उत्तराखंड CM त्रिवेंद्र सिंह रावत बायोग्राफी |Trivendra singh rawat biography hindi

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uttarakhand CM Trivendra Singh Rawat biography in hindi
त्रिवेंद्र सिंह रावत

नाम-त्रिवेन्द्र सिंह रावत  (Trivendra singh rawat)

जन्म– 20 दिसम्बर 1960

स्थान -खैरासैण, पौड़ी गढ़वाल ,उत्तराखंड

राष्ट्रीयता-भारतीय

राजनितिक दल-भारतीय जनता पार्टी (BJP)

उपलब्धि-सांसद,विधायक,कृषिमंत्री, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री (18मार्च  2017)

त्रिवेन्द्र सिंह रावत Trivendra singh rawat


मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी का जन्म 20 दिसम्बर 1960 को खैरासैंण,पौड़ी गढ़वाल,उत्तराखण्ड में हुआ था।इनकी माता का नाम व पिता का नाम है। इनके पिता का नाम श्री प्रताप सिंह रावत व माता का नाम श्रीमती बोद्धा देवी रावत, तथा पत्नी का नाम श्रीमती सुनीता रावत है।वे राजपूत परिवार से ताल्लुक रखते हैं।वे अपने भाई बहनो में नौवें व सबसे छोटे बेटे हैं ।रावत ने बिराल कैंपस (hemwati nandan bahuguna garhwal university )से पत्रकारिता (Journalism) में master Degree हासिल की। ।1979 में उन्होंने रास्ट्रीय स्वयं सेवक join किया और फिर 1993 में वे भाजपा में शामिल हो हुए उनके कार्यो को देखते हुए उत्तरखंड भाजपा ने उन्हें 18मार्च  2017 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कमान सौंप दी आइये जानते हैं रावत के बारे में जरा करीब से खैरासैंण,पौड़ी गढ़वाल,उत्तराखण्ड में हुआ था।

बचपन |childhood 

श्री प्रताप सिंह रावत और बोद्धा देवी दम्पति के घर में जन्मे त्रिवेंदर सिंह रावत का जन्म  20 दिसम्बर 1960 को ग्राम-खैरासैंण, ब्लॉक-जहरीखाल, जिला-पौड़ी गढ़वाल,उत्तराखण्ड में हुआ था।बचपन  में वह शांत स्वभाव के ही इन्सान थे।उनके माता पिता ने कभी नहीं सोचा होगा कि  कभी इन पहाड़ो से निकल कर उनका बेटा BJP के रास्ट्रीय सचिव से लेकर झारखण्ड का राज्य प्रभारी  से लेकर और उत्तरखंड के कृषि मंत्री,और मुख्यमंत्री जैसी उपलब्धियां हासिल करेगा ।रावत ने एक आम इंसान की तरह ही उन पहाड़ो में अपनी पढाई लिखाई पूरी करी लेकिन ठानी सबसे अलग बनने की थी जो उन्होंने कर भी दिखाया ।

शिक्षा |Education 

रावत की प्रारंभिक शिक्षा अपने गाव खैरासैण में ही हुई तथा High school की परीक्षा उन्होंने पौड़ी जिले के सतपुली इंटर कॉलेज से प्राप्त की। 12वीं की परीक्षा देंने के लिए Trivendra singh rawat एकेश्वर इंटर कॉलेज आ गए और वही से intermediate complete किया ।आगे की उच्च सिक्षा के लिए रावत जयहरीखाल डिग्री कॉलेज आये जहाँ से उन्होंने अपनी graduation पूरी की, तथा स्नात्ताकोर की डिग्री उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर से प्राप्त की ।

