टोर ब्राउज़र ( Tor Browser ) क्या है और हैकिंग के लिए क्यों किया जाता है इसका यूज़

टोर ब्राउज़र क्या होता है हिंदी में Tor browser kya hota hai in hindi

नमस्कार दोस्तों इस से पहले वाली पोस्ट में मैंने आपको बताया था कि हैकिंग क्या होती हैं पूरी जानकारी जिसमें मैंने हैकिंग की पूरी जानकारी दी थी, और आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ फिर एक नयी जानकारी जिसमें मैं आपको टोर ब्राउज़र ( Tor Browser ) क्या है और हैकर इसको क्यों इस्तेमाल करते हैं के बारे में बताऊंगा लेकिन उस से पहले हम इन्टरनेट से जुडी कुछ बेसिक जानकारियों के बारे में बात करेंगे जिस से आपको समझने में आसानी होगी

तो दोस्त जब भी किसी नार्मल ब्राउज़र से इन्टरनेट चलाते हैं तो हमारी पूरी ब्राउज़िंग हिस्ट्री रिकॉर्ड होती रहती है अपने खुद ये बात Notice की होगी की जब भी आप गूगल पर कोई प्रोडक्ट सर्च करते हैं और उसके थोड़ी देर बाद अगर आप फसाबूक ओपेन करेंगे तो आपको अपनी फेसबुक वाल पर वही ऐड दिखने को मिल जायेंगे जिसके बारे में अपने गूगल पर सर्च किया था मनो आपको मोबाइल चाहिए और अपने गूगल पर लिखा samsung galexy edge तो आपको अपनी फेसबुक samsung galexy edge के साथ साथ इसी तरह के नये नए मोबाइल के एड दिखना शुरू हो जायेगा …और सिर्फ यही नहीं अगर मोबाइल सर्च करने के बाद आप किसी भी वेबसाइट को ओपन करंगे तो भी आपको वह मोबाइल के एड दिखने लग जायेगें

पढ़ें – वेब ब्राउज़र क्या होता है ?

आप चाहे UC ब्राउज़र यूज़ कर रहे हो या गूगल क्रोम या और कोई  इसका यही तो मतलब हुआ न की हर  ब्राउज़र आपकी एक्टिविटी को समझ रहा है उसको रिकॉर्ड कर रहा है की आप इन्टनेट पर क्या सर्च कर रहे हो और आपको  क्या पसंद है आपको कैसे एड दिखने हैं और इसी तरह से अगर आप नार्मल ब्राउज़र से हैकिंग करेंगे तो आप आसानी से पकडे भी जाओगे क्योंकि आपका सारी एक्टिविटी रिकॉर्ड हो रही है आपकी IP ओपन है जिसको trace करना बहुत ही आसान होगा …लेकिन आप इन्टरनेट पर क्या सर्च कर रहे हैं आप कहा से इन्टरनेट यूज़ कर रहे हैं आपकी IP क्या है इन सबसे बचने के लिए ही एक ब्राउज़र बनाया गया है जिसका नाम है टोर ब्राउज़र ( Tor Browser ) जहा आपकी कोई इनफार्मेशन लीक नहीं होती और इसीलिए Hackers Tor Browser का इस्तेमाल करते हैं तो   चलो जानते हैं की आखिर टोर ब्राउज़र ( Tor Browser ) क्या है 

टोर ब्राउज़र ( Tor Browser ) क्या है ?


जो लोग अभी इन्टरनेट की दुनिया में नए आये हैं उनको तो इस बात से कोई मतलब नहीं होता की कोई उनको trace कर रहा
हैं लेकिन आजकल के युवा पीढ़ी internet के मामले में बहुत आगे बढ़ चुकी है और हज़रो काम अब ऐसे होते हैं जिसके लिए
हमको इन्टरनेट की जरूरत पड़ती है और उनके बहुत उलटे सीधे काम ऐसे भी होते हैं जिसके लिए हम चाहते हैं कि कोई हमें trace
न कर पाए चाहे हम इन्टरनेट पर जो भी search करे
वैसे तो अपनी  लोकेशन VPN (vertual privet network)  से छुपा सकते हैं लेकिन    क्योंकि vpn हमरी location को हाईड करने हमें दूसरी कंट्री की लोकेशन provide करता है लेकिन यह इन्टरनेट पर उतने अच्छे से हमारी पहचान नहीं छुपा सकता जितना टोर ब्राउज़र, अब आप सोच रहे होंगे की ऐसा क्यों ?  तो जानने के लिए आगे  पढ़ते रहे,  तो चलिए अब टोर ब्राउज़र ( Tor Browser ) के बारे में बात करते हैं की यह टोर ब्राउज़र ( Tor Browser ) कैसे काम करता है

