जैसा कि NASA के Columbia space shuttle STS-107  के साथ हुआ था जो पृथ्वी के वातावरण को नहीं झेल सका और उसमे हमारी भारत की बेटी कल्पना चावला के साथ अन्य 6 क्रू मेंबर आकाश में जी जलकर राख हो गए थे। पढ़ें कल्पना चावला की जीवनी।
  • पेड़ो पर फल फूल अपने आप लगना, बारिश का होना।
  • जीव जन्तुओ के अंदर चेतना (Consciousness) का होना।

इसके अलावा और भी इतनी सारी बातें हैं, जो आपको यह मानने को मजबूर कर देगी की प्रकृति अपने आप काम तो कर रही है, लेकिन इसका ताल-मेल अपने आप नहीं बैठा है बल्कि  किसी के द्वारा इस व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया है। अब ऊपर लिखी हुई बातो को ध्यान में रखते हुए और इन पर गौर करते हुए आप खुद सोच सकते हैं कि प्रकृति अपने आप बनी या इसको बनाया गया है। अब अगर आपका मन यह जवाब देता है कि ये सब अपने आप चल रहा तो फिर तो बात यही पर खतम हो जाती है। लेकिन अगर आपका मन कहता है कि इस प्रकृति को बनाया गया है तो फिर उस बनाने वाले को ही हम भगवान्, ईश्वर या परमात्मा कहते हैं।अब सवाल यह आता है कि

भगवान् ने हमें और इस प्रकृति को बनाया लेकिन भगवान् को किसने बनाया ?

वेद और पुराणों के अनुसार बनाया उसे जाता है जिसमें बनावट हो। ईश्वर अर्थात भगवान में कोई बनावट ही नहीं तो उन्हें कौन बनाएगा। आप ब्रह्मांड में किसी भी वस्तु को देख लीजिए हर बनी हुई वस्तु में आपको बनावट दिखाई देगी, कला दिखाई देगी, इसलिए उसका कोई कलाकार भी होगा। जब ईश्वर निराकार है और ईश्वर में कोई बनावट ही नहीं है तो उन्हें बना हुआ या पैदा हुआ कैसे माना जा सकता है। अगर मैं आपसे पूछूं कि एक शर्ट को किसने बनाया? तो आप कहेंगे दर्जी ने बनाया है। आप यह नहीं कहेंगे कि लोहार ने बनाया है। क्योंकि शर्ट में जो बनावट दिखती है, जो कला दिखती है, उसका कलाकार दर्जी है लोहार नहीं। यानी कि कला से कलाकार का पता चलता है। और हमारे वेदो में और भगवद्गीता में भी ईश्वर को निराकार बताया गया है।  और तर्क की दृष्टि से भी हम इस बात को समझ सकते है कि जो निराकार है वह हर वक़्त हर जगह हर स्थिति में मौजूद हो सकता है लेकिन जो साकार है वह हर वक़्त हर जगह मौजूद हो ही नहीं सकता यह संभव ही नहीं है अतः मेरे दृष्टिकोण से वेद और भगवद्गीता में बिलकुल सही बताया गया है। और जब परमात्मा यानी ईश्वर निराकार है उसमें कोई बनावट ही नहीं है, उसमें कोई कला ही नहीं है, किसी की कला उसमें दिखाई नहीं देती तो उसका कोई कलाकार कैसे हो सकता है। इसलिए ईश्वर को किसी ने नहीं बनाया है वह हमेशा से हैं।

और ईश्वर के लिए जीना ही सर्वोत्तम जीवन कहा गया है,  ईश्वर के लिए जीना मतलब प्रकृति के लिए जीना इसलिए पेड़ पौधे लगाएं, प्रकृति को दान करें , गरीबो की सहायता करें, किसी अंधे को आप सड़क पार करा लोगे तो आपको अंदर से एक अलग ही ख़ुशी मिलेगी, इसी प्रकार जब हम धरती में एक बीज बोते हैं तो  धरती हमें पूरा पेड़ दे देती है यानी की हम प्रकृति को एक बीज देते हैं वो हमें पूरा पेड़ दे देती है इसी प्रकार आपकी ख़ुशी कई गुना बढ़ जाएगी अगर आप किसी को ख़ुशी देंगे।  अगर आप किसी की मदद करेंगे तो आपको भी बहुत मदद मिलेगी।  यह प्रकृति (ईश्वर) का नियम है। इसलिए इसको समझने की कोशिश करें। प्रकृति द्वारा बनायी गयी एक बहुत खूबसूरत  रचना का उदहारण नीचे देख सकते हैं।

भगवान् को किसने बनाया ?
ईश्वर की एक खूबसूरत रचना, क्या यह अपने आप संभव हो सकता है ?

दोस्तों भगवान् को किसने बनाया ? सवाल पर मैंने अपनी व्यक्तिगत राय और अपना दृष्टिकोण रख दिया आपका इस बारे में क्या विचार है, और आप क्या सोचते हैं कमेंट में जरूर बताये।

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