सन 1985 में trivendra singh rawat  देहरादून चले गये और वही उन्होंने दक्षिणपंथी विचार धारा की सबसे बड़ी संस्था आरएसएस को ज्वाइन किया और संघ प्रचारक की भूमिका निभाते हुए सुचारू रूप से काम करना शुरू किया ।देहरादून में संघ प्रचारक की भूमिका निभाने के बाद Trivendra singh rawat को मेरठ का जिला प्रचारक बनाया गया। फिर 1993 में वे भाजपा के आयोजक सचिव हुए और भाजपा के वरिष्ट नेता लाल जी टंडन के साथ काफी लम्बे समय तक काम किया, इस तरह उन्होंने भाजपा में अपनी एक अच्छी पहचान बना ली थी, उन्ही दिनो उत्तर प्रदेश से अलग होने के लिए उत्तराखंड अपने पहाड़ी इलाके के विकास के हक के लिए अन्दोलंन कर रहा था जिसमे त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी अपना पूरा योगदान दिया ।आखिर कार 9 नवम्बर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराँचल राज्य की स्थापना हुई । और उत्तराखंड की अपनी अलग मंत्रिमंडल कैबिनेट गठित हुयी । trivendra singh rawat ने मेरठ जिले में  RSS में अपनी सक्रिय भुमका निभाई,लम्बे समय तक लाल जी टंडन के साथ काम किया ये सब देखते हुए साल 2000 में Bhartiya Janta Party ने उन्हें उत्तराखण्ड का पार्टी अध्यक्ष बना दिया।भारतीय जनता पार्टी में तो वे पहले ही शामिल हो चुके थे लेकिन असली सफ़र उनका अब शुरू हुआ था ।आइये अब जानते हैं उनके राजनैतिंक सफ़र के बारे में ।

राजनैतिंक सफ़र | Political Journey 

जब सन 2000 में उत्तराखंड अलग राज्य बना तो trivendra singh rawat को उत्तराखण्ड  राज्य का भाजपा अध्यक्ष तथा उत्तराखंड का कृषि मंत्री बनाया गया ।साल 2002 में उन्होंने डोईवाला से पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा और पहली बार में ही जीत हासिल की ।2007 में वे फिर विधानसभा चुनाव के लिए election में खड़े हुए और इस बार भी डोईवाला की जनता ने उनको  विधायक के रूप में चुन लिया ।फिर साल 2012 में उन्होंने रायपुर से चुना लड़ा लेकिन इस बार रायपुर में congress उनपर भारी पड़ी और वे हार गए ।फिर साल 2012 में जब रमेश पोखरियाल निशंक ने जब डोईवाला सीट छोड़ी तो Rawat एक बार फिर से डोईवाला सीट से लडे मगर congress के हीरा सिंह बिष्ट उनपर भारी पड़े और उनको फिर से एक बार हार का मुह देखना पड़ा ।

फिर मार्च 2013 में भारतीय जनता पार्टी ने उनको राष्ट्रीय सचिव के रूप में नियुक्त किया और साथ ही 2014 में झारखण्ड का राज्य प्रभारी भी बनाया ।इनके दृढ सहस और लगन से काम करने की इच्छा को देखकर अमित शाह ने उन्हें उत्तर प्रदेश के चुनाव के दौरान अपने साथ रखा इस दौरान इन्होने उत्तर प्रदेश के 73 प्रत्याशियो को जिता कर भेजा था, जिस से वे अमित शाह और पार्टी  के पसंदीदा और विश्वशनीय नेता बन गए ।

फिर उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में वे फिर डोईवाला विधान सभा से हीरा सिंह बिष्ट के खिलाफ election में  खड़े हुए और इस बार उन्होंने हीरा सिंह बिष्ट को करारी शिकश्त दी ।

उत्तराखंड देवभूमि से Trivendra singh rawat ने R.S.S  और इस संघ से जुडी पार्टी भाजपा में अपने हर कदम को तह दिल से निभाने की कोशिश की और हर बार कामयाबी की सीढियां चढ़ते गए जिस से वे प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह की नजरो में उपर उठते गए। आखिरकार उनकी इस मेहनत का फल भारतीय जनता पार्टी ने उनको 18 मार्च  2017 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनाकर दे ही दिया आज त्रिवेन्द्र सिंह रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं ।

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धन्यवाद

About kailash

मेरा नाम कैलाश रावत है और मैं hindish.com का एडमिन व लेखक हूँ और इस ब्लॉग पर निरंतर हिन्दी में ,टेक,टिप्स,जीवनियाँ,रहस्य,व अन्य जानकारी वाली पोस्ट share करता रहता हूँ, मेरा मकसद यह है की जैसे बाकि भाषाए इन्टरनेट पर अपनी एक अलग पह्चान बना रही हैं तो फिर हम भी अपनी मात्र भाषा की इन्टरनेट की दुनियां में अलग पहचान बनाये न की hinglish में ।
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