सबसे पहले मैं आपको बताता हूँ की Tor browser की फुल फॉर्म क्या होती है , Tor की फुल फॉर्म है The Onion Router .
The Onion Router
एक ऐसा ब्राउज़र है जिस से हम सभी वेबसाइट को एक्सेस कर सकते हैं और हमारी पहचान भी गुप्त रहती है हमको इन्टरनेट पर कोई भी हैकर trace नहीं कर सकता यही वजह है की हैकर लोग इस ब्राउज़र का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं ताकि वो कुछ गलत करे तो पकडे न जाये . अब मैं आपको बताता हूँ की टोर ब्राउज़र ( Tor Browser ) कैसे काम करता हैं जिस से कोई आपको ट्रेस नहीं कर पता और VPN और टोर  ब्राउज़र में क्या अंतर है 

टोर ब्राउज़र और VPN में क्या अंतर है  ?


तो दोस्तों यहाँ पर मैं आपको बता दूँ की जो VPN यानी vertual private network होता है वह हमरी IP address को छुपकर हमको दूसरी IP दे देता है जिस से आप इंडिया में बैठ कर भी खुद को अमेरिका का शो करवा सकते हैं और जो भी इंसान आपकी IP को ट्रैक करेगा वो सोचेगा की आप अमेरिका के हो  लेकिन VPN में क्या होता है कि इसमें IP fixed रहती है यानि अगर आपने अपनी IP इंडिया से बदल कर अमेरिका करते हो तो फिर इन्टरनेट ये समझता है की आप अमेरिका से इन्टरनेट चला रहे हैं इसी तरह से आप आपकी IP बदल कर अपनी लोकेशन बदल सकते हैं लेकिन कितनी IP बदलेंगे आप एक दो तीन चार या पांच या छे हर वक़्त तो आप IP बदल नहीं सकते तो इसलिए ये उतना सेफ नहीं है

जाने IP adress क्या होता है 

और वही हम बात करते हैं Tor Browser की तो Tor Browser में आपकी IP हर सेकंड  खुद बदलती रहती है क्योंकि टोर ब्राउज़र में इन्टरनेट पर डाटा ट्रान्सफर करते वक़्त डाटा पैकेट अपने आगे और अपने पीछे वाले डाटा पैकेट की ही  इनफार्मेशन रखता है बाकि नहीं तो ऐसे में किसी हैकर को आपको ट्रेस करने  में पापड़ बेलने पड़ जाएँगे और वो आपकी लोकेशन फिर भी नहीं ढूंड पायेगा की आप कहाँ   कहा बैठ कर इन्टरनेट चला रहे हो 

डाटा पैकेट्स क्या होते हैं और इन्टरनेट कैसे काम करता है इसके बारे में आप इन्टरनेट क्या है और कैसे काम करता है वाली पोस्ट पढ़ सकते हैं  तो आइये अब जानते हैं कि

टोर ब्राउज़र ( Tor browser ) कैसे काम करता है ?


VPN और टोर ब्राउज़र वेसे तो एक जैसे ही काम करते हैं लेकिन Tor browser VPN से ज्यादा सिक्योर है और जिन वेबसाइतो पर पाबंधी लगी होती है उनको भी ओपन करने में सक्षम होता है तो आइये जानते हैं की टोर ब्राउज़र कैसे काम करता है .
जैसे हम अपने  कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल में इन्टरनेट चलाने के लिए कोई सा भी   ब्राउज़र    ओपन करते हैं तो वह ब्राउज़र अपने आप हमारी IP detect कर देता है और   उसको हमारी लोकेशन पता लग जाती है जैसे आप google.com लिखेंगे तो नीचे छोटे से शब्दों में हमारी कंट्री का नाम भी लिखा होता है ,  लेकिन The onian browser में ऐसा  नहीं होता क्योंकि यह ब्राउज़र हर सेकंड में अपनी IP बदलता रहता है अब जैसे जिस से किसी भी वेबसाइट को ये पता लगाना बड़ा  मुश्किल हो जाता है की असली IP कोण सी है और बस यही आपकी पहचान छुप जाती है

पढ़ें :- web सर्वर क्या होता है ?

Technically कहू तो Tor browser  एक प्याज की तरह ही multiple layers concept पर काम करता है इसीलिए उन्होंने अपने ब्राउज़र का लोगो भी वैसा ही बनाया है  जैसे आप नीचे दी गयी इमेज Tor के लोगो में देख सकते हैं

टोर ब्राउज़र क्या होता है हिंदी में  Tor browser kya hota hai in hindi
टोर ब्राउज़र

तो दोस्तों जब भी आप टोर ब्राउज़र को ओपन करते हैं और वह पर टाइप करते हैं www.google.com  तो Tor browser  से जो भी Data packets निकलते हैं वो पूरी तरह से encrypted होते हैं और जैसे ही वो Tor नेटवर्क में घुसते हैं तो तब वह अलग अलग जगह पर बाउंस करवाए जाते हैं ताकि उनकी IP बदलती रहे  और  फिर इस बाउंस होते होते वो डाटा पैकेट google.com वेबसाइट तक पहुंचेंगे और फिर वह से डाटा लेकर फिर बाउंस होते होते आपकी वेबसाइट तक पहुंचेंगे तो google.com वेबसाइट तक जाने और वह से डाटा लाने में ही यह 10 बार अपनी IP बदल चुका होता है इसलिए किसी भी वेबसाइट को यही पता लगाना मुश्किल हो जाता है की असली IP कोन सी थी ….और अप हो जाते हैं फिर इन्टरनेट पर anonymous , तो अब बात आती है की हमें Tor browser की जरूरत कब और क्यों पड़ती है 

Tor Browser का जरुरत क्यों होती है ?


अब शायद मझे ये समझाने की जरुरत नहीं पड़ेगी की तोर ब्राउज़र का इस्तेमाल हमें क्यों और कब करना चाहिए क्योंकि उसके बारे में मैंने उपर बता दिया लेकिन फिर भी मैं आपको बता दूँ की Tor browser का इस्तेमाल हमको तब करना पड़ता है जब हम

  • Security & Privacy
  • Secure Communication
  • Data Encryption
  • Anonymous Search

करना चाहते हों जिस से हम सिक्योर और सेफ रहे और यही वजह है जिस से हैकर  पहली The Onian Browser को यूज़ करते हैं तो एक नज़र डालते हैं इस टॉपिक पर भी

Hacker Tor Browser का इस्तेमाल क्यों करते हैं ?


आप  ये मत सोचिये की टोर ब्राउज़र को यूज़ करना बहुत मुश्किल होता है आप  नार्मल ब्राउज़र की तरह ही इसपर सर्च कर सकते हैं बस यहाँ आपकी आइडेंटिटी छुपी रहेगी और आप सेफ रहेंगे और  ज़ाहिर सी बात है कि हर हैकर तो यही चाहेगा की वो इन्टरनेट पर जो भी उल्टा सुल्टा काम करे बस वो पकड़ा न जाये और उसको जेल की हवा न खानी पड़े ….इसलिए अपनी सेफ्टी  और सिक्यूरिटी के लिए  हैकर इसको इस्तेमाल करते हैं और सिर्फ हैकर ही नहीं बल्कि मिलिट्री डिपार्टमेंट, IB,  CBI, साइबर सिक्यूरिटी वाले भी इसका इस्तेमाल करते हैं

Final Words :-


तो दोस्तों अपने इस आर्टिकल में जाना होगा की Tor browser क्या होता है वो कैसे काम करता है और टोर ब्राउज़र  को क्यों इस्तेमाल किया जाता है फिर भी अगर आप कोई सवाल पूछना चाहते हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपना सवाल रखे और अगर आप टोर ब्राउज़र (Tor browser ) के बारे में और कुछ जानते हैं तो भी नीचे लिखें

 

About kailash

मेरा नाम कैलाश रावत है और मैं hindish.com का एडमिन व लेखक हूँ और इस ब्लॉग पर निरंतर हिन्दी में ,टेक,टिप्स,जीवनियाँ,रहस्य,व अन्य जानकारी वाली पोस्ट share करता रहता हूँ, मेरा मकसद यह है की जैसे बाकि भाषाए इन्टरनेट पर अपनी एक अलग पह्चान बना रही हैं तो फिर हम भी अपनी मात्र भाषा की इन्टरनेट की दुनियां में अलग पहचान बनाये न की hinglish में ।
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